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ट्रंप का भारत दौराः स्वागत की तैयारियों में कितना सच दिखेगा कितना छुपेगा?

Satish Aliaसतीश एलिया Updated Thu, 20 Feb 2020 01:12 PM IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा और तैयारियों पर विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा और तैयारियों पर विवाद - फोटो : PTI
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इसी महीने की 24-25 तारीख को भारत दौरे पर आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस्तकबाल में गुजरात के अहमदाबाद में एक झुग्गी बस्ती को छुपाने के लिए दीवार खड़ी जा रही है, वजह है कि इस रास्ते से जब ट्रंप का काफिला गुजरे तो उन्हें यह झुग्गी बस्ती यानी गरीब भारत की झलक न दिखे।
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वह भी एयरपोर्ट से महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम के रास्ते में स्थित यह बस्ती सरकार की आंख की किरकिरी बन गई है। या यूं कहें कि विकास के ढिंढोरे में बाधा बन रही है। ट्रंप को इसी रास्ते से बापू का आश्रम दिखाने ले जाना है।

गांधी के देश और प्रदेश में उनकी 150वीं जन्म जयंती वर्ष पर सत्य को इस तरह क्यों ढंका जा रहा है? क्या अमेरिकी राष्ट्रपति नहीं जानते कि भारत के रुपये का उनके डॉलर के मुकाबले क्या हाल है? और यह भी कि भारतीय अर्थव्यवस्था क्यों हिचकोले खा रही है? ये वही ट्रंप हैं जो हाउडी मोदी में मोदी की तारीफ और भारत की प्रशंसा करने के साथ ही कश्मीर मुद्दे पर भारत को मुश्किल में डालने और नापाक पाकिस्तान की तरफदारी करते दिखते रहे हैं।

अपने देश में भारी विरोध और अभियोग का सामना कर उसे खारिज कराने में कामयाब रहे ट्रंप हाउडी मोदी में भी और यहां अहमदाबाद में भी उसकी नकल केम छो ट्रंप जो अब संशोधित होकर नमस्ते राष्ट्रपति ट्रंप कर दी गई है, में भी अमेरिकी चुनाव की कैंपेनिंग के लिए ही तशरीफ ला रहे हैं।

सवाल ये है कि करीब ढाई हजार आबादी वाली झुग्गी बस्ती जब बार-बार अहमदाबाद आने वाले विदेशाी महानुभावों को भारत के असल गरीबी वाले दर्शन की झलक दिखाती है तो सरकार ने उस बस्ती को शानदार क्यों नहीं बना दिया अब तक। अब तक ऐसे मौकोंं पर उसे पर्दे से ढंका जाता रहा और अब जाकर उसे दीवार खड़ी करके परमानेंट रूप से छुपाने की जुगत सूझी है।

झुग्गी बस्ती को छुपाने के लिए दीवार खड़ी किए जाने का लोग विरोध कर रहे हैं। यह झुग्गी बस्ती एयरपोर्ट से साबरमती आश्रम के रास्ते पर आती है। इस दीवार से लोगों को कितनी तकलीफ और अपमानजनक स्थिति झेलना पड़ेगी इसका अंदाज पांच ट्रिलियन इकोनॉमी का सपना देख रहे मुल्क के हुक्मरानों को होना ही चाहिए।
 
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