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कोरोना के कारण चीन से दवाओं के आयात पर लगे बैन का फार्मा इंडस्ट्री पर पड़ेगा असर: प्रो. मट्टू

संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Updated Sat, 15 Feb 2020 12:54 PM IST
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ग्लोबल समिट
ग्लोबल समिट - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में आयोजित दो दिवसीय ‘आइकोनिका - ग्लोबल समिट’ का शुक्रवार को समापन हो गया। इस मौके पर डीआरडीओ नई दिल्ली के डॉ.यरेक्टर प्रो. एके सिंह मुख्य अतिथि थे। उनके साथ एफडीए के ज्वॉइंट कमीश्नर डॉ. प्रदीप मट्टू गेस्ट ऑफ ऑनर और पीयू कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन प्रो. परविंदर सिंह भी मौजूद रहे। कांफ्रेंस कोऑर्डिनेटर प्रो. भूपिंदर सिंह भूप ने सभी अतिथियों का और प्रतिभागियों का धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय कांफ्रेंस के दौरान प्रतिभागियों की ओर से 500 रिसर्च पेपर प्रदर्शित किए।
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इस अवसर पर प्रो. प्रदीप मट्टू ने कहा कि भारत की फार्मास्यूटिकल सामग्री के लिए चीन पर निर्भर रहना अब चिंता का विषय बन गया है। भारत में एक्टिव फामास्यूटिकल्स इंग्रीडियंट्स (एपीआई) के प्रोडक्शन को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने सस्ती कीमतों पर स्वदेशी दवाइयों को बनाने की बात पर बल दिया। इसके साथ ही बताया कि वर्तमान में भारत 70 प्रतिशत के करीब एपीआई चीन से आयात कर रहा है। भारत में स्वदेशी दवाओं के निर्माण की योजनाएं पेपर तक ही सीमित रह गई है।

वर्तमान में कोरोना वायरस के कारण चीन से दवाओं के आयात पर लगे बैन का भारतीय फॉर्मा इंडस्ट्री पर बुरा असर पडे़गा। इस मौके पर प्रो. परविंदर सिंह ने कहा कि शिक्षण को फार्मास्यूटिक्ल इंटस्ट्री से जोड़ने की जरूरत है, ताकि विद्यार्थियों के लिए इंडस्ट्री के रास्ते खुल सके। कार्यक्रम के दौरान प्रो. भूपिंदर सिंह ने गणमान्य व्यक्तियों को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट किए। इसके साथ ही 10 बेस्ट ओरल प्रेजंटेशंस और पोस्टर प्रेजंटेशंस को कैश प्राइज से सम्मानित किया गया।

प्रतिभागियों ने फॉर्मास्यूटिकल इनोवेशंस, ओरल हेल्थ साइसेंज, टैक्नोलिजकल ट्रेंड्स इन हेल्थ, ड्रग डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट, नैनोथैरेपी, बायोकैमिकल, बायोफिजिकल, इत्यादि विषयों पर पोस्टर और ओरल प्रेजेंटेशन दी। ग्लोबल समिट का उद्देश्य विश्वभर के प्रतिभागियों को एक साथ एक मंच पर लाना था। इसके साथ ही हेल्थ खासकर फार्मास्यूटिकल, बायोमेडिकल और डेंटल से संबंधित चर्चाएं कर टैक्नोलॉजी और ज्ञान का आदान-प्रदान करना था। इस दौरान विभिन्न देशों से हेल्थ, ड्रग इंडस्ट्री, मेडिकल एंड फॉर्मास्यूटिकल प्रैक्टिस, डेंटल सर्जरी, न्यूट्रास्यूटिकल्स एंड एग्रोस्यूटिकल्स, आईपीआर, शैक्षणिक और रिसर्च के क्षेत्र से प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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