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बिहार

शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2019

जनता हमारे साथ थी, हमें ईवीएम से हराया गया, विधानसभा चुनाव बैलेट से हो: तेजस्वी यादव

राष्ट्रीय जनता दल नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को फिर से ईवीएम का मुद्दा उठाया। बापू सभागार में स्वतंत्रता सेनानी, महान समाजवादी चिंतक व नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की पुण्यतिथि पर महागठबंधन द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में बोलते हुए कहा कि अब सभी दलों को मांग करनी चाहिए कि विधानसभा में चुनाव ईवीएम से नहीं बल्कि बैलेट से हो। लोकसभा चुनाव में भी जनता हमारे साथ थी लेकिन ईवीएम से हमें हराया गया है। 

तेजस्वी ने आगे कहा कि अब एकजुट होने और संघर्ष करने का समय है। सभी संस्थाएं एक पार्टी के अंदर काम कर रही हैं। ऐसे में हमारे पास संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं है। एनडीए को हराना है तो सभी दलों को त्याग भी करना होगा। जो दल जहां मजबूत है वह वहां से चुनाव लड़े।

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद ने कभी मनुवादियों से समझौता नहीं किया। हम भी उन्हीं के पुत्र हैं। भाजपा से बात करने की अफवाह सत्ता में बैठे लोग उड़ाते हैं। लेकिन हमने साफ कर दिया है कि भाजपा से समझौता का तो कोई सवाल ही नहीं है। 

रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि महागठबंधन समुद्र मंथन में लगा है। सभी नेता अहं छोड़ने की बात कर रहे हैं। मैं वादा करता हूं कि मंथन में निकले अमृत कोई भी पी ले, हम विष पीने को तैयार हैं। 
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CBSE 2019 बोर्ड परीक्षा में छात्रों को मिले गलत अंक, अब 70 शिक्षकों पर गिरी गाज

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE - Central Board of Secondary Education) की 2019 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में की विद्यार्थियों को गलत अंक दिए गए थे। अब जाकर बोर्ड ने इसके लिए जिम्मेदार शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

ये गड़बड़ियां सीबीएसई के पटना स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत दिए गए केंद्रों पर कॉपियों की जांच में पाई गई। इस क्षेत्रीय कार्यालय के तहत बिहार और झारखंड दो राज्य आते हैं। अब सीबीएसई पटना क्षेत्रीय कार्यालय ने उन सभी संबद्ध स्कूलों को इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार शिक्षकों को निलंबित करने का निर्देश दिया है। ऐसे कुल 70 शिक्षक व को-ऑर्डिनेटर हैं जिन्होंने कॉपियों की जांच की और अंक अपलो़ड किए।

बोर्ड के एक अधिकारी ने इस संबंध में कहा है कि यह शायद पहली बार है जब बोर्ड ने परीक्षकों के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई की है। जिन स्कूलों में ये शिक्षक पढ़ा रहे हैं, उन सभी को नोटिस भेजा गया है कि वे उन्हें 15 या 30 दिनों के लिए निलंबित करें। स्कूलों को नोटिस मिलने के 10 दिनों के अंदर यह कार्रवाई करनी है।

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राबड़ी देवी ने नीतीश को दी गद्दी छोड़ने की सलाह, तेजस्वी ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया लापता

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बाढ़ के बाद राज्य में डेंगू फैलने को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा है। राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार को सीएम की गद्दी छोड़ने की सलाह दी है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता संरक्षित अपराधियों की संख्या बढ़ रही है। 

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि अगर सत्ता नहीं संभल रही है तो नीतीश को गद्दी छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध-अत्याचार हो रहे हैं और सरकार कुर्सी के झगड़े में फंसी हुई है। इधर दूसरी ओर तेजस्वी यादव ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री, बीमारी से परेशान बिहार को छोड़कर एक बार फिर लापता हो गए हैं। 

उन्होंने कहा कि 15 जिलों में बाढ़ और जलजमाव के बाद महामारी का खतरा बढ़ गया है। लोग डेंगू से पीड़ित हैं। चिकनगुनिया, मलेरिया और डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का कहीं पता नहीं है। 

तेजस्वी ने सरकार से आग्रह किया कि सभी प्रकार के सुरक्षात्मक उपाय कर बीमारियों के समुचित इलाज की व्यवस्था की जाए।
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बिहार: बाढ़ को लेकर सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी के खिलाफ शिकायत

बिहार में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद जलजमाव और बाढ़ जैसे हालात को लेकर पटना हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) के समक्ष दाखिल की गई इस शिकायत में आठ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
 

मालूम हो कि सितंबर के आखिरी सप्ताह में बिहार में भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई थी। 27 से 30 सितंबर तक हुई मूसलाधार बारिश से 15 जिलों में बाढ़ की स्थिति हो गई थी। पटना में पंप मंगवाकर कई इलाकों से पानी निकाला गया। 

सरकार के प्रयासों के बावजूद बारिश के बाद पैदा हुए बाढ़ के हालात से लोग अबतक पूरी तरह नहीं उबर पाए हैं। गंदे पानी के जमाव के बीच डेंगू जैसी बीमारी फैलने लगी और लोग हताहत भी हुए। 

वहीं दूसरी ओर इस हालात की समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उच्च स्तरीय बैठक की। हालात के लिए जिम्मेदारी तय करते हुए उन्होंने इंजीनियरों और अन्य कर्मियों पर कार्रवाई के अलावा कई आईएएस अधिकारियों को भी इधर से उधर कर दिया। 


 
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nitish kumar and sushil modi nitish kumar and sushil modi

जदयू संग मतभेद की अटकलों पर अमित शाह ने लगाया विराम, कहा- बिहार में नीतीश ही एनडीए के नेता

बिहार की राजनीति में भाजपा और जदयू नेताओं के बीच बयानी हमलों के बाद एनडीए गठबंधन में लगाई जा रही मतभेद की अटकलों पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय  गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू में किसी प्रकार का मतभेद नहीं है और नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। 

शाह ने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव हम साथ मिलकर लड़ेंगे और जदयू अध्यक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेगें। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बिहार में एनडीए गठबंधन अटल है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगें और बिहार में वर्तमान नेतृत्व में।

दोनों दलों के बीच मतभेदों पर शाह ने कहा कि किसी भी गठबंधन में मतभेद और मनभेद होता रहता है। गठबंधन में हमेशा से ही कुछ न कुछ मनमुटाव रहा है और इसे एक अच्छे गठबंधन का मानदंड माना जाना चाहिए। बस मतभेद को मनभेद में नहीं बदलना चाहिए।

मालूम हो कि बिहार में भारी बारिश के बाद बाढ़ और जलजमाव की स्थिति के बाद भाजपा और जदयू के नेताओं के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई थी। नीतीश सरकार ने इसे प्राकृतिक आपदा बताया था, जबकि केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने अपनी ही सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने इसके लिए सीधे नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया था। 

इसके बाद राज्य सरकार में मंत्री अशोक चौधरी से लेकर महासचिव केसी त्यागी तक ने गिरिराज के बयान की आलोचना करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से संज्ञान लेने की उम्मीद जताई थी। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने बिहार में जदयू को 'छोटा भाई' बने रहने की सलाह दी थी।

दोनों ही पार्टी के नेताओं के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई थी और गठबंधन में टूट की अटकलें लगाई जा रही थी। अमित शाह ने गुरुवार को इन अटकलों को खारिज कर दिया।
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बिहारः पटना कमिश्नर के पद से हटाए गए आनंद किशोर, चैतन्य प्रसाद पर भी गिरी गाज

बिहार की राजधानी पटना में भारी जलजमाव को लेकर अफसरों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के कमिश्नर आनंद किशोर को पद से हटा दिया है। उन्हें अब नगर विकास विभाग के साथ पटना मेट्रो की नई जिम्मेदारी मिली है। पटना के प्रमंडलीय आयुक्त का प्रभार परिवहन सचिव संजय अग्रवाल को दिया गया है। 

बुडको के एमडी अमरेंद्र प्रसाद सिंह को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उनके जगह मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात युवा आइएएस अधिकारी चंद्रशेखर सिंह की वहां पोस्टिंग की है।वर्तमान में चंद्रशेखर सिंह मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर सचिव के पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद को भी हटा दिया गया है।    

बता दें कि सोमवार को मुख्यमंत्री ने पटना के जलजमाव पर चार घंटे तक बैठक की थी। बुडको के 11 वरिष्ठ अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। साथ ही पटना नगर निगम के दो दर्जन से अधिक अधिकारियों पर कार्रवाई की गई गई थी। 

चैतन्य प्रसाद को विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। वे संसदीय कार्य विभाग का अतिरिक्त काम भी देखेंगे। राज्य योजना पर्षद के परामर्शी डॉ. दीपक प्रसाद को मंत्रिमंडल सचिवालय का प्रधान सचिव बनाया गया है।

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के विशेष सचिव प्रदीप कुमार झा को सूचना एवं जन संपर्क विभाग  का निदेशक बनाया गया है। हरजोत कौर बम्हरा जो विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के साथ ही खान एवं भू-तत्व विभाग की प्रधान सचिव थी वे अब सिर्फ खान एवं भू-तत्व विभाग के प्रधान सचिव का काम देखेंगी।  

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पीएमसीएच में डेंगू मरीजों से मिलने गए केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे पर युवक ने फेंकी स्याही

बिहार की राजधानी पटना में स्थित पीएमसीएच में डेंगू मरीजों से मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे की सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली है। केंद्रीय मंत्री जब मरीजों से मिलकर अस्पताल से बाहर निकल रहे थे, तभी गेट के पास एक युवक ने मंत्री के चेहरे पर काली स्याही फेंक कर भाग निकला। 



दरअसल, केंद्रीय मंत्री मीडिया से बातचीत कर रहे थे, तभी एक युवक मंत्री के करीब आया और काली स्याही को उनके चेहरे और उनकी गाड़ी पर फेंककर भाग गया। मंत्री और सुरक्षाकर्मी जब तक उसे पकड़ने के लिए कोई कदम उठाते वह तेज रफ्तार से भाग खड़ा हुआ। सुरक्षाकर्मियों ने उसे दौड़कर पकड़ना चाहा, लेकिन युवक तब तक उनकी पहुंच से दूर जा चुका था। 

अश्विनी चौबे ने घटना को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ये उन लोगों का काम है जो गंदी राजनीति करते हैं। पता नहीं, उन्हें इससे क्या मिलेगा? मंत्री का इशारा जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव की तरफ था। 

केंद्रीय मंत्री पर काली स्याही फेंकने वाले युवक ने एक निजी चैनल को अपना नाम निशांत झा बताया है और कहा है कि वह जनअधिकार पार्टी (जाप) का युवा प्रदेश सचिव है। उसने कहा कि वह जलजमाव से लोगों की परेशानी देखकर परेशान था, इसलिए गुस्से में आकर मंत्री पर स्याही पर फेंकी। उसने कहा है कि यह उसने स्वंय किया है, उसे किसी ने यह करने के लिए नहीं उकसाया था। 

बता दें कि बिहार की राजधानी पटना में जलजमाव को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। लोगों ने सरकार और मंत्रियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।  
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पटना: डेंगू से पुलिसकर्मी के बेटे की मौत, 30 दरोगा और सिपाही भी पीड़ित

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे पर फेंकी गई स्याही
बिहार में आई बाढ़ पर जहां सियासी माहौल गर्म है और राजनैतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, वहीं बीमारियों के फैलने की समस्या भी विकराल रूप लेती जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रदेश में डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। रविवार को जहां पुलिस लाइन में तैनात एक पुलिसकर्मी के सात साल के बेटे की डेंगू से मौत हो गई। वहीं कई अन्य पुलिसकर्मी और उनके परिजन भी डेंगू की चपेट में हैं।

जानकारी के अनुसार, मूलरूप से मधुबनी के कुशौल निवासी सिपाही मनीष झा पुलिस लाइन में तैनात हैं। वह अपने परिवार के साथ मंदिरी के छक्कन टोला में रहते हैं। गत रविवार डेंगू से पीड़ित उनके सात साल के बेटे अभिनव कुमार की मौत हो गई है। अभिनव शेखपुरा केंद्रीय विद्यालय में कक्षा एक का छात्र था। वह पिछले चार दिनों से बीमार था। अभिनव से छोटी एक बहन खुशी है।

परिजनों के अनुसार, डेंगू से पीड़ित अभिनव का मैनपुरा स्थित एक अस्पताल में इलाज कराया था। इसके बाद उसे इनकम टैक्स के पास स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। रविवार की रात करीब दस बजे उसकी तबीयत अचानक से और ज्यादा बिगड़ गई। ऐसे में डॉक्टरों ने उसे राजापुर पुल स्थित एक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, बांस घाट पर अभिनव का दाह संस्कार करने के बाद सिपाही मनीष अपने पूरे परिवार को लेकर मधुबनी चले गए हैं। अभिनव के चाचा नितेश ने बताया कि शुरू में डॉक्टर टाइफाइड का इलाज कर रहे थे, जबकि वह डेंगू से पीड़ित था।

पुलिसकर्मियों सहित उनके परिजन भी चपेट में

बाढ़ खत्म होने के बाद जगह-जगह पानी भरे होने से बीमारियां फैल रही हैं। पुलिस लाइन में ही करीब 30 दारोगा और सिपाही डेंगू के ग्रस्त हो गए हैं। पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके परिजन भी पीड़ित हैं। सार्जेंट गजेंद्र सिंह, उपस्कर प्रभारी मुकेश तिवारी, एएसआई शैलेंद्र सिंह, सिपाही हीरा लाल सिंह, उनकी पत्नी और दो बेटियां भी डेंगू की चपेट में हैं।
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बिहार में बाढ़ पीड़ित परिवारों के खाते में भेजे गए 6000 रुपये, एसएमएस से मिली सूचना

बिहार में भारी बारिश से आए बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रत्येक परिवारों के बैंक खाते में 6000 रुपये दिए जाने की घोषणा की। इन परिवारों के खाते में ये राशि ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 48 घंटे के भीतर सभी सत्यापित परिवारों को सहायता राशि मिल जाएगी। शेष परिवारों का सत्यापन हो जाने के बाद दूसरे चरण में सहायता राशि दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने आदेश देते हुए कहा कि सभी प्रभावित परिवारों को दीपावली के पहले भुगतान कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे परिवार भी हैं जिनका खाता नहीं खुला है, उनका भी जल्द से जल्द खाता खुलवा कर उचित सहायता राशि दी जाए। पीड़ित परिवारों के नाम, उनके खाता और मोबाइल नंबर को आपदा विभाग के वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा।

बता दें कि सितंबर महीने में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि और भारी बारिश के कारण बिहार के कई जिले प्रभावित हुए। शेष परिवारों को दूसरे चरण में अनुग्रहिक राहत के लिए नकद अनुदान 3000 रुपए और खाद्यान्न के लिए नकद 3000 रुपए (कुल 6000 रुपए) परिवारों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) की जाएगी। पहले चरण में सरकार ने 136 करोड़ 58 लाख 94 हजार रुपए जारी किए हैं।
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बिहार: सीएम ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग, भाजपा सांसदों-विधायकों को नहीं भेजा निमंत्रण

पिछले दिनों बिहार के लगभग 15 जिले बाढ़ की चपेट में आए थे। बाढ़ के कारण लोग अपने घरों के अंदर कैद हो गए थे। इसने पटना की सड़कों पर लोगों को नाव चलाने पर मजबूर कर दिया। खुद उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी अपने घर के अंदर फंसे हुए थे। उन्हें एनडीआरएफ की टीम ने बाहर निकाला। आज इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।  जिसके बाद बिहार राज्य एवं आपदा प्रबंधन (एसडीएमए) ने कहा, 'राज्य के 15 बाढ़ प्रभावित जिलों में लगभग 7.22 लाख परिवार इससे प्रभावित हुए हैं। राहत के तौर पर बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवारों को छह हजार रुपये दिए जाएंगे।' 


बैठक में विधायकों और सांसदों की नहीं किया गया आमंत्रित

इस उच्चस्तरीय बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ मंत्री भी मौजूद रहे। जिसमें जलजमाव की स्थिति और उसके निस्तारण पर समीक्षा की गई। हालांकि बैठक में मुख्यमंत्री ने पटना के विधायकों और दो सांसदों- राम कृपाल यादव और रविशंकर प्रसाद को आमंत्रित नहीं किया। जिसके कारण भाजपा कार्यकर्ता नाराज हैं। भाजपा सांसदों का कहना है कि वह इन प्रभावित जिलों के जनप्रतिनिधि हैं इसके बावजूद उनकी अनदेखी की गई। 

रामकृपाल यादव ने जाहिर की नाराजगी 

पाटलिपुत्र से भाजपा के सांसद रामकृपाल यादव ने कहा कि इस समीक्षा बैठक में विधायकों और सांसदों को नहीं बुलाना बहुत दुख की बात है। उन्होंने बताया कि हमें इस बैठक के बारे में कुछ पता ही नहीं था। मीडिया के जरिए हमें इस बात की जानकारी मिली। यादव ने कहा कि जनता जलभराव पर हमेशा जनप्रतिनिधियों को ही गाली देती है। मुख्यमंत्री ने उन्हीं को ही नहीं बुलाया, यह बहुत चिंता की बात है। हम उम्मीद करते हैं कि मुख्यमंत्री जी बहुत जल्द जनप्रतिनिधियों के साथ भी जलजमाव को लेकर बैठक करेंगे।

भाजपा विधायक ने कहा ग्राउंड जीरो पर तो हम काम करते हैं, हमें ही नहीं बुलाया

बांकीपुर के भाजपा विधायक नितिन नवीन ने कहा हमें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री जी आज की बैठक में हमलोगों को जरूर बुलाएंगे, लेकिन इस बैठक में उन्होंने जनप्रतिनिधियों को ही नहीं बुलाया जो बहुत दुख की बात है। नवीन ने कहा कि ग्राउंड जीरो पर तो हम काम करते हैं। जनता की गाली तो हम सुनते हैं। हमारे क्षेत्र में कहा पर क्या समस्या है। इस बात को हम अच्छे से समझते हैं। मुख्यमंत्री ने फिर भी हमारी सलाह लेने के लिए हमें नहीं बुलाया, यह बहुत आश्चर्य की बात है। नवीन ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमलोगों से जरूर सलाह लेंगे और जलजमाव के गुनहगारों को जरूर सजा मिलेगी।

सीएम के कदम से हम असहमत हैं

बीजेपी के ही एक और विधायक संजीव चौरसिया ने कहा कि सीएस के इस कदम से वे बहुत असहमत है। संजीव चौरसिया ने कहा कि जलजमाव को लेकर जनता में जो उबाल व गुस्सा है। वह तो जनप्रतिनिधियों को ही झेलना पड़ता है। इस बैठक में विधायकों की भी सलाह लेना चाहिए था। हम उम्मीद करते हैं कि सीएम नीतीश कुमार बहुत जल्द हम विधायकों के साथ बैठकर समीक्षा बैठक करेंगे। ... और पढ़ें

नीतीश कुमार की किसानों को चेतावनी, पराली जलाने वालों को नहीं मिलेंगी राज्य सरकार की सुविधाएं

बिहार के मुख्यमंती नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार में किसानों के कृषि अवशेषों (पराली) को जलाने के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। नीतीश कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि खेतों में पराली जलाने वाले किसान राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं से वंचित रह जाएंगे।

पराली जलाने से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को रेखांकित करते हुए सीएम नितीश ने कृषि विभाग के अधिकारियों को इस प्रथा को समाप्त करने के लिए एक अभियान शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने पराली जलाने को लेकर हुए दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेते हुए यह बात कही। 

यह आयोजन राज्य के कृषि विभाग और बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर (भागलपुर) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। सीएम नितीश ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। 

उन्होंने कहा कि 75 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली की आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा, राज्य सरकार हर लीटर डीजल पर 60 रुपये सब्सिडी के रूप में दे रही है। इससे पहले, दिल्ली और पंजाब में पराली जलाने की प्रथा प्रचलित थी, जिससे दिल्ली के पर्यावरण पर बुरा असर पड़ा, यह प्रथा अब राज्य के कुछ हिस्सों में प्रचलित हो गई है।
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बिहार: महाबोधि मंदिर में चढ़ावे के बंटवारे को लेकर दो बौद्ध भिक्षुओं में जूतमपैजार, एक को आईं गंभीर चोटें

बिहार के बोधगया में स्थित महाबोधि मंदिर के परिसर में रविवार को दो बौद्ध भिक्षुओं के आपस में भिड़ जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार इस घटना में एक भिक्षु को गंभीर चोटें आई हैं। मंदिर परिसर की सुरक्षा में लगे कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर जैसे-तैसे मामला शांत कराया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस झगड़े की पीछे की वजह मंदिर में आए चढ़ावे का बंटवारा बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मंदिर के मुख्य पुजारी ने बोधगया थाने में इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार रविवार को मुख्य मंदिर के बोधि वृक्ष के नीचे पूजा-अर्चना हो रही थी। परंपरा के अनुसार तीन माह का वर्षामास खत्म होने के बाद पूर्णिमा पर चीवर दान समारोह आयोजित किया जाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस बार वियतनाम के श्रद्धालुओं ने चीवर दान किया था। पूजा स्थल से कुछ दूर 40-50 भिक्षु समूह में बैठे थे। इनको निमंत्रित नहीं किया गया था। इस बीच पूजा-प्रार्थना के दौरान हो-हल्ला शुरू हो गया। आरोप है कि ठाकुर नाम के भिक्षु ने हो हल्ला शुरू करते हुए एक अन्य भिक्षु के साथ गाली गलौज कर मारपीट कर दी।

मारपीट में दूसरा भिक्षु घायल हो गया, उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मारपीट करने वाला भिक्षु मस्तीपुर इलाके का निवासी बताया गया है। स्थानीय एसएचओ मोहन कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। 

उन्होंने कहा कि हंगामा करने वाले भिक्षु को मंदिर परिसर से बाहर निकाल दिया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी के अनुसार इस झगड़े से विदेशी श्रद्धालु आहत हुए। उन्होंने ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है। 

पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गया जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से दो लोगों की पहचान हुई है।
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विधायक से मुलाकात के दौरान दाल-चावल खाते दिखे लालू, तस्वीर वायरल

चारा घोटाले में मुख्य आरोपी के तौर पर झारखंड जेल में सजा काट रहे लालू प्रसाद यादव की एक तस्वीर खूब वायरल हो रही है। इसमें वे दाल-चावल खाते दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि लालू यादव इस समय अस्पताल में भर्ती हैं। वायरल हो रही तस्वीर भी अस्पताल में ही ली गई है।

दरअसल लालू प्रसाद यादव को इस समय 15 से ज्यादा बीमारियों के इलाज के लिए रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में होने के चलते हर शनिवार वह तीन लोगों से मुलाकात कर सकते हैं।

ऐसे में बीते शनिवार बिहार के जगदीशपुर से विधायक राम विशुन सिंह उर्फ लोहिया लालू से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। इस मुलाकात के बाद से ही सोशल मीडिया पर यह तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें विधायक और लालू प्रसाद दाल-चावल और सब्जी का आनंद लेते हुए दिख रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, लगभग 45 मिनट तक चली मुलाकात के खत्म होने के बाद विधायक ने अस्पताल से बाहर आकर मीडिया से अंदर हुई बातों का जिक्र किया। विधायक ने बताया कि लालू पटना में आई बाढ़ और उससे फैली बीमारियों को लेकर चिंतित हैं।

उन्होंने पार्टी को विधानसभा उपचुनाव में पूरी ताकत लगाकर जीतने का संदेश दिया है। साथ ही आगामी झारखंड विधानसभा चुनावों में महागठबंधन कर जीत हासिल करने को पक्का बताया है।

विधायक बीमार का हाल-चाल लेने गए थे या...

अस्पताल में विधायक राम विनुश सिंह और लालू प्रसाद यादव की मुलाकात की यह तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें दोनों दाल-चावल खाते दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस बारे में चर्चा कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि विधायक बीमार का हाल-चाल लेने गए थे या दाल-चावल खाने...। तस्वीर में तो लालू प्रसाद यादव स्वस्थ दिख रहे हैं।
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