छत्तीसगढ़ में सर्दी-जुकाम और गंभीर श्वसन बीमारी वाले मरीजों का होगा स्वास्थ्य परीक्षण 

पीटीआई. रायपुर Updated Sun, 19 Apr 2020 02:21 PM IST
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छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सर्दी-जुकाम (इन्फ्लूएंजा) और गंभीर श्वसन बीमारी वाले मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करने का फैसला किया है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को बताया कि छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी जिलों में सर्दी-जुकाम संबंधी और श्वसन संबंधी गंभीर बिमारी वाले सभी मरीजों का चिकित्सकीय परीक्षण कराने के निर्देश दिया है।
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अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में मुख्य सचिव आरपी मण्डल ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को तत्काल ऐसे मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण का निर्देश जारी किया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से करने का निर्देश दिया है। 
मुख्य सचिव ने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के सचिव और सभी संभाग आयुक्तों को जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। छत्तीसगढ़ में शनिवार तक 6144 लागों के नमूनों की जांच की गई है। अभी तक 36 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है तथा 5734 लोगों की जांच रिपोर्ट ठीक आई है। 374 की जांच जारी हैं।
राज्य में अभी तक 25 मरीजों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। जबकि 11 मरीजों का राजधानी रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 61,780 व्यक्तियों को घरों में पृथक रखा गया है।

मरीजों को मिलेगा ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में मरीजों को ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श देने और मरीजों को बताई गई दवाएं भी घरों तक पहुंचाने का फैसल किया है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को बताया कि छत्तीसगढ़ में मरीजों को चिकित्सीय परामर्श की सुविधा देने के लिए जल्द ही एक वेबसाइट शुरू की जाएगी। 

इस बेबसाइट में मरीजों को ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श निःशुल्क मिल सकेगा। इस व्यवस्था में गंभीर बीमारियों के मरीजों को चिकित्सीय परामर्श के अलावा उन्हें अस्पताल लाने और ले जाने के लिए एंबुलेंस तथा लैब आदि की भी सुविधा मिलेगी। इस प्रकार यह वेबसाइट एक आभासी अस्पताल की तरह काम करेगी।

अधिकारियों ने बताया, लॉकडाउन के कारण अनेक लोगों को चिकित्सा की सामान्य सेवाएं प्राप्त करने में कठिनाई हो रही हैं, निकट भविष्य में परिस्थितियां सामान्य होने की संभावनाएं कम ही हैं। ऐसे में यह ऑनलाइन व्यवस्था मरीजों के लिए काफी कारगार साबित होगी। 

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव को मरीजों को ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एक सप्ताह के भीतर कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। जिससे जल्द ही ऑनलाइन चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस वेबसाइट से सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों को जोड़ने को कहा है। परामर्श लेने के पहले मरीजों को मेडिकल हिस्ट्री जैसे सीटी स्कैन, एक्स-रे रिपोर्ट, तथा पुराने उपचार के संबंध में मेडिकल पर्ची आदि अपलोड करनी होगी।
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