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कराएं दिवाली की रात लक्ष्मी कुबेर यज्ञ, होगी अपार धन, समृद्धि  व्  सर्वांगीण कल्याण  की प्राप्ति : 27-अक्टूबर-2019
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उत्तराखंड: शैलेश मटियानी पुरस्कार से नवाजे जाएंगे उत्तराखंड के 24 शिक्षक

शैलेश मटियानी राज्य शिक्षक पुरस्कार 2016-17 के लिए प्रदेश से 24 शिक्षकों को चयनित किया गया है।

17 अक्टूबर 2019

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देहरादून

शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2019

अखाड़ा परिषद् के महामंत्री महंत हरि गिरी बोले, ‘उत्तराखंड में पलायन से राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा’

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री हरि गिरि महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में पलायन से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में कश्मीर से भी गंभीर हालात हो सकते हैं। सरकार को चाहिए कि उत्तराखंड के चीन से लगे हुए सीमा क्षेत्र में नए-नए संस्थान और विश्वविद्यालय खोलें और उद्योग लगाएं।

वरना इस क्षेत्र में कभी भी घुसपैठ हो सकता है। छड़ी यात्रा के दौरान देखे जा रहे हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने उत्तराखंड में खाली हो रहे गांवों को पुनर्वासित करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी करार दिया।

उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान यह तथ्य सामने आ रहे हैं कि उत्तराखंड में पलायन गंभीर समस्या का रूप लेता जा रहा है। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में सरकार को सुनियोजित विकास की सलाह दी। कहा कि पहाड़ के प्रतिभावान युवक बेहतर करियर पाने के बाद अपने गांव की तरफ नहीं लौटना चाहते, क्योंकि उन्हें वहां सकारात्मक माहौल नहीं मिलता।

जरूरत इस बात की है कि जो सुविधाएं हरिद्वार, दिल्ली, नोएडा सहित देश के अन्य हिस्सों में मिल रही हैं, वह सीमावर्ती क्षेत्रों में मुहैया कराई जाएं। उन्होंने कहा कि इस मामले में अखाड़ा परिषद और पूरा संत समाज भी सरकार के साथ है। 
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राशनकार्ड की वजह से नहीं मिल रहा आयुष्मान योजना का लाभ तो ये खबर आपको देगी बड़ी राहत

उत्तराखंड के सभी राशन कार्ड धारक जल्द ही अटल आयुष्मान योजना के दायरे में होंगे। सरकार आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने के लिए राशन कार्ड की कट ऑफ डेट को खत्म करने जा रही है।

अभी तक योजना में वर्ष 2015 से पहले के राशन कार्ड के आधार पर गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिस कारण प्रदेश के हजारों परिवार ऐसे हैं, जो पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा से वंचित हैं। 

त्रिवेंद्र सरकार ने 25 दिसंबर को प्रदेश के 23 लाख से अधिक परिवारों के लिए अटल आयुष्मान योजना शुरू की। लेकिन योजना में गोल्डन कार्ड बनाने के लिए राशन कार्ड की कट ऑफ डेट की शर्त लगा दी। आयुष्मान योजना के सॉफ्टवेयर में वर्ष 2015 से पहले के बने राशन कार्ड का ही डाटा फीड किया गया।

जिन परिवारों के राशन कार्ड का ब्योरा सिस्टम है, उनके गोल्डन कार्ड तो बन रहे हैं। लेकिन, जिन परिवारों के राशन कार्ड इसके बाद बने हैं, वे मुफ्त इलाज का लाभ लेने के लिए गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।
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उत्तराखंड पंचायत चुनाव: प्रदेश में कुल 69.59 फीसदी रहा मतदान, 21 अक्टूबर को होगी मतगणना

पंचायतों में इस बार मतदाताओं ने गजब का उत्साह दिखाया। तीनों चरणों में कुल मिलाकर 69.59 प्रतिशत मतदान हुआ। 12 जिलों में सबसे अधिक मतदान ऊधमसिंह नगर में, जबकि सबसे कम मतदान अल्मोड़ा में हुआ। गढ़वाल मंडल में उत्तरकाशी के मतदाता सबसे आगे रहे। अब 21 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। 

पंचायत चुनाव में इस बार 4320412 मतदाताओें में से 3006378 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वोट के अधिकार का प्रयोग करने में सबसे आगे ऊधमसिंह नगर के मतदाता रहे। यहां करीब 84.26 प्रतिशत मतदान हुआ।

वहीं अल्मोड़ा के मतदाता सबसे पीछे रहे। गढ़वाल मंडल में दुर्गम माने जाने वाले उत्तरकाशी में 78.43 प्रतिशत मतदान हुआ तो इस मंडल के अन्य जिलों के हिसाब से सबसे अधिक है। इस मंडल में सबसे कम मतदान टिहरी गढ़वाल में हुआ। 
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पहाड़ों में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब पास करना होगा ये टेस्ट भी

पर्वतीय इलाकों में आए दिन होने वाले हादसों पर अंकुश लगाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को और जटिल किया जा रहा है। लोगों को अब ‘हिल ट्रैक’ परीक्षा पास भी करनी होगी। यह व्यवस्था कुछ ही दिनों में लागू हो जाएगी।

एआरटीओ प्रशासन अरविंद पांडे के मुताबिक वर्तमान में आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए इंस्टीट्यूट आफ ड्राइविंग एंड ट्रेेनिंग रिसर्च यानी आईडीटीआर में एस फार्मेशन, समानांतर पार्किंग, बैक पार्किंग की परीक्षा देनी पड़ रही है। लेकिन पर्वतीय इलाकों में आए दिन होने वाले हादसों को रोकने के लिए अब हिल ट्रैक परीक्षा पास करनी ही होगी।
 
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

देहरादूनः आवारा कुत्ते के काटने पर वैक्सीन के लिए अस्पतालों से मेडिकल स्टोर में भटक रहे मरीज

पटेलनगर निवासी वरुण ठाकुर को बुधवार रात करीब नौ बजे एक आवारा कुत्ते ने काट लिया। वरुण एंटी रैबीज की वैक्सीन लगाने तत्काल निजी और सरकारी अस्पताल पहुंचे। कई मेडिकल स्टोर पर भी संपर्क किया। बावजूद इसके उन्हें कहीं एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं मिली।

बृहस्पतिवार को उन्होंने फिर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल समेत विभिन्न सरकारी, निजी अस्पतालों और केमिस्ट शॉप के चक्कर काटे, लेकिन कहीं इंजेक्शन नहीं मिले। ऐसे में वरुण के सामने समस्या है कि वैक्सीन न लगने से होने वाली जानलेवा बीमारी से बचने के लिए आखिर वह क्या करे? यह सिर्फ वरुण की पीड़ा नहीं, बल्कि आए दिन कुत्ते और बंदर के काटे सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों की हैं। अस्पतालों की ओर से स्पष्ट बताया जा रहा है कि कंपनियां पर्याप्त मात्रा में सप्लाई करने को तैयार नहीं है।

पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही वैक्सीन: सीएमओ

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि पिछले छह माह से अधिक समय से एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं मिल रही है। टेंडर के जरिए और मौखिक तौर पर भी विभिन्न फर्म से लगातार संपर्क किया जा रहा है। लेकिन, फर्म भी कंपनियों से मैन्यूफैक्चरिंग कम होने की बात कहकर सप्लाई से पल्ला झाड़ रही है। ऐसे में कुछ मात्रा में ही एंटी रैबीज वैक्सीन मिल रही हैं। स्वास्थ्य महानिदेशालय से भी इसके लिए संपर्क किया जा रहा है।

कई बार बाजार से खरीदकर दिए इंजेक्शन: डॉ. टम्टा

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी एंटी रैबीज वैक्सीन का टोटा बना हुआ है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि कुत्ते और बंदर आदि के काटे प्रतिदिन 40 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। लेकिन अस्पताल में छह माह से एंटी रैबीज वैक्सीन की समस्या बनी हुई है। फर्म टेंडर डालने को तैयार नहीं है। ऐसे में कई बार बाजार से जैसे तैसे कर वैक्सीन मंगाई जाती है। लेकिन वह पर्याप्त नहीं होती।

देशभर की समस्या है यह: नंदा

सिटी होल सेल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष नंदा ने बताया कि एंटी रैबीज वैक्सीन बनाने वाली दो कंपनियां बंद हो चुकी हैं। अब एक कंपनी इस वैक्सीन का बना रही है। बताया जा रहा है कि रॉ मैटीरियल न मिलने से अधिक मात्रा में वैक्सीन नहीं बन रही। इसलिए यह अब देशभर की समस्या बनी हुई है। एसोसिएशन के स्तर से कई बार कंपनी से इसके बारे में अनुरोध किया है। जितनी मात्रा में कंपनी उपलब्ध करा रही है, उतनी खरीद कर रहे हैं। शहर के रेसकोर्स और आसपास के कुछ केमिस्ट पर इसका कुछ स्टॉक है।

हो सकता है जानलेवा: डॉ. आर्य

कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल आर्य ने बताया कि आवारा कुत्ते या बंदर के काटने पर एंटी रैबीज वैक्सीन न लगाने पर यह मरीज के लिए जानलेवा हो सकता है। ऐसे में जल्द वैक्सीन लगाने की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि कोरोनेशन अस्पताल में वैक्सीन नहीं है। 
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उत्तराखंड में पान मसाला के साथ मिलने वाले तंबाकू के पैकेट पर रोक

उत्तराखंड में पान मसाला के साथ अलग से मिलने वाले तंबाकू के पैकेट पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। बृहस्पतिवार को औषद्यि प्रशासन आयुक्त नितेश कुमार झा की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रदेश में फिलहाल पान मसाला संग मिलने वाले तंबाकू के पैकेट पर एक साल तक प्रतिबंध रहेगा।

आदेश में कहा गया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम 2011 के तहत प्रदेश में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध है, बावजूद इसके प्रदेश में पान मसाला के साथ छोटे-छोटे पैकेट में तंबाकू बेचा जा रहा है। इसी को देखते हुए तंबाकू के पैकेट और निकोटिन युक्त गुटखा के निर्माण, भंडारण व बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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उत्तराखंड: अटल आयुष्मान योजना में हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट देश में नंबर वन

अटल आयुष्मान योजना में गोल्डन कार्ड धारक मरीजों का इलाज करने में हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट देश में पहले स्थान पर है। एक साल पहले शुरू हुई इस योजना में हिमालयन हॉस्पिटल ने गोल्डन कार्ड पर 17 हजार मरीजों का मुफ्त इलाज किया है। प्रदेश में अब तक 75 हजार से अधिक मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ मिला है, जिनके इलाज पर 72.87 करोड़ रुपये का खर्च आया है। 

आयुष्मान योजना में गोल्डन कार्ड पर मरीजों का इलाज कराने के लिए जहां निजी अस्पताल आनाकानी करते हैं। वहीं, हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट ने उत्तराखंड में ही नहीं, पूरे देश में सबसे ज्यादा मरीजों को योजना में लाभान्वित कर पहला स्थान हासिल किया है। हिमालयन हास्पिटल में उत्तराखंड समेत देश के अन्य राज्यों के मरीज भी इलाज के लिए आते हैं।

यदि मरीज का गोल्डन कार्ड बना है तो अस्पताल में पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज किया जाता है। प्रदेश सरकार ने आयुष्मान योजना में 180 सरकारी और निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया है। लेकिन एक साल में जहां निजी अस्पतालों ने मरीजों को बेहतर सुविधा दी है। वहीं, 13 निजी अस्पतालों ने मरीजों का इलाज और क्लेम के बिलों में फर्जीवाड़ा किया है। 
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अब एसीआर में दर्ज होगी एनएचएम योजनाओं की परफॉरमेंस, हर जिले का बनेगा एक्शन प्लान 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की परफॉरमेंस अब अधिकारियों व कर्मचारियों की एसीआर में दर्ज होगी। केंद्र सरकार की रिपोर्ट में उत्तराखंड का स्वास्थ्य क्षेत्र में खराब प्रदर्शन के बाद अब प्रत्येक जनपद के लिए योजनाओं को क्रियान्वित करने का एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।

पहली बार उच्च स्तर पर एनएचएम योजनाओं की समीक्षा के लिए शासन ने एजेंडा तैयार कर लिया है। जल्द ही बैठक की तिथि निर्धारित की जाएगी। बैठक में प्रत्येक योजना की जनपदवार समीक्षा की जाएगी। जिलों से सीएमओ और सीएमएस पूरी तैयारी के साथ ही बैठक में उपस्थित होंगे। जिस अधिकारी को बुलाया जाएगा, वह बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होगा। 

हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सभी राज्यों की हेल्थ सिस्टम स्ट्रेंथिंग कंडिशनली रिपोर्ट जारी की है। जिसमें उत्तराखंड का प्रदर्शन खराब रहा। नीति आयोग के स्वास्थ्य सूचकांक के मानकों और एनएचएम योजनाओं को क्रियान्वयन के लिए शासन नई रणनीति तैयार कर रहा है। 
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इस गांव के 500 परिवारों में सुहागिनें नहीं रखतीं करवाचौथ का व्रत, पीछे है 300 साल पुरानी घटना

दुनियाभर में हिंदू धर्म की महिलाएं जहां धूमधाम से करवा चौथ का व्रत रखती हैं तो वहीं उत्तराखंड के रुड़की में त्यागी समाज के एक गोत्र विशेष (बिकवान भारद्वाज) के करीब 500 परिवारों में यह व्रत नहीं रखा जाता है। खास बात यह है कि ये परंपरा हाल फिलहाल से नहीं बल्कि 300 वर्षों से चली आ रही है।

त्यागी कल्याण एवं विकास समिति रुड़की के कोषाध्यक्ष प्रदीप त्यागी ने बताया कि उत्तराखंड उत्तरप्रदेश के बॉर्डर पर स्थित त्यागी समाज के बाहुल्य वाले खाई खेड़ी, घुमावटी, फलौदा, बरला, छपार, खुड्डा, कुतुबपुर, भैसानी समेत 12 गांवों में 300 वर्षों से करवाचौथ का व्रत नहीं रखा जाता। इन गांवों से भारद्वाज बीकवान गोत्र के करीब 500 परिवार रुड़की शहर में आकर बसे हैं।
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उत्तराखंड पुलिस का व्यापारी से अभद्रता और मारपीट का वीडियो हुआ वायरल, जांच के निर्देश 

‘जेल भेज दूंगा, जिससे बात करनी है कर ले’ ...।’ ये शब्द कहीं से भी आपको सभ्य नहीं लग रहे होंगे। दरअसल, ये अपशब्द मित्र पुलिस कही जाने वाले मुनस्यारी पुलिस के थानाध्यक्ष ने एक व्यापारी को कहे हैं, थानाध्यक्ष इतने पर भी नहीं रुके और जाति सूचक शब्दों का भी इस्तेमाल करने के साथ व्यापारी को पीटा भी।

थानाध्यक्ष की सारी बात एक वीडियो के सामने आने के बाद वायरल हो गई है। वीडियो में थाने का दीवान (हेड कांस्टेबल) भी गाली देता दिखाई दे रहा है। बुधवार को व्यापारी विक्रम सिंह जंगपांगी को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। बृहस्पतिवार को उसे जिला अस्पताल से सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। 

बुधवार को मुनस्यारी में रेस्टोरेंट चलाने वाले विक्रम सिंह जंगपांगी ने डीएम और एसडीएम मुनस्यारी को दिए पत्र में कहा था कि 14 अक्तूबर की दोपहर में मुनस्यारी के थानाध्यक्ष होटल (रेस्टोरेंट) में आए और बैठने के लिए चार कुर्सियां मांगने लगे। उस समय रेस्टोरेंट में ग्राहक बैठे थे। कुर्सियों को लेकर विवाद हुआ। विक्रम के अनुसार थानाध्यक्ष देख लेने की धमकी देकर चले गए।

रात को थानाध्यक्ष फिर रेस्टोरेंट आए और हाथापाई की और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। हाथापाई में उसे काफी चोट आई। वह थाने गया तो वहां भी उसके साथ गाली-गलौच और मारपीट की गई। पुलिस ने जबरदस्ती 250 रुपये का चालान काट दिया। बुधवार को थानाध्यक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था। 
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हरिद्वार: गर्भवती महिला ने रेलवे स्टेशन पर दिया बच्चे को जन्म, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ

चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस ट्रेन से जा रही गर्भवती महिला ने लक्सर रेलवे स्टेशन पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद उन्हें सरकारी अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार कर छुट्टी कर दी।

उत्तर प्रदेश के जनपद प्रतापगढ़ के अंतिम गांव निवासी संतोष कुमार यादव चंडीगढ़ में कार्य करता है। उसका छोटा भाई अंकित यादव व पत्नी पुष्पा यादव भी उसी के साथ चंडीगढ़ में रहते हैं।

पुष्पा के गर्भवती होने के कारण परिवार के लोग उसके घर पर सही देखभाल करने के इरादे से उसे लेकर अपने गांव जा रहे थे। बुधवार की शाम जैसे ही चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस ट्रेन से घर के लिए रवाना हुए तो रुड़की स्टेशन से ट्रेन के चलते ही पुष्पा को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। 
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चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट बंद, जानिए अन्य धामों की यात्रा समाप्त होने की तिथी

चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट आज पूजा-अर्चना के बाद विधि-विधान से सुबह सात बजे बंद कर दिए गए। भगवान रुद्रनाथ की चल विग्रह डोली को लेकर भक्त गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर के लिए रवाना हो गए हैं। अब शीतकाल में छह माह तक भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना गोपीनाथ मंदिर में संपन्न होगी।

वहीं बदरीनाथ धाम के कपाट 17 नवंबर को शाम 5:13 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। केदारनाथ के कपाट परंपरानुसार भैयादूज पर 29 अक्तूबर को सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।

द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट 21 नवंबर और तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट 6 नवंबर को बंद होंगे। इसी तरह उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री धाम के कपाट दीपावली के अगले दिन 28 अक्तूबर को अन्नकूट पर्व पर पूर्वाह्न 11:40 बजे और यमुनोत्री धाम के कपाट 29 अक्तूबर को भैया दूज के दिन बंद किए जाएंगे। समय अभी तय नहीं किया गया है।
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