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Coronavirus: उत्तराखंड में शुक्रवार को 64 कोरोना संक्रमित मिले, 3000 पार पहुंची मरीजों की संख्या

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार को प्रदेश में 64 नए मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 3000 पार पहुंच गई है। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, अल्मोड़ा में आठ, बागेश्वर में तीन, चमोली, चंपावत और हरिद्वार में दो-दो मरीज संक्रमित मिले हैं। वहीं, देहरादून में 21(एक प्राईवेट लैब), नैनीताल में 13, पिथौरागढ़ में एक और ऊधमिसंह नगर में 12 मरीजों में कोरोना पॉजिटिव पाया गया।


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बता दें कि इसे मिलाकर अब प्रदेश में मरीजों की संख्या 3048 हो गई है। अब तक प्रदेश में 2481 संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। अभी भी 498 एक्टिव केस हैं। जबकि अब तक 42 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है।
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उत्तराखंड: कोरोना से पीड़ित सांस के मरीजों को राहत, ऋषिकेश एम्स में पोर्टेबल बेडसाइड ब्रोंकोस्कॉपी शुरू

उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने अभिभावकों को दी राहत, कहा-फीस के लिए दबाव न डालें प्राइवेट स्कूल

उत्तराखंड के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को राहत देते हुए हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि शिक्षा सचिव के 22 जून 2020 के आदेशानुसार स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर फीस के लिए दबाव नहीं बनाएगा।

केवल उन्हीं बच्चों से स्कूल वाले ट्यूशन फीस ले सकते हैं जो उन्हें ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। कोर्ट ने अभिभावकों की शिकायतों के निस्तारण के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश देते हुए याचिका को निस्तारित कर दिया है।


मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी जपेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड के प्राइवेट स्कूल वाले ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर जबरन अभिभावकों से फीस मांग रहे हैं।
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लोकगीतों के सहारे माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा नेपाल, भारत विरोधी गीतों से रच रहा नई साजिश

कालापानी विवाद को लेकर भारत को आंख दिखा रहे नेपाल में राजनीति के साथ ही अब लोकगीतों के सहारे भी भारत के खिलाफ माहौल बनाने की साजिश रची जा रही है। यू ट्यूब चैनल में नेपाली लोक कलाकारों के कई ऐसे गीत गूंज रहे हैं, जिसमें भारत की खिलाफत कर न सिर्फ कालापानी बल्कि टनकपुर, नौलापानी और अल्मोड़ा को भी नेपाल का हिस्सा होने का दावा किया गया है। 

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नेपाली लोकगायक और गायिका का 'समझना लामिछाने मगर के ‘दादागीरी छोड़ भारत, हमलाई आउछ कुटनीति को कुरा’ (दादागिरी छोड़ भारत, हमें भी आती है कुटनीति की बात) गीत और यू ट्यूब चैनल पर चल रहे नेपाली गायिका और गायक के ही ‘कालापानी हम्रो हो, लिपुलेख हम्रो हो, यो टनकपुर, अल्मोड़ा हम्रो हो...’ जैसे गीतों से भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। 
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नेपाल निवासी जवान के अनुरोध पर एक घंटे के लिए खुला अंतर्राष्ट्रीय झूला पुल, कई लोगों ने की घरवापसी

भारतीय सेना में कार्यरत नेपाल निवासी एक जवान के अनुरोध पर शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय झूला पुल एक घंटे के लिए खोला गया। इस दौरान जवान के साथ कुल 27 लोग धारचूला आए, जबकि 41 लोग नेपाल गए। 

मूल रूप से नेपाल निवासी एक जवान ने परिवार के साथ भारत आने के लिए प्रशासन को पत्र लिखा था। नेपाल सीडीओ कार्यालय से यह पत्र धारचूला प्रशासन को भेजा गया। जिलाधिकारी के आदेश पर शुक्रवार को पुल एक घंटे के लिए खोला गया।


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इसके बाद जवान और उसके परिवार के सदस्य सहित कुल 27 लोग भारत आए। सभी की पुल पर थर्मल स्क्रीनिंग की गई। दोनों देशों के लोग राशन सहित अन्य दैनिक सामग्री भी साथ ले गए। एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि बृहस्पतिवार रात नगर के बुजुर्ग व्यापारी भीम सिंह गर्ब्याल की मृत्यु होने पर उनके नेपाल के परिजन भी अंतिम संस्कार में आए थे।
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उत्तराखंड: सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नॉन क्लीनिकल पीजी की फीस घटी, बांड की व्यवस्था खत्म

प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अब नॉन क्लीनिकल पीजी की पढ़ाई एक लाख रुपये में होगी। सात साल के बाद नॉन क्लीनिकल पीजी पाठ्यक्रम की फीस को सालाना पांच लाख से घटाकर एक लाख किया गया है।

शुक्रवार को सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने फीस निर्धारण का शासनादेश जारी किया है। वहीं, सरकार ने नॉन क्लीनिकल पीजी पाठ्यक्रमों में बांड की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।


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सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नॉन क्लीनिकल पीजी पाठ्यक्रम एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायो केमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी, फॉरेंसिक मेडिसिन, माइक्रो बायोलॉजी व कम्युनिटी मेडिसिन संचालित किए जाते हैं।
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