पीयू में छात्र संघ चुनाव, 500 जादुई वोट और एसएफएस, एबीवीपी, एनएसयूआई व सोई में मुकाबला

सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 02 Sep 2019 03:14 PM IST
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कैंपस में छात्राएं
कैंपस में छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

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पीयू छात्रसंघ चुनाव में कुछ संगठनों का गठबंधन होने से मुकाबला कड़ा हो गया है। एकतरफा जीत किसी की नजर नहीं आ रही है। हर किसी के पास बेस वोट (कार्डर वोट) लगभग 2000 के आसपास हैं, लेकिन जीत का आंकड़ा 2500 के पार जाएगा। इन्हीं 500 वोटों को अपने पक्ष में करने के लिए संगठनों ने ताकत झोंक दी है। संगठनों के थिंक टैंक अंदर ही अंदर छात्रों के बीच पैठ बनाने में जुटे हैं।
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राजनीतिक पंडितों का तर्क है कि लड़ाई इस बार 400 से 500 अतिरिक्त वोट पाने की है। यह वोट जिस भी संगठन के पाले में गया तो समझो उसकी जीत पक्की है। आंकड़ों पर गौर फरमाएं तो पिछले साल एसएफएस की उम्मीदवार कनुप्रिया 2802 वोट लेकर विजेता बनी थीं। उन्हें आइसा, पीएसयू ललकार व अन्य वामपंथी दलों का साथ मिला था। दूसरे नंबर पर एबीवीपी के आशीष को 2083 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर सोई संगठन रहा। उसे 1997 वोट मिले थे।
इसका गठबंधन इनसो, आईएसए व हिमसू से था। चौथे नंबर पर रहने वाली एनएसयूआई को 1583 वोट मिले थे। इस बार नामांकन से पहले सभी उम्मीदवार अकेले चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन नाम वापसी की बारी आई तो चार ही मैदान में टिके। बाकी का गठबंधन हो गया। जानकारों की मानें तो एसएफएस के पास अपने 1800 से 1900 वोट हैं। इनके साथ आइसा, पीएसयू ललकार व अन्य कुछ दल खड़े हैं।
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