भारत देगा चीन की लिथियम-आयन बैटरी को चुनौती, इलेक्ट्रिक वाहन, मोबाइल के क्षेत्र में होगी क्रांति

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 24 Apr 2020 02:58 PM IST
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Electric car charging (सांकेतिक तस्वीर)
Electric car charging (सांकेतिक तस्वीर)

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सार

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का बाजार बड़ा हो रहा है। लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की तरह आकर्षित हो रहे हैं क्योंकि यह पारंपरिक ईंधन की बजाए बैटरी आधारित वाहन है। इससे तेल और पैसे दोनों की बचत होती है। भारत में गाड़ी खरीदते वक्त माइलेज पर बहुत ध्यान दिया जाता है। इसलिए भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि ये वाहन फुल चार्ज पर कितने किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। लेकिन इस क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। 

विस्तार

ब्रिटेन में सोडियम-आयन सेल्स बनाने वाली कंपनी Faradion Ltd. (फैराडियन लिमिटेड) ने कहा है कि वह भारत में विनिर्माण की संभावनाएं तलाश रही है। निर्माता का कहना है कि पारंपरिक रसायन विज्ञान में सोडियम के साथ कोबाल्ट और लिथियम जैसी महंगी सामग्री की जगह सोडियम-आयन तकनीक उसके बराबर परफॉर्मेंस देती है।
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