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'व्हील चेयर' वाला एक शख्स, जिसने हाइवे किनारे कराई शराबबंदी, दिलचस्प है इनकी कहानी

सिस्टम से लड़ना कोई हरमन सिंह सिद्धू से सीखे। वर्ष 1996 में वह एक हादसे का शिकार हो गए थे और इसके बाद से व्हीलचेयर पर आ गए।

17 फरवरी 2020

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चंडीगढ़

शनिवार, 22 फरवरी 2020

संघर्ष समिति की मांग 31 मार्च तक पूरी करे सरकार, नहीं तो फिर आंदोलन शुरू होगा: यशपाल मलिक

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि प्रदेश सरकार को उनकी पांच मांग 31 मार्च तक हर हाल में पूरी करनी चाहिए। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं करने पर प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक कर आंदोलन की घोषणा की जाएगी। साथ ही कहा कि केंद्र में भी आरक्षण हासिल करने के लिए जाट समाज के लोगों का संघर्ष जारी रहेगा और मार्च माह में देश भर में सांसदों को ज्ञापन दिए जाएंगे।

वह फरवरी, 2016 में हुए आरक्षण आंदोलन में मारे गए जाट समाज के युवाओं की स्मृति में लाठ जौली में आयोजित सभा में बोल रहे थे। सभा में मृतक युवाओं को श्रद्धांजलि दी गई और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने आगामी रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया। 

समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि आरक्षण आंदोलन के दौरान धरनों पर मारे गए जाट समाज के लोगों के परिजनों को राज्य सरकार नौकरी देने में आनाकानी कर रही है। राज्य सरकार उस समय युवाओं पर दर्ज केस वापस लेने, प्रदेश में आरक्षण देने, एसबीसी उम्मीदवारों की नियुक्तियां, आर्थिक आधार पर आरक्षण में आयु व अन्य छूट केंद्र सरकार के तय मानकों के अनुसार देने की मांगों को समझौता होने के बावजूद पूरा नहीं कर रही है। 

यशपाल मलिक ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को 31 मार्च तक पूरा नहीं करती है तब भाजपा के सभी विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में पंचायत की जाएगी और विधायकों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। साथ ही जजपा और निर्दलीय विधायकों के क्षेत्र में भी पंचायत होंगी। साथ ही कहा कि 31 मार्च तक सामाजिक न्याय यात्रा भी जारी रहेगी, जिसमें विधायकों को भी मांगपत्र सौंपे जाएंगे।

उन्होंने कहा कि मार्च में जिन 13 राज्यों में जाट समाज के लोग रहते हैं उनमें सभी सांसदों को ज्ञापन दिए जाएंगे और उनसे कहा जाएगा कि वह जाट समाज को केंद्र की ओबीसी श्रेणी में शामिल करने की सिफारिश के पत्र प्रधानमंत्री, सामाजिक न्याय मंत्री और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को भेजें। सभा में विभिन्न प्रदेशों से लोग पहुंचे। इस मौके पर समिति के पदाधिकारी अशोक बल्हारा बीएस अहलावत, महेंद्र पूनिया, बलवान सिंह, जयभगवान डबास, रणबीर कोच, सुरेंद्र सिरसाढ़, रामभगत मलिक, ओमपाल देशमुख मौजूद रहे।
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जिला अध्यक्ष चुनाव: भाजपा ने 22 जिलों में पर्यवेक्षक किए नियुक्त, पढ़ें- किसे मिली कहां की जिम्मेदारी

जिला अध्यक्षों के चुनाव को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, हरियाणा भाजपा के संगठन महामंत्री सुरेश भट्ट, सांसद एवं प्रदेश महामंत्री संजय भाटिया, प्रदेश महामंत्री संदीप जोशी और प्रदेश महामंत्री एडवोकेट वेदपाल मौजूद रहे।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राजनीतिक दल है, यह एकमात्र राजनीतिक दल है, जो अपने संगठन के पदाधिकारियों के चुनाव राष्ट्रीय स्तर से लेकर बूथ और मण्डल स्तर तक बिना किसी द्वंद्व के लोकतांत्रिक ढंग से करता है।

संगठन के चुनावों को सफलता पूर्वक करवाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं से आपसी रायशुमारी करते हुए आगे के दायित्व के लिए कार्यकर्त्ताओं को चुना जाता है। एक मजबूत कार्यकर्त्ता संगठन को और मजबूत बनता है। इसी दिशा में जिलों में जिलाध्यक्षों के चुनाव के लिए जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं से सलाह मशविरा करने के लिए सभी 22 जिलों के पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा नियुक्त पर्यवेक्षक सभी 22 जिलों में रायशुमारी कर एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौपेंगे।
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गार्डनिंग के शौक ने घर में कराया कॉम्पीटिशन, माता-पिता का किचन गार्डन, बहू-बेटा का टैरेस गार्डन

पेड़-पौधे और हरियाली के लिए जब टशन हो तो घर में ही कॉम्पीटिशन होने लगता है, वो भी पड़ोसी नहीं बल्कि माता-पिता व बहु-बेटे के बीच। माता-पिता ने किचन गार्डन को ऑर्गेनिक खेती के तौर पर  विकसित किया है तो बहू-बेटा ने घर की छत पर टैरेस गार्डन बना डाला। दोनों में लगातार कॉम्पीटिशन चलता है कि किसके गार्डन में कितने सुंदर पेड़ व फूल हैं।

सेक्टर 21 की कोठी नंबर 1105 निवासी संजीव चड्ढा अपनी पत्नी अंजू चड्ढा, बेटे अंकुश चंड्ढा और बहू इलिका चड्ढा के साथ रहते हैं। आलीशान घर के साथ ही संजीव चड्ढा ने बेहतरीन गार्डन बनाए हैं। इसकी देखभाल वे खुद करते हैं। 15 दिन में एक बार माली को बुलाते हैं। किचिन गार्डन में संजीव चड्ढा ने कई सब्जियों और सलाद के पत्ते लगा रखे हैं। वहीं उनके बेटे ने अपने गार्डन में सुंदर फूलों के साथ ही औषधि पौधों को भी लगाया। परिवार ने तय कर रखा है कि प्रतिदिन एक घंटा गार्डन को देना है।
 
ब्रोकली के साथ ही तुलसी के कई प्रकार
किचन गार्डन में ब्रोकली, बैंगन, पुदीना, सौंफ,  अजवायन, सलाद पत्ता, मरवा (महुआ), लौंग, लेमन ग्रास, इलायची के अलावा गोभी, मिर्च, अदरक भी लगाई हुई है। वहीं टैरेस गार्डन में गेंदा, गुलाबों की अलग-अलग प्रजाति, अमरूद और अन्य प्रकार के पौधों को लगाया गया है। पौधों के लिए बेहतर गमले और उन्हें धूप बेहतर तरीके से मिले इसका भी खास ध्यान रखा जाता है।
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चंडीगढ़ः पीजी में लगी भीषण आग, तीन लड़कियों की जलकर मौत, दो ने छलांग लगा बचाई जान

लैपटॉप को चार्ज करते समय शॉर्ट सर्किट से शनिवार शाम करीब चार बजे सेक्टर-32डी के एक गर्ल्स पीजी में आग लग गई। अवैध रूप से संचालित इस पीजी में कुल 30 कमरे बने हुए हैं। आग एक कमरे में लगी और तेजी से फैल गई। धुएं से पीजी में मौजूद छात्राओं का दम घुटने लगा। हादसे के समय करीब 25 छात्राएं पीजी में मौजूद थीं। शोर मचते ही इनमें से 20 निकलने में कामयाब हो गईं, जबकि पांच छात्राएं धुएं और आग में फंस गईं। 

दम घुटने और झुलसने से इनमें से तीन की मौत हो गई जबकि दो छात्राओं ने बिल्डिंग की पहली मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि पीजी की पहली मंजिल जलकर पूरी तरह राख हो गई। सूचना पर पहुंचीं दमकल की पांच गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर करीब दो घंटे बाद काबू पाया। 

हादसे में हिसार के लक्ष्मी नगर निवासी मुस्कान (21) की झुलसने जबकि कोटकपूरा (पंजाब) के सत्य बाजार निवासी पाक्षी ग्रोवर (20) और कपूरथला (पंजाब) निवासी रिया अरोड़ा (19) की धुएं में दम घुटने से मौत हो गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त पीजी में ज्यादा लड़कियां नहीं थीं, अगर हादसा रात में या सुबह में होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। 
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राहत एवं बचाव कार्य में जुटे पुलिसकर्मी। राहत एवं बचाव कार्य में जुटे पुलिसकर्मी।

प्रेमिका ने फोन कर प्रेमी को बुलाया, घरवालों ने चार दिन बंधक बना पीटा, अस्पताल में भर्ती

प्रेमिका के बुलाने पर उसके घर पहुंचे प्रेमी को परिजनों ने बंधक बनाकर चार दिन तक पीटा। प्रेमी के परिजनों ने मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस की मदद से उसे छुड़ाया। घायल प्रेमी को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। थाना सिटी पुलिस का कहना है पीड़ित के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद केस दर्ज किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

सिविल अस्पताल में दाखिल प्रेमी जीवन सिंह के पिता, चाचा और भाई ने बताया युवक ईंट भट्टा पर मजदूरी करता है। जीवन के गांव के ही एक युवती से प्रेम संबंध थे। बीती 18 फरवरी की रात 11:00 बजे प्रेमिका ने जीवक को फोन करके अपने घर पर बुलाया था। वहां पहुंचने पर जीवन को लड़की के घरवालों ने पकड़कर बंधक बना लिया। 

इससे पहले भी जीवन काम के कारण कई-कई दिन घर नहीं आता था। इस पर उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट भी नहीं लिखवाई। इसी बीच 21 फरवरी को उन्हें सूचना मिली कि जीवन सिंह को गांव में बंधक बनाया गया है। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने उसे मुक्त करवा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। 

सिविल अस्पताल में दाखिल जीवन सिंह ने बताया कि उससे लड़की के पिता, भाई व दामाद ने बेरहमी से मारपीट की है। 18 की रात से उसे एक कमरे में रस्सी से बांधकर रखा गया था। थाना प्रभारी जगजीत सिंह ने बताया कि उनकी तरफ से पीड़ित के बयान दर्ज करके मामले में गहराई से जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद केस दर्ज किया जाएगा। 
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गोली लगने से यूथ कांग्रेस नेता की मौत, कार में खून से लथपथ शव मिला, पुलिस जांच में जुटी

नाभा में थाना कोतवाली के नजदीक जीप में पंजाब यूथ कांग्रेस के नेता एवं प्रापर्टी डीलर अमनदीप सिंह उर्फ गोसू (40)  शुक्रवार रात खून से लथपथ मिला। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक गोसू की मौत उसकी अपनी ही रिवाल्वर से गोली चलने से हुई है। बताया जा रहा है कि गोसू ने सुसाइड किया है। लेकिन पुलिस अभी इस बारे में कुछ नहीं कह रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। 

नाभा थाना कोतवाली पुलिस के मुताबिक रात करीब साढ़े 9 बजे गोली चलने की आवाज सुनी। इस पर पुलिस तुरंत हरकत में आई। जैसे ही पुलिस थाने से महज 250 मीटर की दूरी पर स्थित गुरुद्वारा साहिब के पास पहुंची तो देखा कि जीप में पंजाब यूथ कांग्रेस नेता एवं प्रापर्टी डीलर अमनदीप सिंह उर्फ गोसू खून से लथपथ पड़ा था। उसकी कनपटी में गोली लगी थी। उसे तुरंत नाभा के सरकारी सिविल अस्पताल में ले जाया गया। जहां से उसे पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने गोसू को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के मुताबिक गोसू को गोली उसकी अपनी ही रिवाल्वर से लगी है। बताया जा रहा है कि गोसू ने सुसाइड किया है। लेकिन पुलिस फिलहाल हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि परिवार वालों के बयान लिए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने मामले में धारा 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई की है।
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9000 में दादा-दादी संग करें दक्षिण भारत के तीर्थों की यात्रा, बुकिंग कराएं कहीं मौका छूट न जाए

प्रतीकात्मक तस्वीर

देखिए एक बिजनेसमैन, जो जीता है सिर्फ भंगड़े के लिए, तैयार कर चुके हैं 15 से ज्यादा टीमें

कहावत है कि सफलता प्राप्त करनी हो तो जुनून पैदा करो। सेक्टर 21 के गुरप्रीत सिंह प्लाहा ने भंगड़ा सीखने के लिए अपने अंदर के जुनून को जगाया और 15 से ज्यादा भंगडे़ की टीम तैयार कर दी है। उन्हें भंगड़े के अलावा बैले और शम्मी (गिद्दा की तरह पंजाबी नृत्य) में भी महारत हासिल है। वे स्कूलों में जाकर भंगड़े की ट्रेनिंग देते हैं। जरूरतमंद से कोई फीस नहीं लेते हैं। वर्कशॉप करते हैं।

हाल ही में टीएफटी में उन्होंने दो दिन की वर्कशॉप भी लगाई थी। भंगड़े के प्रति उनके जोश का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने नेत्रहीन लड़कियों और सीनियर सिटीजन की टीम तैयार कर दी थी। वे मूल रूप से बाथ फिटिंग की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को संचालित करते हैं। अपने बिजनेस में व्यस्त रहने के बावजूद उनकी जान भंगड़े में बसती है।

जब वे आठवीं क्लास में थे, तभी भंगडे़ का चस्का लग गया था। उस दौरान वे नार्थ जोन कल्चर में किसी कार्यक्रम को देखने गए थे। वहां पर कुछ लोगों को भंगड़ा डालते देखा तो तभी भंगड़ा सीखने का ठान लिया। उन्होंने अपने पिता से बात की। पिता ने उस्ताद गरीबदास से बात की और गुरप्रीत को भंगड़ा सिखाने के लिए तैयार कर लिया। आठवीं क्लास की वार्षिक छुट्टियों में उन्होंने भंगड़े की एबीसीडी सीखी और कुछ दिनों में वे हुनरमंद की निगाहों में छा गए।
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एक क्लिक पर देख सकेंगे पेंडिंग चालान और भुगतान भी ऑनलाइन, ये है ट्रैफिक पुलिस की योजना

यूटी ट्रैफिक पुलिस जल्द की एक ऐसी वेबसाइट लांच करने जा रही है, जिसमें लोग अपनी गाड़ी पर हुए चालान को ऑनलाइन देख सकेंगे। इसके साथ ही चालान का भुगतान भी ऑनलाइन हो जाएगा। यह वेबसाइट खासतौर पर ई-चालानों के लिए लांच की जाएगी। इसमें लोग सीसीटीवी कैमरे, ऑनलाइन शिकायत आदि तरीकों से हुए चालान को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे।

चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस लोगों की तरफ से शिकायत करने पर ट्विटर के माध्यम से भी चालान करती है। ऐसे में जिस व्यक्ति की शिकायत कर चालान किया जाता है, उसे चालान के बारे में जानकारी नहीं होती है। उन्हें पुलिस की तरफ से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज करने के बाद ही चालान का पता चलता है।

कई बार रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर गलत या फिर बदल जाने पर कोर्ट की तरफ से जारी समन पर वाहन मालिक को ई-चालान का पता चलता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए ही ट्रैफिक पुलिस की तरफ से वेबसाइट तैयार की जा रही है। ट्रैफिक एसएसपी शशांक आनंद के अनुसार ई-चालान को लेकर जल्द ही एक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
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खौफ: पालतू जानवरों के टीकाकरण में शामिल हुआ ‘कोरोना’, कुत्तों को होता है दो तरह का वायरस

इसे कोरोना वायरस का डर ही कहेंगे कि पालतू पशुओं (डॉग्स) के टीकाकरण में अब कोरोना टीके को भी शामिल कर लिया गया है। इस कारण से टीकाकरण के लिए आने वाले पेट्स की संख्या में भी 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 100 दिनों की उम्र तक पेट्स में तीन टीकाकरणों को पशु चिकित्सक जरूरी बताते हैं।

कोरोना वायरस के कारण अब तक चीन सहित अन्य देशों में दो हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इस वायरस से संक्रमित 22 देशों में मरीज मिले हैं। भारत में भी अब तक 3 मामले प्रकाश में आ चुके हैं। वायरस फैलने का कारण व्यक्ति का एक दूसरे के संपर्क में आना बताया गया है। यह वायरस जानवरों से फैला है।

इन संभावनाओं को देखते हुए अब पालतू कुत्तों के लिए पशु विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों ने इसे जरूरी कर दिया है। इस कारण से टीकाकरण कराने वाले पेट्स की संख्या में दो माह में 30 प्रतिशत तक इजाफा हो गया है।
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अलर्टः मार्च में शहर की कालोनी नंबर-4 खाली कराएगा प्रशासन, बायोमीट्रिक सर्वे आएगा बड़े काम

चंडीगढ़ कालोनी नंबर-4 के करीब 2300 परिवारों को मलोया में शिफ्ट करने के बाद अब यूटी प्रशासन कालोनी को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। सर्दियों की वजह से कालोनी को खाली करने काम रुक गया था, जिसे अब फिर से मार्च में शुरू किया जाएगा। प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार जिन लोगों की फाइलें किसी न किसी वजह से पेंडिंग हैं, उन्हें सेक्टर-52 के टीन शेड में शिफ्ट किया जाएगा।

पिछले साल जून में प्रशासन ने ज्यादातर लोगों को मलोया में बने पक्के मकानों में शिफ्ट कर दिया था। इस पूरी प्रक्रिया में 3-4 महीने लग गए। सभी दस्तावेज पूरे करने वाले 2300 परिवारों को मकान दे दिया गया लेकिन फिर भी 500 से 700 परिवार ऐसे बच गए जिन्हें मकान नहीं मिल पाया। ऐसे लोगों के दस्तावेजों में किसी न किसी तरह की कमी है। ऐसे लोगों के लिए प्रशासन की तरफ से समय-समय पर कैंप लगाए गए और दस्तावेज जमा कराने के कई मौके दिए गए।

कुछ दिन पहले प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा समेत अन्य अफसरों ने कालोनी का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने पाया था कि कालोनी में कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें मलोया में मकान मिल चुका है फिर भी वह कालोनी नंबर-4 में झुग्गी बनाकर रह रहे हैं। इसके बाद मनोज परिदा ने सर्दियों के खत्म होते ही कालोनी को खाली करने के निर्देश दिए थे। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों का 2006 में बायोमीट्रिक सर्वे हुआ है, उन्हें प्रशासन की तरफ से सेक्टर-52 के टीन शेड में शिफ्ट किया जाएगा।
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पंजाब के बाद हरियाणा में भी फिल्म 'शूटर' बैन, इस खतरनाक गैंगस्टर पर है आधारित

हरियाणा ने भी पंजाबी फिल्म ‘शूटर’ को प्रदेश में बैन कर दिया है। गृह विभाग ने प्रदेश में फिल्म को प्रतिबंधित करते हुए इसे सिनेमा घरों में रिलीज नहीं करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को फिल्म पर रोक लगाने के लिए उचित निर्णय लेने की सलाह दी थी। 

यह फिल्म गैंगस्टर सुक्खा काहलवां की जिंदगी पर आधारित है। काहलवां पर तीन दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। इस फिल्म में हिंसा के साथ गन कल्चर को बढ़ावा दिया गया है। पंजाब सरकार पहले ही इस फिल्म पर रोक लगा चुकी है। इसके अलावा पंजाब सरकार ने फिल्म के प्रोड्यूसर खिलाफ एक्शन लेने के भी आदेश जारी किए हुए हैं। केंद्र सरकार ने भी हाई कोर्ट में अपने जवाब में कहा था कि इस फिल्म को अभी तक रिलीज करने की किसी तरह की कोई इजाजत नहीं दी गई है। चंडीगढ़ में भी इस फिल्म पर प्रतिबंध है।

नशे और हिंसा आधारित गीतों पर हाईकोर्ट ने भी लगाई है रोक
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भी पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के डीजीपी को निर्देश दिए थे कि यह यकीनी बनाया जाए कि कोई ऐसा गाना किसी लाइव शो के दौरान चलने न दिया जाए जो शराब, नशे और हिंसा को बढ़ावा देता हो। अदालत ने हर जिले के जिला मजिस्ट्रेट/एसएसपी को निर्देश दिए थे कि इन आदेशों का सख्ती से पालन करने की उनकी निजी जिम्मेदारी है।
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