बिहार में कोरोना का क्या है सूरते-हाल? कम जांच से बढ़ रही मुश्किलें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Updated Mon, 20 Jul 2020 02:43 PM IST
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स्वैब नमूना लेता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
स्वैब नमूना लेता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

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बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि होने का सिलसिला जारी है। यहां हर रोज मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। विपक्ष इसे सरकार की नाकामी करार दे रहा है, तो वहीं राज्य सरकार का कहना है कि मरीजों के इलाज के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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सूबे में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस महामारी से दो और व्यक्तियों की मौत हुई है। इससे बिहार में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या बढ़कर 179 हो गई है। वहीं, इस दौरान कोरोना के 1412 नए मामले सामने आए हैं। बिहार में अब तक कोविड-19 से 26,379 लोग संक्रमित हो चुके हैं। 
बढ़ रहे मामले, घट रहा रिकवरी रेट
बढ़ रहे संक्रमण के मामलों का अंदाजा इस प्रकार लगाया जा सकता है कि राज्य में पहला मामला 22 मार्च को सामने आया था। तीन मई तक 500 लोग संक्रमित पाए गए। वहीं, 31 मई तक यह संख्या बढ़कर 3807 तक हुई और जून के खत्म होते-होते संक्रमितों की संख्या 9744 तक पहुंच गई। 

वहीं, अब जिस गति से मामलों में वृद्धि हो रही है, उससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। 18 जुलाई तक सूबे में 15,223 नए संक्रमित मिले। इस तरह संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 24,967 हो गई है। दूसरी तरफ, राज्य के रिकवरी रेट में भी गिरावट दर्ज की गई है। जहां 30 जून को रिकवरी रेट 77 फीसदी था, वहीं 18 जुलाई तक यह घटकर 63.17 फीसदी पर आ गया। 

कोरोना जांच में नहीं हो रही वृद्धि
बिहार में सबसे चिंता का विषय यह है कि यहां अब तक सिर्फ 3,68,232 लोगों की जांच की गई है। जो आबादी के लिहाज से केवल तीन फीसदी है। प्रशासन का कहना है कि राजधानी पटना के 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर रैपिड एंटीजन टेस्ट शुरू कर दिया गया है, लेकिन जांच के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। 

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का कहना है कि 441 कोविड केंद्र कार्यरत हैं, चार मेडिकल कॉलेजों को कोविड अस्पताल बनाया गया है। कोरोना नमूने अब अनुमंडल अस्पतालों में भी लिए जा रहे हैं। राज्य के अस्पतालों में 40 हजार एंटीजन रैपिड टेस्ट किट उपलब्ध हैं। युद्ध स्तर पर कोरोना जांच के निर्देश दिए गए हैं। 

लेकिन, जिस दिन मंगल पांडे ने यह कहा उस दिन पूरे राज्य में केवल 10,502 जांचें ही हुईं। रोजाना होने वाली जांच को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 13 मई को कहा था कि जांच की दर बढ़ाकर रोजाना कम से कम 10 हजार किया जाए। लेकिन सरकार को इस लक्ष्य तक पहुंचने में एक महीने से भी अधिक का वक्त लगा है। 

वहीं, जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे संक्रमितों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री का कहना है कि अब जांच की दर को 20 हजार प्रति दिन किया जाए। 

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान खगड़िया एवं सारण जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत के साथ प्रदेश में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 179 हो गई। 

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बिहार में पिछले दो दिनों (शनिवार और रविवार) में कोरोना के 3079 नए मामले सामने आए हैं। राज्य में 12 जुलाई के बाद से हर दिन 1000 से ज्यादा कोरोना के नए मरीज पाए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा मरीज राजधानी पटना में हैं। 

राजधानी में अब तक 3696 केस मिल चुके हैं। 19 जुलाई को भी वहां 115 में नए मामले सामने आए। पटना में शनिवार को 332 कोरोना संक्रमित मिले थे। इनमें पीएमसीएच, आईजीआईएमएस के 4 डॉक्टर, 3 टेक्नीशियन और 60 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। 
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