Auto Expo 2020 : ई-वाहन : दाम हो कम और बढ़ जाए दम..तब बनेगी बात

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा। Updated Mon, 10 Feb 2020 05:48 AM IST
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Auto Expo 2020: Renault Symbioz
Auto Expo 2020: Renault Symbioz - फोटो : Amar Ujala

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सार

  • ऑटो एक्सपो में इलेक्ट्रिक वाहनों को निहार रहे लोगों ने पूछे जाने पर दी राय   
  • कहा- सरकार को बिक्री बढ़ाने और प्रदूषण कम करने को देनी चाहिए सब्सिडी

विस्तार

साल दर साल प्रदूषण की बढ़ती समस्या को कम करने के लिए ई-वाहन बड़ी उम्मीद माने जा रहे हैं। वहीं, कंपनियां भी इसमें पेट्रोल से काफी कम खर्च का दावा कर रहीं हैं। यही कारण है कि इस बार ऑटो एक्सपो में इलेक्ट्रिक वाहनों की भरमार है। कई कंपनियां दोपहिया वाहनों की बढ़ी रेंज लेकर आईं हैं। इनमें हर तबके लिए वाहन हैं। इनका निजी और व्यावसायिक इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
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इसके बावजूद इलेक्ट्रिक वाहनों की अपेक्षा आज भी लोग पेट्रोल और डीजल वाहनों को खरीदने मेें अधिक दिलचस्पी दिखाते हैं। पहली नजर में इलेक्ट्रिक वाहनों को देखकर लोग तारीफ तो करते हैं। लेकिन, खरीदते समय ई-वाहनों की अनदेखी क्यों करते हैं। इस सवाल का जवाब हासिल करने के लिए अमर उजाला संवाददाता जेपी शर्मा ने लोगों और कंपनी के अधिकारियों से बात की तो अधिकतर का एक जवाब मिला कि ई-वाहनों के दाम कम होने चाहिए। वहीं, वाहनों में पेट्रोल और डीजल गाड़ियों जैसी दम भी होनी चाहिए, तभी बात बन पाएगी। 
देश में नहीं ई-वाहनों की पूरी तैयारी
नोएडा के सेक्टर-74 से ऑटो एक्सपो में आए प्रवीण निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। वह एक पवेलियन पर खड़े होकर ई-वाहन निहार रहे थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहन प्रदूषण रोकते हैं और इनका खर्च भी कम बताया जाता है। इसलिए इन्हें हर कोई खरीदना चाहता है, लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि इन वाहनों के लिए देश में अभी पूरी तैयारी नहीं है तो वह हिचकिचाने लगते हैं। देश में चार्जिंग स्टेशन नहीं हैं। वहीं, इसकी अधिकांश मशीनरी विदेशी रहती है। ऐसे में इसके खराब होने का डर अधिक रहता है। 

कीमत अधिक और दम भी है कम, सरकार दे सब्सिडी
गाजियाबाद के मरियम नगर निवासी विनय शर्मा हुंडई कंपनी में स्पेयर पार्ट्स प्रबंधक हैं। विनय मानते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहन की कीमत अधिक है और इनकी बॉडी आदि में दम भी कम है। इसलिए लोग प्रदूषण की समस्या और कम खर्च आदि को अनदेखा कर पेट्रोल-डीजल के वाहन खरीद लेते हैं। विनय कहते हैं कि ई-वाहन प्रदूषण की समस्या से निजात दिलाते हैं तो निजी वाहनों पर सरकार को सब्सिडी देनी चाहिए। ताकि इसके दाम कम हो सकें। वहीं, कंपनी को इनकी ताकत और बढ़ानी चाहिए।
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मुझे पसंद लेकिन खरीदेंगे मम्मी-पापा 

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