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विराट और रोहित से खुद को अलग मानते हैं राहुल द्रविड़, कहा- तुलना ही नहीं कर सकते

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 09 Jun 2020 05:43 PM IST
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2003 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ जीत दिलाने के बाद राहुल द्रविड़
2003 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ जीत दिलाने के बाद राहुल द्रविड़ - फोटो : ट्विटर

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पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा का मानना है कि वह अपनी तुलना विराट कोहली या रोहित शर्मा से नहीं कर सकते क्योंकि उन्होंने वन-डे के प्रतिमानों को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। बकौल द्रविड़, 'ईमानदारी से कहूं तो मैं एक टेस्ट खिलाड़ी बनने की सोच के साथ आगे बढ़ा था।' 
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क्रिकेट अब बड़े स्कोर वाला खेल बन गया है, लेकिन द्रविड़ ने कहा कि रक्षात्मक बल्लेबाजी से किसी को खेल के सर्वश्रेष्ठ प्रारूप (टेस्ट) में कड़े स्पैल और मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकलने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि भले ही इसका महत्व कम होता जा रहा है, लेकिन आपको तब भी अपने विकेट का बचाव करना होता है। आज के दिन में क्रिकेट में बने रहने के लिए आपका टेस्ट क्रिकेटर होना जरूरी नहीं है। आप टी-20 या वन-डे में करियर बना सकते हैं और रक्षात्मक तकनीकी के बिना भी खेल में बने रह सकते हो।'
द्रविड़ ने कहा, 'एक पीढ़ी पहले आपको खेल में बने रहने के लिए टेस्ट क्रिकेटर होना पड़ता था। कई खिलाड़ियों की आज भी अच्छी रक्षात्मक तकनीकी है फिर चाहे वह कोहली हो, (केन) विलियमसन या (स्टीव) स्मिथ।' 

द्रविड़ ने पुजारा की भी जमकर तारीफ की जो भारत के टेस्ट विशेषज्ञ हैं। उन्होंने कहा, 'सौराष्ट्र जैसी जगह से आने के बाद उसे जल्द ही पता चल गया कि उसे अन्य खिलाड़ियों की तुलना में कुछ खास करने की जरूरत है, इसलिए उसने अपनी प्रत्येक पारी को विशेष बनाने की कोशिश की और इस तरह से अपनी बल्लेबाजी को आगे बढ़ाया।'

द्रविड़ ने कहा, 'उसके पास कई तरह के शॉट हैं और वह इसे जानता है। स्पिनरों के सामने वह बेजोड़ है और वह स्ट्राइक रोटेट भी करता है। पुजारा ने अपने खेल पर बहुत अच्छी तरह से काम किया है। उसकी एकाग्रता लाजवाब है। पुजारा जैसे खिलाड़ी के लिये टीम में हमेशा जगह रहेगी क्योंकि उनकी तकनीकी मैच जिताने में हमेशा योगदान देगी।'

द्रविड़ ने इसके साथ ही कहा कि टेस्ट की तुलना में छोटे प्रारूपों में तकनीकी कमजोरियों पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा, 'टी-20 प्रारूप में आप अपने कमजोर पक्षों के साथ जी सकते हो लेकिन अगर आपकी कमजोरी साफ नजर आ रही हो तो आप टेस्ट क्रिकेट में नहीं बने रह सकते। टी-20 क्रिकेट में आपकी कोई विशेष भूमिका होती है और अगर आप उसमें खरे उतरते हो तो आप सफल हो सकते हो।'

द्रविड़ ने कहा, 'मैंने कई युवा खिलाड़ियों के साथ काम किया है और जब वे शुरुआत करते हैं तो उनके आदर्श कोहली या केन विलियमसन या स्मिथ होते हैं। वे खेल के सभी प्रारूपों में खेलना चाहते हैं।' 

उन्होंने कहा, 'लेकिन कुछ कम प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को लगता है कि कोहली या पुजारा या अजिंक्य रहाणे के रहते हुए टीम में जगह बनाना मुश्किल है, लेकिन वे जानते हैं कि अगर वे सीमित ओवरों की क्रिकेट पर मेहनत करते हैं तो निश्चित तौर पर आईपीएल टीम में जगह बना सकते हैं और आसानी से आजीविका चला सकते हैं।'

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