हरियाणाः 5 साल में चोरी, तकनीकी लॉस, बिल की कम उगाही से बिजली निगमों को करोड़ों की चपत

मोहित धुपड़, चंडीगढ़ Updated Wed, 19 Feb 2020 11:40 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
हरियाणा में बिजली चोरी, तकनीकी लॉस, कमर्शियल लॉस व बिजली बिल की कम उगाही के चलते हर साल बिजली वितरण कंपनियां सैकड़ों करोड़ का नुकसान झेल रही हैं। पांच वित्तीय वर्ष की समीक्षा करें तो सूबे की दोनों उत्तरी एवं दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण कंपनियों (डिसकॉम) को करीब 28329.1 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
विज्ञापन

इसे ‘एटी एंड सी’ यानी एग्रीगेट टेक्निकल एंड कामर्शियल लॉस कहा जाता है। सरकार अब इसी एटी एंड सी लॉस को कम करने में जुटी है। जिसके चलते 2016 से बिजली कंपनियों ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। जिससे 15 साल से घाटे में डूबी प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों को अब संजीवनी मिलने लगी है।
नतीजतन दो वित्तीय वर्ष से बिजली वितरण कंपनियों को पंद्रह साल बाद फायदा होना शुरू हुआ है। इसी सख्ती से वित्तीय वर्ष 2017-18 में बिजली कंपनियों को 412 करोड़ का फायदा हुआ रहा, तो वहीं 2018-19 में ये फायदा लगभग 280 करोड़ था, जिसमें अभी करीब 606 करोड़ सरकार की ओर से सब्सिडी की राशि आनी बाकी है।
वित्त वर्ष 2019-20 भी खत्म होने को है। आला अफसरों को उम्मीद है कि इस बार भी बिजली कंपनी फायदे में ही रहेंगी। देश में कुछेक ही राज्य (गुजरात, कर्नाटक, उतराखंड इत्यादि) ऐसे हैं, जिनकी बिजली वितरण कंपनियां फायदे में हैं। उनमें अब हरियाणा भी शामिल हो गया है।

उत्तरी एवं दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के सीएमडी एवं चेयरमैन शत्रुजीत कपूर के अनुसार बिजजी कंपनियां फायदे में रहेंगी, तभी प्रदेश की बिजली सप्लाई को और सुचारु किया जा सकेगा। सरकार भी पूरा सहयोग कर रही है, जबकि हमने अपनी बिलिंग व कलेक्शन एफिशियंसी को भी बढ़ाया है। उनके अनुसार हमने तीन साल में एटी एंड सी के नुकसान कम करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

नुकसान और कम करने को बनेगी रणनीति

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us