होम आइसोलेट मरीजों पर डॉक्टरों की नजर, एसिप्टोमेटिलक होम क्वारंटीन मरीजों का स्वास्थ्य विभाग लगातार कर रहा फॉलोअप

Panchkula Bureauपंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 29 Jul 2020 12:33 AM IST
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चंडीगढ़। कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एसिंप्टोमेटिक मरीजों को होम क्वारंटीन की सुविधा दी जाने लगी है। मौजूदा समय में जीएमएसएच-16 के लगभग 100 मरीज होम क्वारंटीन किए गए हैं। इनकी हर पल की खबर के लिए अस्पताल के कंट्रोल रूम से प्रतिदिन दो बार कॉल की जा रही है। कॉल करके उन मरीजों से उनकी सेहत से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं ताकि उनकी सेहत में बदलाव पर दूर से भी नजर रखी जा सके।
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केस- 1
सेक्टर-18 निवासी 33 साल की महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बावजूद कोई लक्षण न होने पर होम क्वारंटीन कर दिया गया है। मरीज को चार दिन पहले संदिग्ध अवस्था में जीएमएसएच-16 के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। जहां से उसे दो दिन पहले होम क्वारंटीन किया जा चुका है। मरीज को घर भेजने के बाद अस्पताल से लगातार फोन कॉल पर जानकारी ली जा रही है। कंट्रोल रूम से आने वाली कॉल में खांसी, सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायत के बारे में जानकारी ली जा रही है।
केस -2
सेक्टर-15 निवासी 22 साल के युवक में कोरोना की पुष्टि होने के बाद जीएमएसएच-16 से घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उसमें कोरोना के लक्षण नहीं दिखने पर होम क्वारंटीन किया गया है। घर जाने के बाद अस्पताल के कंट्रोल रूम से उसे कॉल कर फॉलोअप किया जा रहा है। कारण उसे कोरोना से बचाव संबंधी जानकारी और एहतियात के बारे में समय-समय पर सचेत करना है। बिना लक्षण वाले संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू होने के बाद अब वह मरीज घरों में रहकर इलाज करा रहे हैं।
विभाग की टीम जुटा रही रिकॉर्ड
जीएमएसएच-16 के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि मरीज से मिली जानकारी के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम घर का मुआयना कर रही है। मरीज को पूरे 14 दिन के लिए बुखार, जुकाम-खांसी, गले में खराश की शिकायत की जांच के साथ मल्टी विटामिन की दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं जबकि प्लस ऑक्सीमीट्री, थर्मामीटर मरीज को खुद खरीदने होते हैं। इनके संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है। परिजन को मरीज के लिए भोजन देने से लेकर खुद को कैसे सुरक्षित रखकर खाने पीने का सामान पहुंचाया जाए, इसका भी प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि होम आइसोलेशन के दौरान घर के अन्य सदस्य संक्रमित न हों।
इसके साथ ही सेक्टर-45, 22, मनीमाजरा और सेक्टर-16 में इसके लिए अलग से रैपिड एक्शन टीम गठित की गई है, जहां 24 घंटे डॉक्टर एंबुलेंस के साथ तैनात रहते हैं। इसके अलावा मरीज को होम आइसोलेट करने से पहले उसे घर पर बरती जाने वाली सावधानियों के साथ ही डाइट चार्ट और क्या करें क्या ना करें संबंधी बुकलेट भी उपलब्ध कराई जा रही है।
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