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सौरव गांगुली के BCCI अध्यक्ष बने रहने के खतरे भी जानना है जरूरी

शिवेंद्र कुमार सिंह Updated Tue, 03 Dec 2019 08:12 PM IST
सौरव गांगुली
सौरव गांगुली - फोटो : Amar Ujala
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बतौर बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली का कार्यकाल बढ़ सकता है। बीसीसीआई में आंतरिक तौर पर इसके लिए सहमति भी बन गई है, लेकिन चूंकि छह साल कार्यकाल संभालने के बाद पद को छोड़ने का नियम अदालत ने तय किया था इसलिए इस नियम में ढील देने का फैसला भी अदालत ही करेगी।
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यूं तो सौरव गांगुली ने जब बीसीसीआई अध्यक्ष पद के लिए हामी भरी थी तभी ये बात तय थी कि उनका कार्यकाल लगभग नौ महीने का ही होगा। ये जानकारी जब आम हुई तो बहुत से लोगों को अखरी भी थी कि एक तो बड़ी मुश्किल से किसी दिग्गज खिलाड़ी को ये जिम्मेदारी मिली, लेकिन इतनी कम मियाद के लिए।

दरअसल, सौरव गांगुली ने बतौर कप्तान जो लोकप्रियता कमाई है वो हर किसी के जेहन में थी। फैंस चाहते थे कि अब अगर दादा आए ही हैं तो थोड़ा ठहर कर काम करें। क्रिकेट से उठते भरोसे को फिर से कायम करें। मैच फिक्सिंग के साए में मिली टीम की कप्तानी को मजबूती से संभालने वाले सौरव गांगुली कुछ ऐसा कर दें कि क्रिकेट एक बार फिर लोगों के लिए धर्म बन जाए। क्योंकि क्रिकेट फैंस का एक बड़ा वर्ग पिछले कुछ साल में खेल में आई ‘बेईमानी’ से आहत हैं।
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सौरव गांगुली और ऐतिहासिक डे-नाइट टेस्ट मैच

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