किसी महामारी से कम नहीं नशाखोरी, बढ़ता नशा समाज के लिए चिंता का विषय

Rajesh Vermaराजेश वर्मा Updated Fri, 26 Jun 2020 05:32 PM IST
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साल 2017 में जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार 15 से 64 आयु वर्ग के 27 करोड़ से ज्यादा लोगों ने ड्रग्स का इस्तेमाल किया- सांकेतिक तस्वीर
साल 2017 में जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार 15 से 64 आयु वर्ग के 27 करोड़ से ज्यादा लोगों ने ड्रग्स का इस्तेमाल किया- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay

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सार

  • एक गैर सरकारी रिपोर्ट बताती है जर्मनी में सिगरेट बेचने की 4 लाख ऑटोमैटिक मशीनें हैं, यह विश्व में अव्वल है।
  • 2013 की एक सरकारी रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में नशे के आदी हर पांच में से एक व्यक्ति की उम्र 21 साल से कम है।
  • देश में बढ़ते अपराध, बीमारियों व हिंसा में भी नशाखोरी की अहम भूमिका रहती है।

विस्तार

पंजाब की एक बेबस 70 वर्षीय महिला ने मीडिया को आपबीती सुनाते हुए कहा कि उसका बेटा नशे से मर गया, बेटी ने भी आत्महत्या कर ली, उसके दो नाती भी नशे के आदी हो चुके हैं। इस उम्र में मुश्किल से चलने वाली इस औरत पर बेटे के 3 व बेटी के 2 बच्चों का पालन-पोषण करने की जिम्मेदारी है और वह लोगों के घरों में बर्तन साफ़ करने का काम करती है।
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नशें का धंधा करने वाले एक व्यक्ति के पांव तले उस समय जमीन खिसक गई जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी और बेटी ने भी ड्रग्स लेना शुरू कर दिया है।
मेरे पास पैसे नहीं थे न ही मैं नशा करना चाहता था, लेकिन फिर भी मैं नशे का आदी बन गया। ये कहानी नशे के चुंगल में फंसे किसी एक युवक की नहीं ऐसे असंख्य युवक हैंं जो पढ़ाई-लिखाई के दौरान इस जाल में फंस जाते हैं। दोस्तों के बीच में यदि कोई एक भी नशा करता है तो वह अन्य साथियों को भी इस दलदल में धकेल देता है।

शुरुआत में पैसे न होने पर भी अन्य साथी नशे की डोज दिला देते हैं तो कुछ इसलिए उकसाते हैं ताकि दूसरे के पैसों से खरीदे नशे से वे भी नशे की अपनी खुराक ले सकें। शुरू में नशा करने वाले दोस्त यही कहते हैं कि एक बार लेकर देख... सभी चिंताओं से मुक्ति मिल जाएगी, शरीर एकदम रिलैक्स हो जाएगा आदि।

ऐसी बातें ही युवाओं को नशेड़ी बना रही हैं। पहले दोस्त ही दोस्त का घर आबाद करने में फर्ज समझते थे, लेकिन अब दोस्त ही दोस्त का घर बर्बाद कर रहे हैं। क्योंकि दोस्तों की बात आजदिन तक किसी ने नहीं टाली अब तो फैशन व ग्लैमर की दुनिया में युवतियां, बच्चे व अधेड़ आयु के लोग भी नशे की लत के शिकार हो रहे हैं।

कुछेक वर्ष पहले तक केवल शराब, धूम्रपान व गुटखा आदि नशें ही चरम पर थे, लेकिन अब तो अफीम, चरस, कोकीन व सिंथेटिक ड्रग आदि जैसे मादक पादार्थों का धंधा बड़े पैमाने पर फलफूल रहा है।

संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) के साल 2017 में जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार 15 से 64 आयु वर्ग के 27 करोड़ से ज़्यादा लोगों ने ड्रग्स का इस्तेमाल किया। इसी काल में ड्रग्स के इस्तेमाल से 5 लाख 85 हज़ार लोगों की मौत हुई और इसमें दो-तिहाई मौतों की वजह नशीले पदार्थो का सेवन था।
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मादक दवाओं और पदार्थों के इस्तेमाल से होने वाली समस्याओं से साढ़े तीन करोड़ लोग पीड़ित हैं...

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