बंगाल में कोरोना वायरस: कितनी तैयार हैं ममता बनर्जी?

Prabhakar Mani Tewariप्रभाकर मणि तिवारी Updated Thu, 19 Mar 2020 01:22 PM IST
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ममता बनर्जी सरकार पहले से ही इस मामले में बेहद सतर्कता बरत रही है
ममता बनर्जी सरकार पहले से ही इस मामले में बेहद सतर्कता बरत रही है - फोटो : PTI
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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में कोरोना के पहले मरीज की पुष्टि के साथ ही महानगर में आतंक का आलम है। हालांकि ममता बनर्जी सरकार पहले से ही इस मामले में बेहद सतर्कता बरत रही है। इस संक्रमण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने महामारी अधिनियम लागू करते हुए सरकार ने स्वास्थ्य का आधारभूत ढांचा मजबूत करने के लिए दो सौ करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। स्कूलों-कालेजों की छुट्टियां 15 अप्रैल तक बढ़ा दी गई हैं।
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सिनेमा और सीरियलों की शूटिंग रोक दी गई है और सिनेमाहाल व आडिटोरियम 31 मार्च तक बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं। सरकार ने दो लाख एन-95 मास्क और 10 हजार थर्मल गन खरीदने का आर्डर दिया है। स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों को पांच लाख का अतिरिक्त बीमा कवर दिया। विधानसभा का बजट अधिवेशन भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। रोजाना होने वाली बैठक में हालात की समीक्षा की जा रही है।
मंगलवार की रात को इंग्लैंड से लौटे 18 साल के एक युवक में कोरोना की पुष्टि होते ही महानगर की सड़कें और बाजार और सूने हो गए हैं। लोग आतंक के मारे जरूरी चीजों की खरीददारी में जुट गए हैं। कोरोना के आतंक की वजह से खासकर राजधानी कोलकाता में तो कर्फ्यू जैसा माहौल है। सड़कों पर भीड़ अचानक कम हो गई है। यही स्थिति मेट्रो रेलवे की है। इसके औसतन दैनिक यात्रियों में डेढ़ लाख की गिरावट आई है।
अगले महीने कोलकाता नगर निगम समेत राज्य की सौ से ज्यादा नगरपालिकाओं के लिए चुनाव होना था। लेकिन राज्य चुनाव आयोग ने इस सप्ताह एक सर्वदलीय बैठक में चुनाव की तारीख पर फैसला 15 दिनों के लिए टाल दिया। राज्य चुनाव आयुक्त सौरभ कुमार दास ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोरोना के प्रकोप के चलते निकाय चुनावों को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया गया है। 15 दिनों बाद इस मामले पर बैठक में कोई पैसला किया जाएगा। जो काम असंभव था वह कोरोना ने कर दिया।

राज्य में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच मतभेदों की खाई इतनी चौड़ी है कि उनके करीब आने की कल्पना तक नहीं की जा सकती। लेकिन कोरोना ने इन दोनों धुर विरोधियों को भी कम से कम एक मुद्दे पर साथ ला दिया है। यह दोनों दल अगले महीने होने वाले निकाय चुनावों को टालने की मांग कर रहे थे।
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