फिल्म छपाकः सामाजिक मुद्दे पर सशक्त सिनेमा जिससे झांकती है समाज की सच्चाई

Javed Anisजावेद अनीस Updated Sat, 18 Jan 2020 09:21 AM IST
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'छपाक' के एक दृश्य में दीपिका पादुकोण
'छपाक' के एक दृश्य में दीपिका पादुकोण - फोटो : अमर उजाला

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एसिड अटैक महिलाओं के प्रति हिंसा का क्रूरतम रूप है। एसिड हमला एक ऐसा सस्ता और सुलभ हथियार है जिसका उपयोग बदला लेने के लिए किया जाता है। महिलाओं से उनके इनकार  का बदला उनके चेहरे को बिगाड़ कर उन्हें अपाहिज बनाकर लिया जाता है।
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पीड़िताओं पर  इसका असर ताउम्र बना रहता है। हमले के बाद उन्हें समाज से भी जूझना पड़ता है जो उन्हें सामान्य तरीके से स्वीकार नहीं करता है। साथ ही इलाज के दौरान आने वाला भारी खर्च भी पूरे परिवार का कमर तोड़ देता है।
कंबोडिया और दक्षिण एशिया के बंधु राष्ट्र भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश इस मामले में खासे बदनाम हैं। पिछले डेढ़ दशकों के दौरान भारत में एसिड अटैक एक स्थापित अपराध बन चुका है।
एसिड हमलों की वजह 
एसिड हमलों के पीछे के कारण पूरी तरह से पुरुषवादी और कबीलाई हैं जैसे विवाह प्रस्ताव या शारीरिक संबंध ठुकरा दिया जाना, पर्याप्त दहेज न मिलना, लड़की को जन्म देना, मनपसंद खाना ना बनाना या फिर कोई और “हुक्म ना मानना, जिसके प्रतिशोध में सजा के तौर पर इस हथियार का उपयोग किया जाता है जो जिंदगी भर की सजा होती है। 
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