कुुहाड़ कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार शुरू होंगे उच्च शिक्षण संस्थाओं के शैक्षणिक कैलेंडर

Amarujala Local Bureauअमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Sat, 13 Jun 2020 01:11 PM IST
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कुहाड़ कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार देश के शैक्षणिक संस्थानों को संचालित किया जाएगा। यूजीसी ने देश भर के कॉलेज, यूनिवर्सिटी सहित अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को कोविड -19 में बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आरसी कुहाड़ की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने देश भर के 200 से अधिक शिक्षण संस्थाओं के मुुुखिया से बात कर उनका फीडबैक लिया। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट यूजीसी को सौंप दी है। देश भर के कॉलेज, यूनिवर्सिटी इसे अपनाएंगे। परीक्षा और अकादमिक कैलेंडर पर यूजीसी के इन दिशानिर्देशों को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की उपस्थिति में जारी किया गया था। कोविड-19 में उच्च शिक्षण संस्थान पिछले करीब तीन महीने से बंद हैं। कोरोना की दवा खोजने में समय लगेगा। ऐसे में शिक्षण संस्थाओं को संचालित करने के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए यूजीसी ने एक कमेटी का गठन किया। हकेंविवि कुलपति आरसी कुहाड़ की अध्यक्षता में बनी कमेटी में 6 सदस्य थे। बाद में कमेटी ने देश भर के शिक्षण संस्थानों को प्रतिनिधित्व देने के लिए कमेटी चेयरमैन आरसी कुहाड़ ने इसमें 5 नए सदस्य शामिल किए। इन 11 सदस्यों में देश भर के संस्थानों के प्रतिनिधि, उच्च शिक्षाविदों को शामिल किया गया। कमेटी ने दिल्ली के कॉलेजों से संवाद की शुरूआत की। उत्तर भारत, दक्षिण भारत, मध्य भारत सहित पूरे देश से शैक्षणिक संस्थाओं के प्राचार्य, कुलसचिवों, कुलपतियों, निदेशकों से बातचीत कर उनका फीडबैक लिया। वीडियो कांफ्रेेस, ईमेल, व्हाट्स, जूम एप, गूगल मीट सहित अन्य आधुनिक विकल्पों को अपनाया गया। करीब 200 से अधिक लोगों से उनके सुझाव लेने के बाद एक रिपोर्ट तैयार की गई। इस रिपोर्ट को यूजीसी ने स्वीकार कर सभी संस्थानों के लिए जारी कर दिया है। उच्च शिक्षण संस्थान इस रिपोर्ट के आधार पर अपनी अगली एकेडमिक योजनाएं बनाएंगे।
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कमेटी के मुख्य सुझाव. 1.विश्वविद्यालय परीक्षा के समय को 3 घंटे से घटाकर 2 घंटे करें। 2 परीक्षा न होने की स्थिति में 50 प्रतिशत अंक इंटरनल असेस्मेंट, 50 पिछले सेमेस्टर के आधार पर दे सकते हैं। 4.स्काइप या अन्य मीटिंग एप के माध्यम से व्यावहारिक परीक्षा और मौखिक परीक्षा आयोजित कर सकते हैं। 5 वीडियो कॉफ्रेंसिंग जरिए पीएचडी, एमफिल के लिए मौखिक परीक्षाओं का संचालन कर सकते हैं। 6.प्रत्येक विश्वविद्यालय परीक्षा, अकादमिक गतिविधियों से संबंधित शिकायतों के लिए प्रकोष्ठ स्थापित करे। 7 ऑनलाइन एजुकेशन के लिए स्वयं प्रभा , गूगल क्लासरूम,गूगल हैंगआउट, यू ट्यूब चैनल को अपनाए जाए। 8 शैक्षणिक सत्र में गर्मियों का अवकाश, सर्दियों का अवकाश, अन्य अवकाश को खत्म कर दिया जाए 9 2020-21 सत्र के दाखिला की प्रक्रिया को दाखिला प्रक्रिया को एक अगस्त से 31 अगस्त तक पूरा किया जाए। 10 यूनिवर्सिटीज 5 की बजाए 6 दिन का सप्ताह के अनुसार शैक्षणिक कार्य कराएं। 11 कम से कम 25 प्रतिशत कोर्स को ऑनलाइन तरीके से पूरा किया जाए।

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