हिंसा न हो, फोर्स के पहरे में मनेगी हरियाणा की ‘होली’

ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक। Updated Wed, 09 Mar 2016 11:06 AM IST
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35 लाख लोगों के आने की उम्मीद
35 लाख लोगों के आने की उम्मीद - फोटो : file

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जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की वजह से भाईचारे का संदेश देने वाला त्योहार ‘होली’ भी फोर्स के पहरे में मनेगा। ताकि होली के दौरान होने वाली किसी अनहोनी से पहले ही निपटा जा सके। यही कारण है कि रोहतक सहित अन्य आरक्षण हिंसा प्रभावित जिलों से फोर्स को अभी तक नहीं हटाया गया है। वहीं, 13 मार्च को सर्व खाप पंचायत की कोर कमेटी की भी बैठक ने भी जिला और पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
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रोहतक, झज्जर और सोनीपत पर विशेष नजर
होली के त्योहार पर विशेष तौर पर रोहतक, झज्जर और सोनीपत जिले पर विशेष नजर रखी जाएगी। इन जिलों की बाहरी सीमा पर फोर्स की अलग-अलग कंपनी तैनात की जाएगी।
इसके अलावा हिसार, हांसी, भिवानी और कैथल सहित अन्य जगहों पर भी सुरक्षा के बेहतर इंतजाम होंगे। प्रभावित जिलों में अन्य जिला से पुलिस बल भी भेजा जाएगा।

मुख्य धरना स्थल होंगे निशाने पर  
पुलिस और जिला प्रशासन ने आंदोलनकारियों के धरना स्थल की भी लिस्ट जुटाई है। यह सारे धरना स्थल फोर्स की नजर में होंगे। साथ ही इन जगहों पर प्रयोग होने वाले मोबाइल नेटवर्क को भी सर्विलांस पर रखा जाएगा। इतना ही नहीं प्रदेश की सीमा से जुड़े जिलों की चेक पोस्ट पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

छवि सुधारने को सक्रिय हुआ गुप्तचर विभाग
विभाग के कर्मचारियों को जिले के विभिन्न हिस्सों से जानकारी जुटाने के लिए तैनात कर दिया गया है। ताकि जिला प्रशासन और पुलिस के सामने सही रिपोर्ट पेश कर सके। वहीं गुप्तचर विभाग पर जाट आंदोलन की भीड़ और उसके उग्र होने की सही रिपोर्ट सरकार को नहीं देने का आरोप लगा हुआ है। जांच कमेटी की तरफ से भी गुप्तचर विभाग के अधिकारियों के बयान मांगे गए है।

जुटाया सोशल मीडिया का रिकॉर्ड
उपद्रव में दौरान अधिकारियों की लापरवाही की जांच कर रही जांच कमेटी ने सोशल मीडिया की रिपोर्ट भी खंगालनी शुरू कर दी है। उपद्रव से जुड़ी जितनी भी वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड की गई है जांच कमेटी पड़ताल करेगी।

अधिकारियों की भी होगी जांच
जांच कमेटी को जिला पुलिस और अन्य माध्यमों से सौंपी गई उपद्रव की सीसीटीवी फु टेज भी अधिकारियों के गले की फांस बन सकती है। पुलिस सीसीटीवी फु टेज से उपद्रवियों तक पहुंचने के लिए प्रयोग कर रही है जबकि कमेटी की ओर से फुटेज में अधिकारियों की मौजूदगी और गैर मौजूदगी को देखा जाएगा। ऐसे में उपद्रव से जुड़ी वीडियो और फोटो के लिए कमेटी ने अलग से वेबसाइट बनाई है।

स्कूलों और अस्पतालों की भी सुरक्षा बढ़ाई
जिला पुलिस की तरफ से स्कूलों और निजी अस्पतालों की भी सुरक्षा बढ़ा दी है। स्कूल के पास पुलिस गार्द सहित अर्द्घसैनिक बलों की कंपनी तैनात की गई है।
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