कैट ने सुनवाई के दौरान आईजी लूथरा पर की कड़ी टिप्पणी, कंटेम्प्ट नोटिस

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 01 Oct 2016 09:30 AM IST
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चंडीगढ़ पुलिस के आईजी तेजिंदर सिंह लूथरा
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ट्रिब्यूनल के आदेश के बावजूद यूटी पुलिस से रिटायर्ड एक कांस्टेबल को पेंशन न देने के मामले में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने चंडीगढ़ पुलिस के आईजी तेजिंदर सिंह लूथरा के खिलाफ कंटेप्ट (अवमानना) नोटिस जारी किया है। ट्रिब्यूनल ने उन्हें अक्तूबर में फिर से पेश होने का आदेश दिया है। 
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इससे पहले ट्रिब्यूनल ने आईजी को 29 सितंबर को खुद पेश होने के आदेश दिया था। इस पर यूटी काउंसिल ने दलील दी कि ट्रिब्यूनल के फैसले का पालन करने के लिए अकाउंटेंट जनरल को पत्र भेजा गया था। इसमें याचिकाकर्ता के लिए फे मिली पेंशन जारी करने की मांग की गई थी। इस दलील के साथ काउंसिल ने आईजी की पेशी पर छूट की अपील की थी। इसे बेंच ने खारिज करते हुए आईजी के कैट में हाजिर न होने पर सख्त टिप्पणी की। बैंच ने कहा कि, ‘पब्लिक में यह धारणा होती है कि पुलिस अधिकारी लोगों से डीलिंग के दौरान खुद को कानून से ऊपर समझकर व्यवहार करते हैं। यह अवधारणा इस केस की परिस्थितियों को देखते हुए सही साबित होती है।’ ट्रिब्यूनल ने आईजी को अगली सुनवाई पर खुद पेश होने का आदेश दिया है। 


ट्रिब्यूनल ने बीती 16 सितंबर को आईजी लूथरा को कैट में पेश होकर 14 दिसंबर 2015 को सुनाए गए एक फैसले का पालन न करने पर जवाब तलब किया था। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा था कि न तो उनके फैसले का पालन किया गया और न ही आईजी ‘इन पर्सन’ पेश हुए। ट्रिब्यूनल ने आईजी को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता को रिवाइज्ड फेमिली पेंशन दें। इसके बावजूद प्रतिवादी पक्ष ने 23 जून को शिकायतकर्ता के लीगल नोटिस का जवाब देने का साहस किया, जिसमें ट्रिब्यूनल के फैसले की पालन करने को कहा गया था। 

लीगल नोटिस के जवाब में प्रतिवादी पक्ष ने कहा कि याचिकाकर्ता को फेमिली पेंशन नहीं मिल सकती। प्रतिवादी पक्ष द्वारा यह जवाब भेजना साफ करता है कि उन्होंने ट्रिब्यूनल के फैसले का पालना नहीं किया। प्रतिवादी ने कानून और कोर्ट से ऊपर उठकर व्यवहार किया है। प्रशासन की न्याय की यह प्रणाली ऐसे व्यवहार से टूटती नजर आ रही है। कांस्टेबल सोहन सिंह की विधवा जसविंदर कौर ने डिपार्टमेंट से फेमिली पेंशन की मांग की थी। उन्हाेंने कहा था कि उनके पति की मौत के बाद होम डिपार्टमेंट ने उनकी फैमिली पेंशन की मांग को खारिज कर दिया था। 

चार हफ्ते में देना था एरियर
कैट ने दिसंबर में पुलिस विभाग आदेश दिए थे कि वह लुधियाना निवासी जसविंदर कौर को 6 सप्ताह में फेमिली पेंशन के लिए रिवाइज्ड पेंशन पेमेंट आर्डर (पीपीओ) जारी करे। वहीं, इसके बाद चार सप्ताह में एरियर देने को कहा था। संबंधित आदेश का पालन करने की बजाय विभाग ने 23 जून 2016 को जसविंदर कौर के एक लीगल नोटिस का जवाब भेजा। इसमें कहा कि उनकी फैमिली पेंशन की मांग मंजूर नहीं हो सकती। 

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