अनिल थापरः कूड़ा बीनने वाले बच्चों को पाठशाला खोल कर रहे शिक्षित, मिल चुका राज्य पुरस्कार

योगेंद्र त्रिपाठी, पंचकूला Updated Mon, 16 Mar 2020 10:55 AM IST
विज्ञापन
समाजसेवी अनिल थापर
समाजसेवी अनिल थापर - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
समाज सेवी अनिल थापर स्लम एरिया निवासी और कूड़ा बीनने वाले बच्चों के हाथ में किताब थमाने का काम करना अपने जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं। वह समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने में कभी पीछे नहीं रहते हैं। इसके लिए वह हमेशा तैयार रहते हैं। उनका कहना है कि समाज निर्माण का काम करना उनका मुख्य उद्देश्य है।
विज्ञापन

उन्हें इस कार्यों के लिए स्टेट अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। वह इसे अपनी मुख्य जिम्मेदारी समझते हैं। समाज सेवी अनिल थापर ने बताया कि वह सेक्टर -12 में सात साल से सांई की पाठशाला चला रहे हैं। इसमें बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है । साईं पाठशाला में आने वाले बच्चों को पढ़ाई के दौरान कॉपी, किताबें, ब्रेक फास्ट और लंच दिया जाता है।
इसके बाद इन बच्चों को बस की सुविधा भी छोड़ने के लिए दी जाती है। इस पाठशाला में बच्चे उत्साह के साथ पढ़ने आते हैं। इसमें हर साल 400 बच्चों को शिक्षा दी जाती है। उन्होंने कहा कि इस काम के लिए शिरडी साईं सेवा समाज हमारी मदद करता है। यह काम करने से सभी को खुशी मिलती है।
चार हजार यूनिट रक्त इकट्ठा करवाया
शिरडी साईं सेवा समाज की ओर से काम करते अनिल थापर ने चार हजार यूनिट रक्त इकट्ठा किया गया। उन्होंने इसके लिए कई रक्तदान कैंप का आयोजन करवाया है। इसके साथ ही चार सौ से अधिक बॉडी डोनेट करवाए हैं। उन्होंने स्वयं भी पीजीआई को अपनी बॉडी डोनेट की है।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

13 साल से चला रहे हैं लंगर, बांटते हैं कपड़े

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us