विज्ञापन
विज्ञापन

करदाताओं का बढ़ता दायरा और बचने की सीमित गुंजाइश का मतलब

नारायण कृष्णमूर्ति Updated Sat, 07 Sep 2019 09:21 AM IST
करदाता
करदाता - फोटो : a
ख़बर सुनें
विगत 31 अगस्त को वार्षिक आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि खत्म हुई है और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के आंकड़े उत्साहजनक संकेत दर्शा रहे हैं। विगत 31 अगस्त तक 5.65 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए गए, जिनमें से 49,29,121 आयकर रिटर्न अंतिम तिथि को दाखिल किए गए, यानी आखिरी दिन प्रति सेकंड 196 आयकर रिटर्न दाखिल किए गए। अब इसकी तुलना वर्ष 2014 के आंकड़ों से कीजिए, जब कुल 3.79 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए गए थे। आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि सरकार द्वारा उठाए गए कुछ कदमों का नतीजा है, जिसके चलते कर अदा करने से बचना अब मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में पहली बड़ी छलांग वर्ष 2016-17 में नोटबंदी के बाद देखने को मिली, जिसने बहुत से लोगों को नोटबंदी के बाद बैकों में जमा नकदी के कारण अपनी आय घोषित करने के लिए बाध्य किया। इसके अलावा, सरकार टैक्स रिटर्न ऑनलाइन दाखिल करने पर जोर दे रही है और बैंक खातों के साथ पैन और आधार जोड़ने की अनिवार्यता ने भी लोगों को टैक्स रिटर्न दाखिल करने के दायरे में ला दिया है। साथ ही सरकार करदाताओं के साथ-साथ आम लोगों से संवाद बढ़ाकर भी कर का भुगतान करने के बारे में उन्हें याद दिलाती है, जिससे लोगों के लिए कर भुगतान करने से बचना मुश्किल हो गया है।

आसान इंटरफेस और कराधान- जिस एक वजह ने आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में विस्तार किया है, वह है- रिटर्न भरने वाले प्रपत्र (फार्म) और कर अधिकारियों से संवाद को सरल बनाया जाना। उदाहरण के लिए, टैक्स रिटर्न फार्म को सरल बनाया गया है और निचले टैक्स ब्रैकेट में भी टैक्स स्लैब का विस्तार किया गया है, जिससे अधिक लोग कर रिटर्न दाखिल करने के दायरे में आ गए हैं और पहली बार कर भुगतान करने वाले अधिकतर लोग रिटर्न दाखिल करने वालों की सूची में शामिल हो गए। अब जिनकी वार्षिक आय पांच लाख रुपये तक है, उन्हें कोई कर भुगतान नहीं करना पड़ेगा, लेकिन उन्हें टैक्स रिटर्न दाखिल करने की जरूरत है। अकेले इस कदम ने रिटर्न न दाखिल करने वाले कई लोगों को आयकर रिटर्न दाखिल करने के योग्य बना दिया है।

सरकार ईमानदार करदाताओं को पहचानने और उन्हें पुरस्कृत करने की योजना भी लेकर आई है। वर्ष 2016 में सरकार ने राष्ट्रनिर्माण में करदाताओं के अवदान को स्वीकार किया और उनमें से कुछ लोगों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया। एक करोड़ या उससे अधिक राशि का कर भुगतान करने वालों को प्लेटिनम प्रमाणपत्र, तो पचास लाख से एक करोड़ रुपये तक कर अदा करने वाले को स्वर्ण प्रमाणपत्र, दस से पचास लाख रुपये तक कर अदा करने वालों को रजत प्रमाणपत्र और एक से दस लाख रुपये तक कर भुगतान करने वालों को कांस्य प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। यह कदम शायद कई लोगों के लिए उत्साहजनक था, जिन्होंने तत्परता से ईमानदारीपूर्वक अपने करों का भुगतान करने के साथ टैक्स रिटर्न दाखिल करना शुरू कर दिया।

करों का भुगतान करने और रिटर्न दाखिल करने की योग्यता को लेकर लोगों की राय बदल रही है। सरकार और सीबीडीटी कर अनुपालन बढ़ाने के उपायों पर काम कर रहे हैं और अधिक लोगों को कर के दायरे में लाना चाहते हैं, ताकि हम ईमानदार करदाताओं का देश बन सकें। बड़े पैमाने पर ऐसा करने के लिए कई विकसित देशों की तर्ज पर इनाम देने की योजना बनाई जा रही है। उदाहरण के लिए, विकसित देशों में न केवल ईमानदार करदाताओं को प्राथमिकता मिलती है, बल्कि समय-समय कर अधिकारी उनसे मिलते भी हैं। भारत में भी ईमानदार करदाताओं को इस तरह का लाभ मिल सकता है।

कर भुगतान के दायरे का विस्तार- हालांकि टैक्स रिटर्न दाखिल करने का आधार बढ़ रहा है, लेकिन संभावित कर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या अब भी कम है। उदाहरण के लिए, देश में 45 करोड़ लोगों के पास पैन है, लेकिन इसका मात्र 12 फीसदी ही टैक्स रिटर्न दाखिल होता है। इसलिए ज्यादा लोगों को कर दायरे में लाने की अपार संभावनाएं हैं, भले ही आयकर की सीमा वार्षिक पांच लाख रुपये से अधिक की कमाई पर ही शुरू होती हो। इसके बारे में पता लगाने का एक तरीका यह है कि उन पेशों की तरफ नजर डाली जाए, जहां असंतुलन है। मसलन, किसानों और खेती को आयकर के दायरे से बाहर रखा गया है, लेकिन समय आ गया है कि सरकार उन समृद्ध किसानों को भी कर दायरे में लाए, जो कृषि सब्सिडी का लाभ उठाते हैं। आधार कार्ड को पैन और बैंक खातों से जोड़ना एक अन्य उपाय है, जिससे आयकर अधिकारियों को उन व्यक्तियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी, जो कर दायरे से बाहर हैं या अब तक आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं। एक बार जब इस कार्य को अंजाम दिया जाएगा, तो उम्मीद है कि रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में भारी वृद्धि होगी, उनमें से कुछ लोग संभवतः कर का भुगतान भी कर रहे हैं। सीबीडीटी और जनता के बीच संबंधों में जो पारदर्शिता लाई जा रही है, वह आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ दोनों के बीच बेहतर रिश्ते का संकेत भी दे रही है, अन्यथा उनके बीच आपस में अप्रिय संबंध ही रहता है।

आयकर रिटर्न का ऑनलाइन सत्यापन एक और कदम है, जिसने करदाताओं और सीबीडीटी को करीब लाया है, जिससे दोनों के बीच रिश्ते बेहतर ही होंगे।  कर कानूनों के दायरे से बचने की सीमित गुंजाइश के चलते अब वह दिन दूर नहीं, जब आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में भारी वृद्धि होगी, जो हमें राष्ट्रनिर्माण में योगदान करने वाले जागरूक करदाताओं का समाज बनाएगा। पिछले पांच वर्षों में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है और इनामस्वरूप सरकार निचले स्तर पर आयकर में छूट भी दे रही है। आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों और आयकर देने वालों की संख्या जब और बढ़ जाएगी, तो टैक्स स्लैब को और ज्यादा तर्कसंगत बनाया जा सकता है।
विज्ञापन

Recommended

महिलाओं के लिए स्वच्छता क्यों आवश्यक है?
NIINE

महिलाओं के लिए स्वच्छता क्यों आवश्यक है?

विनायक चतुर्थी पर सिद्धिविनायक मंदिर(मुंबई ) में भगवान गणेश की पूजा से खत्म होगी पैसों की किल्लत 30-नवंबर-2019
Astrology Services

विनायक चतुर्थी पर सिद्धिविनायक मंदिर(मुंबई ) में भगवान गणेश की पूजा से खत्म होगी पैसों की किल्लत 30-नवंबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Opinion

मजहब को सियासत से अलग रखें

करतारपुर गलियारे के उद्घाटन के दिन पाकिस्तान में जश्न का माहौल था। अगर भारत और पाकिस्तान मजहब को सियासत से अलग रखें, तो मुझे यकीन है कि इस गलियारे के बंद होने की नौबत कभी नहीं आएगी।

21 नवंबर 2019

विज्ञापन

नहीं हुई धोनी की वापसी, वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज के लिए हुआ टीम इंडिया का ऐलान

वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 और वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। बांग्लादेश के बाद टीम इंडिया एक और घरेलू सीरीज के लिए तैयार है। महेंद्र सिंह धोनी को टीम में शामिल नहीं किया गया है।

21 नवंबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election