Ajit Jogi Death: डीएम जो सीएम भी बना, ऐसे तय किया सियासी सफर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 29 May 2020 06:19 PM IST
विज्ञापन
अजीत जोगी (फाइल फोटो)
अजीत जोगी (फाइल फोटो) - फोटो : File Photo

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
मध्यप्रदेश से अलग होने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति जिस एक शख्स के इर्द-गिर्द घूमती रही, उसने आज इस दुनिया को अलविदा कह दिया। साल 2000 में जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ, तो उस क्षेत्र में कांग्रेस को बहुमत था। यही कारण रहा कि कांग्रेस ने बिना कुछ देरी के अजीत जोगी को ही राज्य का मुख्यमंत्री बना दिया। जोगी ने 2003 तीन तक राज्य की कमान संभाली।
विज्ञापन


भारतीय प्रशासनिक सेवा की अपनी प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर राजनीति में आए अजीत प्रमोद कुमार जोगी जिलाधिकारी से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने वाले संभवत: अकेले शख्स थे। छत्तीसगढ़ में बिलासपुर जिले के एक गांव में शिक्षक माता पिता के घर पैदा हुए जोगी को अपनी इस उपलब्धि पर काफी गर्व था और जब तब मौका मिलने पर अपने मित्रों के बीच वह इसका जिक्र जरूर करते थे।1968 में वह आईपीएस बने और फिर दो साल के बाद ही आईएएस। लगातार 14 साल तक जिलाधीश बने रहे, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।



राजनीति में आने से पहले और बाद में भी लगातार किसी न किसी से वजह से हमेशा विवादों में रहे जोगी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से बहुत प्रभावित थे और पत्रकारों व अपने नजदीकी मित्रों के बीच अक्सर एक किस्सा दोहराते थे। उनकी इस पसंदीदा कहानी के मुताबिक अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रोबेशनर अधिकारी के तौर पर जब उनका बैच तत्कालीन प्रधानमंत्री से मिला तो एक सवाल के जवाब में इंदिरा गांधी ने कहा, भारत में वास्तविक सत्ता तो तीन ही लोगों के हाथ में है – डीएम, सीएम और पीएम। 

युवा जोगी ने तब से यह बात गांठ बांध रखी थी। जब वह मुख्यमंत्री बनने में सफल हो गए तो एक बार आपसी बातचीत में उन्होंने टिप्पणी की कि हमारे यहां (भारत में) सीएम और पीएम तो कुछ लोग (एच डी देवेगौड़ा, पी वी नरसिम्हा राव, वी पी सिंह और उनके पहले मोरारजी देसाई) बन चुके हैं, पर डीएम और सीएम बनने का सौभाग्य केवल मुझे ही मिला है। 

बतौर कलेक्टर अपने करियर की शुरुआत करने वाले अजीत जोगी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की वजह से राजनीति में आए। 1986 के आसपास उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली और सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। राजनीति में जोगी का सिक्का चल निकला और वह 1986 से 1998 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। इस दौरान वह कांग्रेस में अलग-अलग पदों की जिम्मेदारी भी संभाली, इसके बाद साल 1998 में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद गए।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सत्ता से बाहर आने के बाद अजीत जोगी का स्वास्थ्य उनका साथ छोड़ने लगा। धीरे-धीरे वो सक्रिय राजनीति से दूर होने लगे, लेकिन राज्य में पार्टी की नब्ज को पकड़े रखा। जोगी की तमाम कोशिशों के बावजूद उनके नेतृत्व में सूबे में कांग्रेस की वापसी नहीं पाई। वह पार्टी में बगावती तेवर भी अपनाते रहे और अंत में उन्होंने अपनी अलग राह चुन ली।

अजीत जोगी ने 2016 में कांग्रेस से बगावत कर अपनी अलग पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के नाम से अलग पार्टी बनाई। सफलता तब भी हाथ नहीं लगी और 2018 के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने जोगी को यह बता दिया कि उनका दौर अब समाप्त हो चुका है। और शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने 74 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us