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अनिल थापरः कूड़ा बीनने वाले बच्चों को पाठशाला खोल कर रहे शिक्षित, मिल चुका राज्य पुरस्कार

समाज सेवी अनिल थापर स्लम एरिया निवासी और कूड़ा बीनने वाले बच्चों के हाथ में किताब थमाने का काम करना अपने जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं।

16 मार्च 2020

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चंडीगढ़

बुधवार, 8 अप्रैल 2020

लॉकडाउनः हरियाणा के पानीपत में भुखमरी का शिकार 4000 बाहरी मजदूर, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

हरियाणा के पानीपत में मौजूद बाहरी मजदूरों को राशन व आर्थिक मदद के लिए मजदूर संगठन इंडियन फेडरेशन ऑफर ट्रेड यूनियन (इफ्टू) ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें आरोप लगाया है कि पानीपत में हजारों मजदूर भुखमरी का शिकार हो रहे हैं। सरकार उन्हें राशन व आर्थिक मदद नहीं दे रही है।

प्रांतीय संयोजक पीपी कपूर ने आरोप लगाया है कि सरकार मजदूरों को अहमियत नहीं दे रही है। जेल के कैदी को भी भरपेट भोजन मिलता है, लेकिन इन बाहरी मजदूरों को भोजन के नाम रोजाना अपमानित किया जा रहा है। कपूर ने बताया कि भुखमरी के शिकार 4000 से ज्यादा मजदूरों की सूची डीसी पानीपत व अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) धनपत सिंह को दे चुके हैं।

बावजूद इसके इन मजदूरों को न तो राशन, भोजन दिया जा रहा है और ना ही कोई आर्थिक सहायता दी जा रही है। पश्चिमी बंगाल, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के दो लाख से ज्यादा मजदूर प्राइवेट लेबर क्वार्टरों, बस्तियों में किराये पर रहकर फैक्ट्रियों में दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। इनके पास ना तो स्थानीय राशन कार्ड है, न वोटर कार्ड व आधार कार्ड हैं।

इसलिए स्थानीय राजनीतिक दल, प्रशासन व सरकार श्रमिकों की ओर आंखें मूंदे हुए हैं। अधिकांश मजदूर बस्तियों तक जिला प्रशासन का भोजन नहीं पहुंच रहा। मजदूर संगठन ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि पानीपत के सभी मजदूरों को तुरंत राशन व आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश हरियाणा सरकार को दिए जाएं।
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Coronavirus in Haryana: कोरोना संक्रमण का हॉटस्पॉट बने नूंह-पलवल और फरीदाबाद, तीनों दिल्ली से सटे

हरियाणा में कोरोना का केंद्र राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे तीन जिले बने हुए हैं। तीनों जिलों नूंह, पलवल व फरीदाबाद में तेजी से संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ा है। गुरुग्राम में भी अब तक 11 मामले सामने आ चुके हैं। मरकज से लौटे तब्लीगी जमातियों के कारण प्रदेश के तीन जिलों में कोरोना संक्रमितों की संख्या एकाएक बढ़ी है।

मंगलवार को अकेले नूंह में 23 नए मामले सामने आए। फरीदाबाद में 6 व गुरुग्राम में 2 नए संक्रमित मिले हैं। सरकारी रिकॉर्ड अनुसार पलवल में मंगलवार को कोई नया केस सामने नहीं आया। जमातियों में ज्यादा केस सामने आने पर सरकार की चिंताएं भी बढ़ गई हैं, चूंकि इससे समुदाय में कोरोना के फैलने का खतरा बना हुआ है। हालांकि, सरकार ने भीलवाड़ा मॉडल अपनाते हुए सभी ताजा संक्रमित मरीजों वाले गांवों को सील कर दिया है। न तो कोई अंदर जा सकता है, न बाहर आ सकता है।

संदिग्ध लोगों को घरों में क्वारंटीन किया गया है। जिनकी जांच की जरूरत है, उनकी जांच कराई जा रही है। गांवों को क्वारंटीन किया गया है। संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्क्रीनिंग कर रही हैं। हथीन ब्लॉक के पांच गांव हुचपुरी कलां, मठेपुर, दुरैंची, छांपसा व महलूका गांव पहले से सील चल रहे हैं। इन गांवों के सरपंचों को डीसी 2 अप्रैल को जमातियों के आने की सूचना छिपाने पर सस्पेंड कर चुके हैं।

बंद व स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें ग्रामीण
स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक सूरजभान कंबोज ने कहा कि लोग बंद के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें। नूंह, फरीदाबाद व पलवल में सामने आए नए मामलों में ज्यादातर मकरज से लौटे तब्लीगी हैं। इनसे आगे संक्रमण न फैले इसलिए जिन गांवों या क्षेत्र में ये संक्रमित मिले हैं, उन्हें सील कर दिया गया है। संदिग्धों की स्वास्थ्य जांच जारी है। लोगों की आवाजाही इन क्षेत्रों में पूरी तरह बंद है।

इतने संक्रमित हो चुके डिस्चार्ज
फरीदाबाद में कोरोना के 2, गुरुग्राम में 9 व पलवल में एक मरीज ठीक होकर घर पहुंच चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने इनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही इन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया है। ये अभी भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं। कोई भी दिक्कत होने पर सीधे अस्पताल में संपर्क करने की सलाह दी गई है।
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लॉकडाउनः हरियाणा में कई जगहों पर अल्पसंख्यकों पर हमला, अलर्ट हुई पुलिस, दर्ज किए 12 केस

हरियाणा में कई जगहों पर अल्पसंख्यकों पर हमला करने के मामले सामने आए हैं। इसे लेकर हरियाणा पुलिस अलर्ट हो गई है। इस संदर्भ में 12 मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं जिसके अंतर्गत 25 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मनोज जादव ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अफवाहें फैलाने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के किसी भी प्रयास के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएं। सभी पुलिस अधिकारी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाएं।

सभी पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों को लिखित निर्देश जारी करते हुए डीजीपी ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारी राज्य में लॉकडाउन को सख्ती से लागू करते हुए कानून व्यवस्था के रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करें। पूजा स्थलों या किसी विशेष समुदाय के सदस्यों पर हमलों की कुछ कथित घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।

इस तरह की घटनाओं से न केवल अफवाह फैलने बल्कि गलत सूचना से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने व सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की संभावित क्षमता होती है। साथ ही, इस तरह के प्रयास कोविड-19 के खिलाफ जारी राष्ट्रीय जंग से प्रशासन का ध्यान भी दूर करते हैं।

डीजीपी ने बताया कि कोविड-19 के बारे में सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने अब तक 56 मामले दर्ज करके सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें या अफवाहें फैलाने के आरोप में 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इसके अतिरिक्त, धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाओं के संबंध में 12 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें अब तक 25 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने घर पर रहकर लॉकडाउन के नियमों का पालन करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी सोशल मीडिया पर फर्जी समाचार न अपमानजनक बयान फैलाने या सांप्रदायिक सद्भाव को खराब करने की कोशिश करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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कोरोना महामारीः चंडीगढ़ में 14 अप्रैल के बाद कर्फ्यू हटेगा या नहीं, केंद्र सरकार के फैसले पर निर्भर

चंडीगढ़ में पिछले पांच दिनों से कोरोना वायरस से संक्रमित कोई नया केस सामने नहीं आया है। वहीं, इस दौरान करीब सात मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। बावजूद इसके चंडीगढ़ प्रशासन शहर में लगा कर्फ्यू हटाने में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता। प्रशासन की तरफ से साफ संकेत मिले हैं कि 14 अप्रैल के बाद भी सख्ती जारी रहेगी।

इस मामले में एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि एक केंद्र शासित प्रदेश होने के नाते वह केंद्र सरकार के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा शहर में लगा कर्फ्यू 14 अप्रैल को हटाया जाएगा या नहीं, यह आने वाले दिनों में कोरोना के मरीजों की संख्या और संक्रमण के फैलने की दर पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है।

14 अप्रैल को ही फैसला लिया जाएगा। यहां बता दें कि प्रशासन ने 24 मार्च को शहर में कर्फ्यू लगाने की घोषणा की थी लेकिन आदेशों में यह नहीं लिखा गया था कि यह कर्फ्यू कब तक जारी रहेगा। इसके अगले ही दिन 25 मार्च को केंद्र सरकार ने देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी।
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यूटी एडवाइजर मनोज परिदा यूटी एडवाइजर मनोज परिदा

कोरोना और कर्फ्यूः शब-ए-बारात को लेकर चंडीगढ़ पुलिस अलर्ट, धर्मगुरु बोले- घर में करें इबादत

शब-ए-बारात को लेकर चंडीगढ़ पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। मुस्लिम धर्मगुरु ने लोगों से घर में ही रहकर इबादत करने की अपील की है। मुस्लिम समुदाय की ओर से 9 अप्रैल को शब-ए-बारात हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इसी बीच शहर में चल रहे कर्फ्यू को इसे देखते हुए एसएसपी नीलांबरी विजय जगदले ने सेक्टर-20 की जामा मस्जिद पहुंचकर मुस्लिम समुदाय के धर्म गुरुओं के साथ बैठक की।

एसएसपी के साथ सीआईडी डीएसपी रामगोपाल, डीएसपी चरणजीत सिंह विर्क भी मौजूद रहे। बैठक में सेक्टर-20 की जामा मस्जिद के मौलाना अजमल खान, मनीमाजरा की जामा मस्जिद के मौलाना इमरान, बापूधाम-26 स्थित मस्जिद के मुफ्ती अनस, सेक्टर 45 मस्जिद के कारी शमशेर और तब्लीगी जमात के नूर ने हिस्सा लिया।

शहर में कर्फ्यू लगा, इकट्ठा होने से बचें
एसएसपी ने बैठक में कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने से शहर में कर्फ्यू लगा हुआ है। इस वजह से आप लोग इकट्ठा होने से बचें। इसके साथ शब-ए-बारात में मुस्लिम भाईचारे से अपील करें कि मस्जिदों में इकट्ठे न हों। इसके बाद मुस्लिम समुदाय ने तय किया कि शब-ए-बारात को घर में ही रहकर मनाया जाएगा।

मौलाना अजमल खान ने 9 अप्रैल को सब-ए-बरात अपने घर पर रह कर मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में प्रशासन के आदेश के अनुसार शहर की सभी मस्जिदें बंद हैं, इसलिए प्रशासन के आदेश और कानून को मानते हुए सभी लोग सब-ए-बारात की नमाज अपने घरों में अदा करें।

उन्होंने शहर में तब्लीगी जमात के लोगों से भी अपील की है कि वह डरें नहीं, घर से निकलकर पुलिस से संपर्क करें। इस महामारी को हराने में पुलिस और प्रशासन के साथ सहयोग करें और अपना टेस्ट करवाएं। एसएसपी नीलांबरी विजय जगदले ने कहा कि दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात में शामिल होने वाले 15 लोगों के टेस्ट निगेटिव आए हैं, यह शहर के लिए अच्छी खबर है। उन्होंने कहा कि बचे हुए लोग भी सामने आएं और इस महामारी को हराने में पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें।
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चंडीगढ़: अब घर के बाहर मास्क पहनना अनिवार्य, बिजली-पानी बिल का भुगतान बाद में

प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने रोजाना की तरह मंगलवार को भी यूटी सचिवालय के वॉर रूम में ट्राइसिटी के अधिकारियों की एक बैठक ली। इस दौरान बड़ा फैसला लेते हुए शहर में घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया। प्रशासन की तरफ से जारी आदेशों में कहा गया है कि अब किसी भी सार्वजनिक जगह या मार्केट आदि में जाने पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी प्रशासन ने इस नियम के उल्लंघन पर सजा तय नहीं की है। 

वहीं, बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि चंडीगढ़ में रहने वाले लोगों को फिलहाल पानी और बिजली के बिल नहीं भरने होंगे। प्रशासन ने लोगों को राहत देते हुए बिजली-पानी के बिल के भुगतान को फिलहाल टाल दिया है। प्रशासन की तरफ से जल्द ही इस बारे में आखिरी तिथि की घोषणा जल्द की जाएगी। इसके अलावा शहर के पुनर्वास कालोनियों में रहने वाले लोगों को भी किराया भरने के लिए समय दिया गया है।

बैठक की शुरुआत में एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि शहर में कोरोना के मरीज अब महज 11 रह गए हैं। सात मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है, क्योंकि वह सभी ठीक हो गए हैं। प्रशासक बदनौर ने इस उपलब्धि के लिए सभी डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की। नगर निगम के कमिश्नर केके यादव ने बताया कि सोमवार को सेक्टर-26 की मंडी को सैनिटाइज किया गया। इसके बाद मंगलवार को सीटीयू की बसों में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सब्जी और राशन पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा मंगलवार को फैदां गांव में भी एक स्वच्छता अभियान चलाया गया और विभिन्न इलाकों को सैनिटाइज किया गया।

सरकारी स्कूलों में शुरू होंगी गूगल कक्षाएं
डायरेक्टर हायर एजुकेशन रुबिंदरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि शहर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नौवीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए जल्द ही गूगल कक्षाएं शुरू की जा रही हैं। प्रशासक ने बराड़ को आदेश दिए कि वह ऐसी सुविधा पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए भी शुरू करें।

इसके अलावा टेक्निकल एजुकेशन के डायरेक्टर सचिन राणा ने बताया कि शहर के आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर व अन्य कॉलेजों में जूम मोबाइल एप के द्वारा ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है। साथ ही 1434 विद्यार्थी जोकि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत ट्रेनिंग ले रहे हैं, उन्हें भी ऑनलाइन पढ़ाया और ट्रेनिंग दी जा रही है।
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पंजाब में बिजली उपभोक्ताओं को राहत, 20 अप्रैल तक जमा कर सकेंगे बगैर लेट फीस के बिल

कोविड-19 संकट के चलते पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को बिजली उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित दरों में कटौती करने के साथ-साथ बिलों की अदायगी के लिए समय सीमा टालने का एलान किया है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस राहत से पॉवरकॉम पर 350 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। 

मुख्यमंत्री ने निरंतर सप्लाई जारी रखने में पीएसपीसीएल और पीएसटीसीएल के कर्मचारियों की कोशिशों की भी सराहना की। उन्होंने आदेश दिया कि बिजली विभाग द्वारा कर्फ्यू /लॉकडाउन खत्म होने तक अदायगी न करने पर कोई भी कनेक्शन काटा नहीं जाएगा। पीएसपीसीएल को अपना बकाया अदा करने में असमर्थ होने की स्थिति के चलते उपभोक्ताओं को राहत देने का एलान किया गया है। 

सीएम के निर्देशों के अनुसार, सभी घरेलू और व्यापारिक उपभोक्ताओं को 20 मार्च को या इसके बाद अदा करने वाले मौजूदा महीनावार/ दो-माह के 10,000 रुपये तक के बिलों की निर्धारित तारीख बिना किसी लेट फीस के 20 अप्रैल तक कर दी गई है। इसके अलावा उन खपतकारों को (पहले के बकाए के अलावा) 1 प्रतिशत छूट दी जाएगी जो डिजिटल तरीके से बिलों का भुगतान निर्धारित तारीख पर करेंगे। 
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हरियाणा: कोरोना के नूंह में 25 और फरीदाबाद में छह नए मामले, कुल 146 पीड़ितों में 90 जमाती

कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
हरियाणा में निजामुद्दीन मरकज से लौटे संक्रमितों व्यक्तियों की संख्या 90 पहुंच गई है। प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 146 है। राज्य में महामारी सेअब तक तीन मौतें हो चुकी हैं। मंगलवार को नूंह में 25 और फरीदाबाद में छह मामले सामने आए हैं। यह सभी जमाती हैं। अब तक 17 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है, जबकि बाकी का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। नूंह और पलवल में सबसे ज्यादा जमाती पॉजिटिव पाए गए हैं। उधर, नल्हड़ मेडिकल कॉलेज को कोविड अस्पताल बना दिया गया है। यहां पर सिर्फ कोरोना संक्रमित मरीजों का ही इलाज किया जा रहा है।

कहां कब हुई कोरोना से मौत
- 5 अप्रैल को करनाल के गांव रसीन निवासी 58 वर्षीय बुजुर्ग की पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हुई थी।
- 3 अप्रैल को अंबाला के 67 साल के बुजुर्ग की पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हुई थी।
- रोहतक की महिला की राम मनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली में कोरोना से मौत हुई थी।
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जीरकपुर: कर्फ्यू में शराब बेचने पर व्यक्ति गिरफ्तार, पंजाब विजिलेंस फ्लाइंग ने की कार्रवाई

जीरकपुर के कुछ दुकानदार व ठेका संचालक कर्फ्यू के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के आईजी आशीष कपूर की देखरेख में फ्लाइंग दस्ते के डीएसपी गुरिंदर पाल सिंह ने टीम के साथ कर्फ्यू में छिपकर शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जीरकपुर के पंचकूला रोड स्थित मॉर्डन कॉम्प्लेक्स की दुकान नंबर-1 में शराब के ठेके की खिड़की से महंगे भाव पर शराब बेचने के आरोप में व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।  

इस संबंध में डीएसपी गुरिंदर सिंह ने बताया कि उनको सूचना मिली थी कि ढकोली क्षेत्र में ठेके की खिड़की से चोरी चुपके शराब बेची जा रही है। परवीन कुमार निवासी हिमाचल प्रदेश को महंगे भाव पर शराब बेचने के आरोप में काबू कर थाना ढकोली में मामला दर्ज करवाया है।  

कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर 7 नामजद
जीरकपुर पुलिस ने कर्फ्यू का पालन न करने वाले 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। थाना जीरकपुर के एसएचओ गुरवंत सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा कोरोना वायरस के प्रकोप से लोगों को बचाने के लिए कर्फ्यू लगाया गया है। लेकिन कुछ लोग कर्फ्यू का पालन नहीं कर रहे जिसके चलते कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
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पंजाब: सुखबीर बादल की मांग पर कैप्टन का जवाब- सर्वदलीय बैठक बुलाने का न समय है और न जरूरत

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कोरोना के कारण पैदा हुए मौजूदा संकट के कारण सुझाव देने के लिए शिअद के अध्यक्ष का आभार जताते हुए कहा है कि सुखबीर बादल की मांग के मुताबिक सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए न तो समय है और न ही इसकी जरूरत है। कहा कि सुखबीर बादल द्वारा पांच अप्रैल को लिखे पत्र में उठाए गए मसलों पर राज्य सरकार पहले ही प्रभावी ढंग से कदम उठा रही है।

शिअद अध्यक्ष द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय राज्य एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है और कोरोना वायरस की महामारी ने सारा जनजीवन अस्त-व्यस्त करके रख दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे सामने यह एक बहुत बड़ी चुनौती है, जिसके विरुद्ध लड़ी जा रही लड़ाई चरम पर है। 

कैप्टन ने कहा कि राज्य सरकार का समूचा प्रशासन, गैर-सरकारी सामाजिक संस्थान, धार्मिक संस्थाओं और राजनैतिक पार्टियों के साथ-साथ पंजाब का हर नागरिक इस मुहिम में अपना योगदान दे रहा है। कैप्टन ने कहा कि यदि मौजूदा संकट और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए कोई अन्य सुझाव है तो वह स्वागत करेंगे। 

उन्होंने सुखबीर बादल को भरोसा दिया कि उनके सभी ऐसे सुझावों पर वह पूरी गंभीरता से विचार करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिअद इस जानलेवा रोग को काबू करने में राज्य सरकार को अपना पूर्ण समर्थन और सहयोग देना जारी रखेगा।
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हरियाणा में मोहम्मद साद के छिपे होने की आशंका, तलाश के लिए पुलिस टीम का गठन: गृह मंत्री विज

दिल्ली के निजामुद्दीन में आयोजित धार्मिक जलसे के बाद गायब हुए जमात के मुखिया मोहम्मद साद के हरियाणा में छुपे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। जिस तरह से भारी तादाद में जमात के लोग हरियाणा में आए हैं, उसके बाद यह आशंका प्रबल हो गई है कि मोहम्मद साद हरियाणा में भी छुपा हो सकता है। जिसकी तलाश में हरियाणा पुलिस की एक टीम गठित कर दी गई है। गृह मंत्री अनिल विज ने इस बात की पुष्टि की है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा है कि मोहम्मद साद यदि यहां पर होगा तो अवश्य पकड़ लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि मोहम्मद साद हरियाणा में है तो आत्मसमर्पण करे अन्यथा उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में इस समय हालात ऐसे हैं कि गांव वाले किसी बाहर के व्यक्ति को घुसने नहीं दे रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में ठीकरी पहरे का आयोजन भी किया जा रहा है। 

इसके अलावा सरकार एडवोकेट जनरल से भी यह राय लेगी कि आठ अप्रैल की शाम तक यदि कोई जमाती सामने नहीं आता है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। मालूम हो कि आठ अप्रैल का अल्टीमेटम उन जमातियों को दिया गया है जो अभी तक सामने नहीं आए हैं। अभी तक सरकार ने अपने स्तर पर 1526 जमातियों का पता लगाया है।

इसमें से जो पॉजिटिव पाए गए हैं उनका इलाज किया जा रहा है। चूंकि हरियाणा में तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। साथ ही हरियाणा दिल्ली के साथ लगता प्रदेश है। इसलिए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि मोहम्मद साद कहीं यहां पर छिपा न बैठा हो। 
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पंजाब में कोरोना के 20 नए केस, कुल संख्या पहुंची 99, 10 मरीज ठीक होने से थोड़ी राहत

पंजाब में कोरोना वायरस लगातार पैर पसार रहा है। मंगलवार को विभिन्न शहरों से सामने आए 20 नए पॉजिटिव केसों के साथ राज्य में इस घातक वायरस के शिकार लोगों की संख्या 99 तक पहुंच गई। राज्य में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच, मंगलवार को 10 मरीजों के ठीक होने की सुखद खबर भी आई। इसके साथ ही इस रोग पर जीत हासिल करने वालों की संख्या भी बढ़कर 14 हो गई है।

मंगलवार को सामने आए कोरोना के पॉजिटिव केसों के मामले में एसएएस नगर मोहाली प्रभावित जिलों की सूची में सबसे ऊपर आ गया है। यहां सात नए केसों के साथ पीड़ितों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। अब तक एसबीएस नगर (नवांशहर) 19 रोगियों के साथ इस सूची में सबसे आगे था।

पिछले 24 घंटों में यहां मिले नए केस  
सूबे में पिछले 24 घंटों में मोहाली में 7, पठानकोट में 6, मोगा में 4, मानसा में 2 और अमृतसर में एक नया केस मिला है।

पंजाब में अब तक यह स्थिति
अब तक नवांशहर में 19 और मोहाली में 26 लोग संक्रमित पाए गए हैं। वहीं, अमृतसर में 10, होशियारपुर में 7, पठानकोट 7, जालंधर और लुधियाना में 6-6, मानसा में 5, मोगा में 4, रोपड़ में 3, फतेहगढ़ साहिब में 2, पटियाला, फरीदकोट, बरनाला और कपूरथला में 1-1 व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया है।
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कोरोना कमांडोः महामारी क्या मौत भी सामने होगी तो ड्यूटी से पीछे नहीं हटेंगे, ईश्वर है साथ तो क्या डर

परिवार का प्यार और मन में अपने फर्ज के प्रति ईमानदारी हो तो किसी भी संकट से आसानी से पार पाया जा सकता है। यही मंत्र है सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच की नर्सों का। कोरोना जैसी महामारी के दौर में जीएमसीएच की नर्सें डर को दरकिनार कर कोरोना के मरीजों के बीच रहकर पूरी जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी कर रही हैं। इन्हीं नर्सों में शामिल हैं रेखा रानी और करमजीत कौर।

इन दोनों नर्सों ने अपने परिवार को समझाते हुए अपने फर्ज को पूरा करने के लिए खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार कर लिया है। मौजूदा समय में दोनों बिना डर के दिनरात मरीजों की देखभाल में जुटी हैं। जीएमसीएच में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत रेखा रानी पंजाब की रहने वाली हैं। नौकरी के लिए उन्हें परिवार को छोड़कर चंडीगढ़ आना पड़ा।

रेखा ने बताया कि जीएमसीएच में सालों से ड्यूटी कर रही हैं लेकिन ऐसी स्थिति कभी नहीं आई। कोरोना के बारे में सुनकर शुरू में तो थोड़ा डर लगा था लेकिन फिर डॉक्टरों और बाकी लोगों के जज्बे को देखकर सारा डर दूर हो गया। आइसोलेशन वार्ड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के बीच लगातार कई घंटे ड्यूटी करने के बाद भी अब तक एक बार भी मन में कोई नकारात्मक विचार नहीं आया।

रेखा ने बताता की ड्यूटी के दौरान खुद की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखती हैं। उन्होंने बताया कि प्रोटेक्शन किट पहनने के बाद पानी भी नहीं पीते। ड्यूटी के दौरान पूरी रात जागकर एक-एक मरीज पर नजर रखते हैं।
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