विज्ञापन

दिल्ली चुनावः कैसे पार होगी कांग्रेस की नैया? क्या मिलेगा युवा चेहरों को मौका?

Ramesh sarafरमेश सर्राफ Updated Wed, 19 Feb 2020 08:08 AM IST
विज्ञापन
दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी सकते की स्थिति में है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी सकते की स्थिति में है। - फोटो : PTI
ख़बर सुनें
दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी सकते की स्थिति में है। दिल्ली के सिंहासन पर वर्षों एक छत्र राज करने वाले कांग्रेस ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि दिल्ली में उसको इतनी बदतर स्थिति का सामना करना पड़ेगा। उसके तीन उम्मीदवार को छोडक़र बाकी सभी की जमानत तक जप्त हो जाएगी। पिछली बार की तरह इस बार भी दिल्ली में कांग्रेस अपना खाता खोलने में नाकाम रही है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत पर भी कांग्रेस नेता खुश नजर आ रहे हैं। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि आप की जीत हुई और धोखेबाज हार गए।
विज्ञापन
दिल्ली के लोग जो कि भारत के सभी हिस्सों से ताल्लुक रखते हैं ने भाजपा के ध्रुवीकरण, विभाजनकारी और खतरनाक एजेंडे को हरा दिया। मैं दिल्ली के लोगों को सेल्यूट करता हूं। जिन्होंने उन राज्यों के लोगों के लिए एक उदाहरण पेश किया है जहां 2021 और 2022 में चुनाव होने वाले हैं।

पी. चिदंबरम के इस ट्वीट पर दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष व पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पुत्री शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पी. चिदंबरम की जमकर क्लास ली। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने उन पर निशाना साधते हुए दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन को लेकर नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं।

मुखर्जी ने चिदंबरम के ट्वीट पर निशाना साधते हुए लिखा कि क्या कांग्रेस ने भाजपा को हराने का काम क्षेत्रीय दलों को आउटसोर्स कर दिया है? यदि ऐसा नहीं है तो हम अपनी करारी हार की चिंता करने के स्थान पर आम आदमी पार्टी की जीत पर खुशी क्यों मना रहे हैं? और अगर इसका जवाब हां में है, तो हमें अपनी (प्रदेश कांग्रेस समितियां) दुकान बंद कर देनी चाहिए।

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा था कि शीर्ष स्तर पर निर्णय लेने में देरी और एकजुटता की कमी के कारण यह शिकस्त हुई है। दिल्ली महिला कांग्रेस की प्रमुख शर्मिष्ठा ने कहा था- हम दिल्ली में फिर हार गए। आत्ममंथन बहुत हुआ अब कार्रवाई का समय है।

उन्होंने सवाल किया  कि अगर भाजपा विभाजनकारी राजनीति कर रही है। केजरीवाल स्मार्ट पॉलिटिक्स राजनीति कर रहे हैं तो हम क्या कर रहे हैं? क्या हम ईमानदारी से कह सकते हैं कि हमने घर को व्यवस्थित रखने के लिए पूरा प्रयास किया? 

शर्मिष्ठा मुखर्जी के बयान के बाद कांग्रेस में कपिल सिब्बल जैसे सभी बयान वीर नेताओं को तो मानों सांप सूंघ गया हो। किसी ने भी मुखर्जी की बात काटने की हिम्मत नहीं दिखाई। उल्टे मिलींद देवड़ा, जयराम रमेश ने मुखर्जी के बयान का समर्थन ही किया।

 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us