95 फीसदी घरेलू उपकरण मेड इन इंडिया, 70 फीसदी कलपुर्जों के लिए चीन पर निर्भर है भारत

बिजनेस डेस्क/ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।  Updated Tue, 30 Jun 2020 04:32 AM IST
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भारत-चीन कारोबार - फोटो : Amar Ujala

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देश में बिकने वाले 95 फीसदी उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स एवं उपकरण का निर्माण घरेलू स्तर पर ही होता है। हालांकि, इनके कलपुर्जों के लिए अब भी हम 25-70 फीसदी चीन पर निर्भर हैं। इसे रातों-रात खत्म करना मुश्किल है। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स एवं उपकरण निर्माता संघ (सीईएएमए) के अध्यक्ष कमल नंदी ने कहा, चीनी उत्पादों के बहिष्कार के आह्वान से पहले ही चीन में कोरोना फैलने के दौरान आपूर्ति बाधित होने से ‘चीन प्लस वन’ की रणनीति तैयार हो गई थी।
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वैकल्पिक स्रोतों की तलाश के रूप में थाईलैंड, वियतनाम और कोरिया जैसे देशों पर विचार हुआ। उन्होंने कहा, एक उद्योग के रूप में (सभी ब्रांड) हमने दो-तीन वर्षों में क्षमता बढ़ाने के लिए बहुत काम किए हैं। अब हम तैयार उत्पादों की सभी श्रेणियों में अच्छी स्थिति में हैं।
नंदी के मुताबिक, जब तक हम कलपुर्जों के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित नहीं करते हैं, तब तक चीन पर निर्भरता कम करना संभव नहीं है। पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में दो साल लगेंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सरकार चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम (पीएमपी) जैसी योजनाओं के साथ विनिर्माण को प्रोत्साहित कर रही है।
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