Womens Day: मां की तपस्या ने अंजुम मोदगिल को बनाया इंटरनेशनल शूटर, कोच बनकर निखारा

संजीव पंगोत्रा, चंडीगढ़ Updated Sun, 08 Mar 2020 03:18 PM IST
विज्ञापन
मां के साथ अंजुम मोदगिल
मां के साथ अंजुम मोदगिल - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
मां की डांट, फटकार पहले तो बुरी लगती है लेकिन सफलता मिलने पर वही डांट, फटकार याद आता है, क्योंकि उसी डांट से हम अपने लक्ष्य को हासिल कर पाते हैं। जब मां की आंखों में एक आशा की किरण दिखती है और हम उम्मीद पर खरा उतरते हुए उनके सपने को पूरा करते हैं तो उस खुशी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन

यह कहना है भारत को 2020 ओलंपिक में शूटिंग में कोटा दिलाने वाले इंटरनेशनल शूटर अंजुम मोदगिल का। अमर उजाला से विशेष बातचीत में अंजुम ने कहा कि महिलाएं आज किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। अर्जुन की तरह लक्ष्य भेदने वालीं अंजुम ने कभी अपनी मां की आंखों में देश के लिए स्वर्ण पदक लाने का सपना देखा था।
मां की मेहनत ने अंजुम को जज्बे को और मजबूती दी। गोल्डन गर्ल के नाम से मशहूर अंजुम बतातीं हैं कि उनकी मां शुभ मोदगिल की लगन और तपस्या का ही फल है कि आज वह इस मुकाम पर हैं। नारी शक्ति सशक्तिकरण का उदाहरण पेश करते हुए अंजुम मोदिगल का नाम देश की टॉप महिला शूटर में शामिल हैं।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

मां के अरमानों को अंजुम ने लगाए पंख

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us