Delhi Election 2020: कांग्रेस बढ़ी तो फायदे में होगी भाजपा, जानें दिल्ली चुनाव में जीत का सटीक गणित

Ramesh sarafरमेश सर्राफ Updated Tue, 04 Feb 2020 07:47 AM IST
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दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आगामी 8 फरवरी को वोट डाले जाएंगे व 11 फरवरी को चुनाव परिणाम आएंगे।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आगामी 8 फरवरी को वोट डाले जाएंगे व 11 फरवरी को चुनाव परिणाम आएंगे। - फोटो : अमर उजाला

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दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आगामी 8 फरवरी को वोट डाले जाएंगे व 11 फरवरी को चुनाव परिणाम आएंगे। उसके बाद ही पता लगेगा कि दिल्ली की जनता इस बार किसको सिंहासन पर बैठाती है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी व कांग्रेस के बीच माना जा रहा है।
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दिल्ली में पिछले 5 साल से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार चल रही है। जिनको पिछले विधानसभा चुनाव में 70 में से 67 सीट मिली थी। वहीं भाजपा को मात्र 3 सीट मिली थी। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का तो खाता भी नहीं खुल पाया था।
इस बार दिल्ली विधानसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरी है। भाजपा पूरा प्रयास कर रही है कि कैसे भी इस बार दिल्ली सरकार पर उनका कब्जा हो। इसी रणनीति के तहत भाजपा वहां नए तरीके से चुनाव प्रचार करते हुए बड़ी जनसभावों के स्थान पर छोटी सभाओं पर ज्यादा जोर दे रही है। इसी कारण इस बार वहां भाजपा ने किसी को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार भी नहीं बनाया है।
महाराष्ट्र व झारखंड में सत्ता गंवाने के बाद पूरे देश में एक तरह का भाजपा विरोधी माहौल व्याप्त हुआ है, इसलिए भारतीय जनता पार्टी के नेता चाहते हैं कि कैसे भी करके दिल्ली में उनकी सरकार बने जिससे भाजपा विरोधी माहौल समाप्त हो सके।

दिल्ली और भाजपा की स्थिति 
2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली की सातों विधानसभा सीटों पर कब्जा जमाया था तथा उनके अधिकांश प्रत्याशी कई लाख वोटों के अंतर से विजयी हुए थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सात सीटो में से भाजपा के मुकाबले 5 सीटों पर कांग्रेस पार्टी दूसरे स्थान पर रही थी।

सत्तारूढ़ आप पार्टी सिर्फ 2 सीटों पर ही भारतीय जनता पार्टी के मुख्य मुकाबले में आ सकी थी। उस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 65 विधानसभा क्षेत्रों में व कांग्रेस को पांच विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त मिली थी, जबकि आम आदमी पार्टी को एक भी विधानसभा क्षेत्र में बढ़त नहीं मिली थी।
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