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ये हैं कुंडली के 12 भाव, पड़ता है जीवन पर ये असर
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कौन हैं जोगिंदर सिंह उगराहां, जिन्होंने संभाली पंजाब के सबसे बड़े किसान संगठन की बागडोर

कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब-हरियाणा के किसान दिल्ली के बार्डर पर डटे हुए हैं। पंजाब का सबसे बड़ा किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन उगराहां भी कंधे स...

30 नवंबर 2020

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Digital Edition

निर्माण मजदूरों की बेटियों की शगुन राशि में 20 हजार का इजाफा, अब दिए जाएंगे 51 हजार रुपये

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रदेश में निर्माण मजदूरों की बेटियों के विवाह के अवसर पर दी जाने वाली शगुन की राशि पहली अप्रैल 2021 से 31000 रुपये से बढ़ाकर 51000 रुपये करने का एलान किया है। साथ ही कोविड टेस्ट पॉजिटिव पाए जाने वाले निर्माण कामगार या उनके पारिवारिक सदस्यों को 1500 रुपये की वित्तीय सहायता देने की भी मंजूरी दी गई है।

यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता मेें भवन एवं अन्य निर्माण कामगारों (बीओसीडब्ल्यू) कल्याण बोर्ड की शुक्रवार शाम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई मीटिंग में लिया गया। इसके साथ ही, शगुन स्कीम का लाभ लेने की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए मुख्यमंत्री ने मौजूदा शर्त में किसी भी धार्मिक संस्था गुरुद्वारा, मंदिर और चर्च की तरफ से जारी किए गए विवाह सर्टिफिकेट को स्वीकार करने की मंजूरी दे दी।
 
इस स्कीम के तहत 50 प्रतिशत राशि एडवांस में हासिल की जा सकेगी, जबकि शेष राशि नए नियमों के तहत संबंधित अथॉरिटी की तरफ से जारी विवाह सर्टिफिकेट जमा करवाने के बाद जारी की जाएगी। भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के साथ रजिस्टर्ड बेटियां इस स्कीम के लिए पात्र होंगी।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)

हरियाणा : गन्ना खरीद में अब मैनुअल पर्ची व्यवस्था खत्म, ई -पर्ची या एसएमएस से मिलेगा प्रवेश

गन्ना खरीद के लिए अब हरियाणा की शुगर मिलों में मैनुअली पर्ची सिस्टम को बंद किया जा रहा है। किसानों की सुविधा देखते हुए इसकी जगह ई-पर्ची से गन्ना खरीद का फैसला लिया गया है। प्रदेश के कुछ चीनी मिलों ने इस नई व्यवस्था को लागू कर दिया है और शेष में काम चल रहा है। शुगरफेड के अधिकारियों का दावा है कि अगले सीजन में सभी मिलों में ई-पर्ची से ही खरीद होगी।

बता दें कि इस समय गेहूं और धान की खरीद पोर्टल के माध्यम से की जाती है। किसान को पहले ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है और बाद में उसको फसल लाने के लिए मोबाइल से एसएमएस भेजा जाता है। कुछ इसी तर्ज पर शुगरफेड ने भी गन्ना खरीद की तैयारी की है। इसके तहत रोहतक और जींद शुगर मिल में ई-पर्ची के माध्यम से खरीद चल रही है। 

शेष मिलों में भी इसको चालू करने की कोशिश चल रही है। जहां पर कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। वहां किसानों को मैनुअली पर्ची भिजवाई जा रही है। गौरतलब है कि प्रदेश में रोहतक, करनाल, सोनीपत, शाहाबाद, जींद, पलवल, महम, कैथल और गोहाना में सरकारी शुगर मिल हैं, जबकि तीन निजी शुगर मिल हैं।
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ट्रैक्टर परेड : दिल्ली के सभी संपर्क मार्ग सील, सीमा पर कई राज्यों से पहुंचे किसान

26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए किसानों के जाने का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। पंजाब, हरियाणा, यूपी आदि राज्यों से करीब पांच हजार ट्रैक्टर लेकर किसान दिल्ली की सीमा पर एक दिन में पहुंच गए हैं। वहीं दिल्ली के सभी संपर्क मार्ग पुलिस ने सील कर दिए हैं। इधर, पंजाब में आप ने किसानों के ट्रैक्टर मार्च के समर्थन में मोटरसाइकिल रैली निकाली। बठिंडा में बैठक करने पहुंचे भाजपा नेताओं को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

किसान नेता गुरविंदर सिंह, गुरदेव सिंह व कश्मीर सिंह ने बताया कि किसान अपने साथ खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान लेकर जा रहे हैं। अमृतसर में नेता सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धासुमन आर्पित करने के बाद हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ सिंघु बॉर्डर के लिए रवाना हुए। ट्रैक्टरों पर केसरी व नीले रंग के झंडे लगा कर केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे किसानों ने दो टूक कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे तब तक वह नहीं लौटेंगे।

भाजपा नेता का विरोध करने पहुंचे किसानों की पुलिस के साथ धक्कामुक्की
बठिंडा में भाजपा के पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया शनिवार को एक होटल में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक लेने पहुंचे। सूचना पर कालिया का विरोध करने के लिए किसान होटल की ओर जाने लगे। पुलिस ने किसानों को आगे जाने से रोक दिया। इस पर पुलिस और किसानों के बीच धक्कामुक्की हो गई। बाद में किसी तरह मामला शांत कराया गया। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेता जसवीर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी, तब तक भाजपा नेताओं का घेराव जारी रहेगा।

किसानों ने रुकवाई फिल्म गुड लक जैरी की शूटिंग
पटियाला में कृषि कानूनों को लेकर किसानों ने भूपिंदरा रोड के पास हो रही फिल्म गुड लक जैरी की शूटिंग को रूकवा दिया। किसानों के रोष को देखते हुए फिल्म की अभिनेत्री जाह्नवी कपूर और सारी टीम होटल वापस चली गई। किसानों ने होटल पहुंचकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक खेती कानून रद्द नहीं होगा, तब तक हिंदी फिल्म की शूटिंग पंजाब में नहीं होने दी जाएगी।

पंजाब के मानसा जिले के किसान की हार्ट अटैक से मौत
बहादुरगढ़। पंजाब के मानसा जिले के किसान भोला सिंह (48) की शनिवार की सुबह हार्ट अटैक से मौत हो गई। वहीं नेशनल हाईवे 71 पर डीघल गांव में किसानों का धरना जारी है। ट्रैक्टरों पर झंडे लगाकर किसानों ने ढांसा व टीकरी बॉर्डर की ओर रुख किया। शनिवार को धनखड़ बारहा खाप से किसान ढांसा बार्डर पहुंचे।

आज खेड़ा बॉर्डर स्थित धरनास्थल पर राहुल गांधी के आने की संभावना
हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर व मसानी बैराज पर किसानों का धरना जारी है। 24 जनवरी को खेड़ा बॉर्डर स्थित धरना स्थल पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आने की संभावना। राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
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हरियाणा में एचसीएस के कॉडर पदों पर कैंची, आरटीए और जीएम रोडवेज के 34 पद खत्म

हरियाणा सरकार ने एचसीएस के कॉडर पदों पर कैंची चला दी है। प्रदेश में अभी तक रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी में एचसीएस अधिकारी ही लगते आए हैं और जीएम रोडवेज के पद पर भी एचसीएस अधिकारी तैनात होते थे। अब सरकार ने 22 पद आरटीए सचिव के और 12 पद जीएम रोडवेज के समाप्त कर इन पर दूसरे विभागों से अधिकारियों की तैनाती का मूड बनाया है।

सूत्रों के मुताबिक अब इन पदों पर एचपीएस, वन विभाग, रोजगार और अन्य विभागों के अधिकारी नियुक्ति पा सकेंगे। हालांकि, एचसीएस लाबी इस बात का विरोध कर रही है कि ऐसा नहीं होना चाहिए। प्रदेश की एचसीएस लाबी तब से इस बात के विरोध में है जब रोडवेज महकमे में कुछ एचपीएस अधिकारियों की नियुक्ति सरकार ने की थी। उस समय प्रदेश में अफरा तफरी का माहौल बना था, लेकिन मामला शांत हो गया।

अब सरकार के इस परिपत्र से एक बार फिर एचसीएस लाबी का विरोध में आना स्वाभाविक है। पिछले दिनों रोडवेज महकमें में कई पदों पर अचानक सरकार ने एचपीएस अधिकारियों की नियुक्ति कर दी थी। ऐसा तब हुआ जब रोडवेज की कमान आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर के हाथ में आई। अब सरकार का यह मानना है कि उनकी इस तैनाती से परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार में कमी आएगी। 

एचसीएस अधिकारियों की लाबी और व्हाटसएप ग्रुपों में सरकार के इन निर्णयों का विरोध भी हो रहा है। लेकिन अधिकारियों को यह तर्क दिया जा चुका है कि कुछ अन्य राज्यों में भी इस तरह की व्यवस्था है। जिसके बाद ही यह निर्णय लिया गया है। मालूम हो कि पिछले दिनों आईएएस के कॉडर पदों पर भी आईपीएस की नियुक्तियों को लेकर विवाद छिड़ा था लेकिन बाद में यह मामला शांत हो गया।
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किसान नेताओं को शंका- दिल्ली में होने वाली किसानों की ट्रैक्टर परेड में असामाजिक तत्व कर सकते हैं हिंसा

हरियाणा रोडवेज बस।
26 जनवरी को दिल्ली में कृषि कानूनों के विरोध में होने वाली ट्रैक्टर परेड में कुछ असामाजिक तत्वों के शामिल होने की सूचनाएं किसानों को मिल रही हैं। ये लोग ट्रैक्टर मार्च के दौरान हिंसा कर माहौल को खराब कर सकते हैं। ऐसे में कुछ किसान नेताओं ने ट्रैक्टर परेड के स्थान परिवर्तन की इच्छा जताई है। उन्होंने सुझाव दिया है कि ट्रैक्टर परेड आउटर रिंग रोड के बजाय बाहर किसी अन्य स्थान पर की जाए।

बीते शुक्रवार की रात सिंघु बॉर्डर पर पकड़े गए एक संदिग्ध युवक के कबूलनामे के बाद किसान नेताओं की इस शंका को और बल मिला है। हालांकि ट्रैक्टर परेड को लेकर किसान संगठनों को मिलाकर बनाए गए संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल किसान नेताओं की इस मामले में अलग-अलग राय है।

कुछ किसान नेताओं का कहना है कि किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश के तहत कुछ ऐसे असामाजिक तत्व परेड में शामिल हो गए हैं, जो परेड के दौरान हिंसा फैलाकर माहौल को खराब कर सकते हैं। इसलिए परेड के स्थान में परिवर्तन किया जाए लेकिन कुछ किसान नेताओं का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है। परेड का स्थान तय हो चुका है और तय तिथि और तय स्थान पर ही परेड का आयोजन किया जाएगा। मोर्चा के किसान नेताओं ने अलग अलग राय पर फिलहाल गंभीरता से विचार करना शुरू कर दिया है।

अलर्ट मोड पर किसानों का खुफिया तंत्र
परेड में शामिल हुए असामाजिक तत्वों के शामिल होने की आशंका को देखते हुए किसानों का भी खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया है। दोनों स्थानों पर प्रशिक्षित किसानों को संदेश भेज दिया गया है और संदिग्ध लोगों पर खास नजर रखने को कहा गया है। दोनों धरना स्थलों पर इसके लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां से संदिग्ध गतिविधियों को लेकर भी नजर रखी जाएगी।
ट्रैक्टर परेड में बढ़ती किसानों की संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार भयभीत हो गई है। अब वह किसी तरह से किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को समाप्त करने की फिराक में है। इसलिए साजिश के तहत आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले भी केंद्र सरकार में शामिल नेता आंदोलन को आतंकवाद से जोड़ चुके हैं। फिलहाल जो तय हो चुका है अब होगा वही। -शिंगारा मान, किसान नेता।
भाजपा व आरएसएस किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों को एक सुरक्षा कमेटी गठित कर सुरक्षा व्यवस्था के बेहतर इंतजाम करें। साथ ही आंदोलन में शामिल शरारती तत्वों पर नजर रखें। - सरवन सिंह पंधेर, महासचिव, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी, पंजाब।
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मनोहर लाल बोले- साहित्यकार समाज को दिखा सकते नया रास्ता, युवा साहित्य पुरस्कार शुरू करने की घोषणा की

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और प्रसिद्ध कवयित्री धीरा खंडेलवाल के कविता संग्रहों ‘मेघ मेखला’ और ‘रेशमी रस्सियां’ का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि साहित्यकार की कलम जो रास्ता समाज को दिखा सकती है, वह कोई और नहीं दिखा सकता। इसमें लोगों की चिंतन धारा को बदलने की ताकत होती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवा साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘युवा साहित्य पुरस्कार’ शुरू करने की घोषणा भी की।

शनिवार को हरियाणा निवास में हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने धीरा खंडेलवाल के दो नए कविता संग्रह ‘मेघ मेखला’ और ‘रेशमी रस्सियां’ का विमोचन किया। सीएम ने धीरा खंडेलवाल को बधाई देते हुए कहा कि उच्चकोटि का साहित्य चाहे वह किसी भी भाषा में रचा गया हो, राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होता है। 

उन्होंने कहा कि विख्यात साहित्यकारों के जीवन और सृजन से युवा पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए उनके नाम पर पुरस्कार स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि धीरा खंडेलवाल के संग्रह की लगभग सभी पंक्तियां बेहद आत्मीय तथा मार्मिक हैं। उनके अथाह गहराइयों से निकले ये मोती पाठकों को अंदर तक सोचने के लिए विवश करते हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक भावों को समेटने की कला धीरा खंडेलवाल से सीखी जा सकती है।

जिंदगी के अनुभव से विषय चुनने में माहिर हैं धीरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि धीरा खंडेलवाल न केवल सक्षम और कुशल अधिकारी हैं, बल्कि एक संवेदनशील साहित्यकार भी हैं। वे जिंदगी के अनुभव से विषय चुनने में माहिर हैं और इन विषयों को बड़ी सरल जबान, दिलचस्प बयान तथा स्वाभाविक अंदाज में बड़ी सफलता के साथ अंतिम चरण तक ले जाती हैं।

इससे पहले उनके चार कविता-संग्रह मुखर मौन, सांझ सकारे, यालों के खलिहान, अंतर आकाश और दो हाइकु संग्रह तारों की तरफ व मन-मुकुर प्रकाशित हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्यकार आम लोगों के दुख-दर्द के प्रति अत्यंत संवेदनशील होते हैं। इसलिए जब एक अधिकारी एक कवि या साहित्यकार भी होता है, तो वह आम जनता के दुख-दर्द को ’ज्यादा अच्छी तरह से जान-समझ सकता है और उसे दूर करने का प्रयास भी करता है।
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नाइजीरियन के फ्लैट से नौ करोड़ रुपये की हेरोइन लेकर भागे चार युवकों को सीआईए ने पकड़ा

सीआईए की टीम ने गांव दहिसरा के पास से गश्त के दौरान चार युवकों को 1 किलो 740 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया है। इस हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत करीब नौ करोड़ रुपये बताई जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली के बवाना निवासी विकास उर्फ सोनी, ओल्ड डीसी रोड स्थित भगतपुरा निवासी संदीप बेदी, ब्रह्म कॉलोनी सोनीपत निवासी मुकदर उर्फ मॉडल व सेवली निवासी अरविंद के रूप में हुई है। आरोपी दिल्ली में एक नाइजीरियन के फ्लैट में दिल्ली पुलिस की रेड के दौरान यह हेरोइन लेकर भागे थे। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।

एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि शुक्रवार शाम को सीआईए में नियुक्त एएसआई रमेश खत्री, मंदीप, एचसी अनिल, अजमेर, आशीष, निरंजन, राजेश, सिपाही सचिन व प्रवीन गांव जगदीशपुर के पास गश्त कर रहे थे। इसी बीच पता लगा कि दिल्ली निवासी विकास, सोनीपत निवासी संदीप, अरविंद व मुकदर कार में दिल्ली की तरफ से मादक पदार्थ लेकर आ रहे हैं।
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हरियाणा : आईएमटी फरीदाबाद, रोहतक और बरवाला में बनेंगे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल

आईएमटी फरीदाबाद, आईएमटी रोहतक एवं औद्योगिक संपदा बरवाला (पंचकूला) में बहुउदेश्यीय अस्पतालों (मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल) को स्थापित करने के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने एक से तीन एकड़ भूमि आवंटित करने के लिए आवेदन मांगे हैं।

एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक अनुराग अग्रवाल ने बताया कि एचएसआईआईडीसी हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में एक रचनात्मक भूमिका निभा रहा है। अग्रवाल ने बताया कि एचएसआईआईडीसी द्वारा आवंटित भूमि पर पहले से ही पंचकूला में पारस अस्पताल और आईएमटी मानेसर (गुरुग्राम) में मेडोर व ईएसआई अस्पताल चल रहे हैं। एचएसआईआईडीसी ने आईएमटी रोहतक में पार्क, पैनासिया और मेट्रो अस्पताल को अपने अस्पताल स्थापित करने के लिए भी जमीन आवंटित की है।

अग्रवाल ने बताया कि अब आवंटित की जा रही अस्पताल की साइटें रणनीतिक रूप से शहरों के नजदीक ही स्थित हैं, जिनमें अच्छी तरह से विकसित बुनियादी ढांचा व क्षमता है। बरवाला (पंचकूला) की साइट में स्थापित होने वाले अस्पताल हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले रोगियों को सुविधा प्रदान कर सकते हैं और यह साइट पंचकूला से 10 मिनट की ड्राइव पर है। इन साइटों का आरक्षित मूल्य सामर्थ्य को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है। बोलीदाता इन साइटों के लिए आवेदन करने हेतू www.hsiidc.bid×.in पर विजिट कर सकते हैं और आगे का विवरण देख सकते हैं।
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गणतंत्र दिवस परेड के लिए कुंडली बॉर्डर पर जुटे एक लाख किसान, 50 तरह की झांकी तैयार

दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर होने वाली ट्रैक्टर परेड के लिए अकेले कुंडली बॉर्डर पर अभी तक एक लाख से ज्यादा किसान जमा हो गए हैं। वहां करीब 60 हजार किसान पहले से डेरा डाले हुए थे। इसके अलावा परेड के लिए अभी तक 40 हजार से ज्यादा किसान पहुंच चुके हैं। वहां एक ही दिन में करीब पांच हजार ट्रैक्टर लेकर किसान पहुंचे हैं और पंजाब व हरियाणा के किसानों की लाइन ही नहीं टूट रही है। 

इसके अलावा यूपी के किसान भी काफी संख्या में पहुंच रहे हैं जबकि अभी गणतंत्र दिवस के दो दिन बाकी है। किसान परेड में अलग-अलग थीम की 50 झांकियां रहेंगी, जिनको तैयार कर लिया गया है। उनसे किसानों की मेहनत व दुर्दशा के बारे में बताया जाएगा। वहीं किसानों को दिल्ली में परेड की अनुमति भले ही मिल गई हो, लेकिन उसके बावजूद दिल्ली बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। 

गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर परेड को ऐतिहासिक बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को शामिल करने में किसान नेता जुटे हुए हैं। यही कारण है कि दिल्ली की सीमाओं पर परेड के लिए लगातार किसान पहुंच रहे हैं और कुंडली बॉर्डर पर एक लाख किसान जमा हो गए हैं। इस तरह वहां करीब 40 हजार से ज्याद किसान अभी तक केवल ट्रैक्टर परेड के लिए पहुंचे हैं और एक ही दिन में पांच हजार ट्रैक्टर लेकर किसान पहुंचने से वह भी करीब 20 हजार तक हो गए हैं। 

वहीं गणतंत्र दिवस की तैयारियों को आखिरी रूप दिया जा रहा है और यह तय किया गया है कि परेड में 50 तरह की झांकी होंगी। वह झांकियां अलग-अलग थीम पर होंगी और उन सभी का रंग भी अलग होगा। उनसे ही बताया जाएगा कि किसान किस तरह से खेतों में मेहनत करता है और उसके बाद भी किसान की क्या दुर्दशा है। यह झांकियां भी अलग-अलग प्रदेश के किसानों ने तैयार की है, जिससे एकजुटता का संदेश भी दिया जा सके। 

किसान नेताओं का कहना है कि यह ट्रैक्टर परेड ऐतिहासिक होगी और हर कोई इसे देखने के लिए अपने घर से बाहर निकलेगा। जिससे आम लोगों को पता चलेगा कि किस तरह से किसान परेशान हैं और वह अपने हक के लिए लड़ाई कर रहा है। किसान नेताओं के अनुसार ट्रैक्टरों के टैंक भी डीजल से भरवाकर खड़े किए गए हैं। जिससे अगले निर्देश मिलने के अनुसार ही ट्रैक्टर को लेकर आगे बढ़ सकें। 

बैल चलाते किसान और सरकार के साथ चल रही लड़ाई पर बनाई झांकी
किसानों ने अपनी परेड को राजपथ पर निकलने वाली परेड की तरह दिखाने की पूरी तैयारी की हुई है। जिन 50 झांकियों को शामिल किया जाएगा, वह अलग-अलग राज्यों की होंगी तो उनको प्रशिक्षित कलाकारों की मदद से तैयार किया गया है। यह झांकियां ट्रालियों में रहेंगी और उनके साथ उसकी राज्य के किसान मौजूद रहेंगे। उसकी थीम इस तरह से रखी गई है कि किसी में बैलों से किसान खेत की जुताई करते दिख रहे हैं। किसी में सरकार के साथ चल रही किसानों की इस लड़ाई को दिखाया गया है। कृषि कानूनों के नुकसान पर भी झांकी निकाली जाएंगी। 

दिल्ली में बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात 
किसानों की ट्रैक्टर परेड को दिल्ली में निकालने के लिए भले ही अनुमति मिल गई हो, लेकिन परेड को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। दिल्ली में बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अर्धसैनिक बल के जवान भी तैनात किए गए हैं। हालांकि दिल्ली में पहले ही गणतंत्र दिवस पर पुख्ता सुरक्षा होती थी, लेकिन इस बार सुरक्षा को बढ़ाया गया है और इसका सबसे बड़ा कारण किसान आंदोलन है। पुलिस ने किसी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए आंसू गैस छोड़ने के लिए वाहन व वाटर कैनन वाहन भी खड़े कर दिए हैं। 

दिल्ली, हरियाणा व यूपी के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में परेड निकालने की सहमति बनी है। यह आश्वासन दिया गया है कि किसान खुद ही परेड में व्यवस्था बनाकर रखेंगे। इसके लिए करीब पांच हजार वालंटियर लगाए गए हैं और उनको व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसान नेता खुद भी इस पर पूरी नजर रखेंगे, क्योंकि यह परेड ऐतिहासिक होगी और इसमें लाखों किसान हिस्सा लेगा। इसमें पुलिस ने सहयोग करने की बात कही है। 
-योगेंद्र यादव, सदस्य संयुक्त किसान मोर्चा।
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