अंतर्ध्वनि : ज्ञान पर किसी भी समाज की मिल्कियत नहीं होती है

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 03 Jul 2019 01:46 AM IST
विज्ञापन
प्रेमानंद गज्वी
प्रेमानंद गज्वी - फोटो : सोशल मीडिया

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
मैं जब सात-आठ वर्ष का था, तब धर्मांतरण हुआ। धर्मांतरण के पश्चात मूर्तियां आदि फेंक देने के बाद बाबासाहब के गीत गानेवाली भीम-भजन मंडली थी। मैं वहां गाने के लिए जाने लगा। मेरे पिता लोक-कलाकार थे। तमाशा और दंढार के शौकीन। जब मैं सातवीं-आठवीं कक्षा में था, तब सिने-गीतों की धुन पर गीत लिखता था। कव्वालियों के भी कार्यक्रम किए। शुरुआत गीतों-कविताओं से ही हुआ। स्कूल के वार्षिकी अंक में मैंने एक कविता लिखी थी। 
विज्ञापन

शुरू में मैं हिंदी और उर्दू कविता लिखने में ही मशगूल था। मेरी कहानी भी छपकर आई थी। फिर आगे बॉम्बे पोर्ट ट्रस्ट की नौकरी के दौरान भी आसपास कई एकांकी-नाट्य प्रतियोगिताएं, गणेश-उत्सव के कार्यक्रम होते रहते थे। नौकरी की अपेक्षा मेरी दिलचस्पी ऐसे कार्यक्रमों में अधिक रहती थी। इमरजेंसी का दौर में मैंने पहला नाटक लिखा 'घोटभर पाणी’ (घूंट भर पानी), जिसे मंच पर खेला गया। हर कलाकार सर्वसाधारण मनुष्य के दुख में समरस होने के उत्तरदायित्व से बंधा होता है। मुझे लगता है कि दुनिया की हर बात मेरी अपनी है, इसलिए व्यापकता के साथ मैं सभी सवालों से जा भिड़ा। 
बुद्ध और बाबासाहब को जिस व्यापकता की प्रत्याशा थी, मैं उसकी तह तक गया। ज्ञान पर किसी भी समाज की मिल्कियत नहीं होती है। इस सोच से अमेरिका का लेखक भी बोधि हो सकता है। मणिपुर के रतन थियाम का, जिनसे मेरा कभी कोई परिचय नहीं रहा, सम्राट अशोक के जीवन पर आधारित नाटक 'उत्तर प्रियदर्शी’ मैंने देखा। वह भी 'बोधि’ नाटक ही है। 
दुनिया का कोई भी मनुष्य जो मानवीय जीवन के प्रति संवेदनाओं को अभिव्यक्त करनेवाला होगा, वह 'बोधि’ से ही जुड़ा होगा। जो इस सृष्टि के अंतिम मनुष्य तक ज्ञान पहुंचाने की बात करता है, वह 'बोधि’ है। बोधि’ कला-संस्कृति का जो कुछ इतिहास है, वह मेरा लिखा हुआ नहीं है। वह पहले से ही सामने रखा हुआ है।

-मराठी रंगमंच के वरिष्ठ प्रयोगशील रचनाकार
 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us