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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
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अमेरिकी कंपनी की नौकरी छोड़ ललित उगा रहे फूल और मशरूम

गंगोलीहाट का एक युवा अमेरिकी कंपनी की 80 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी छोड़कर अपने गांव लौट आया और फूलों की खेती के साथ ही मशरूम, सब्जी, दुग्ध उत्पादन...

9 दिसंबर 2019

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देहरादून

सोमवार, 9 दिसंबर 2019

यूपी में आरटीआई का दुरुपयोग करने वाले आदतन मुकदमेबाज घोषित, पढ़ें क्या है पूरा मामला

सूचना अधिकार अधिनियम (आरटीआई) की आड़ में सरकारी अधिकारियों को ब्लैकमेल करने अथवा लोकसेवकों का उत्पीड़न करने वाले आरटीआई कार्यकर्ताओं को यूपी के राज्य सूचना आयुक्त ने न केवल आदतन मुकदमेबाज घोषित किया है, बल्कि लिखित कार्रवाई में भी उनके नाम के आगे आदतन मुकदमेबाज लिखा जाता है। आयोग के इस प्रयोग से यूपी में आरटीआई का दुरुपयोग कम हुआ है। यह कहना है यूपी के राज्य सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती का। 

शनिवार को तीन दिनी प्रवास पर नैनीताल पहुंचे उप्रेती राज्य अतिथि गृह में अमर उजाला से बातचीत कर रहे थे। एक सवाल के जवाब में उप्रेती ने बताया कि आदतन मुकदमेबाज ऐसे लोगों की फाइल में लिखा जाता है जिनकी रुचि सूचना मांगने की न होकर अधिकारियों पर दंड लगवाने या निजी कारणों के चलते उनका उत्पीड़न करने की होती है।
 
उन्होंने बताया कि यूपी में बड़े शहरों की अपेक्षा ग्रामीण आरटीआई के प्रति बेहद जागरूक हैं। वह हर दिन अपनी कोर्ट एस-6 में औसतन पचास मामलों का निस्तारण करते हैं। महीने में 1200 से अधिक मामले निस्तारित होते हैं।
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16 दिसंबर को एक महीने के लिए इस शुभ मुहूर्त में बंद होंगे भगवान आदिबदरी मंदिर के कपाट

भगवान आदिबदरी मंदिर के कपाट 16 दिसंबर को शाम 7.30 बजे बंद होंगे। इस दौरान मंदिर समिति की ओर से सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रविवार को मंदिर के संस्थापक सदस्य नरेंद्र चाकर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आदिबदरी मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि निकाली गई।

निर्णय लिया गया कि कपाट बंद होने के दौरान समारोह पर नियमित पूजा-अर्चना के बाद बदरीश कीर्तन मंडली के भजन-कीर्तन, लोकनृत्य व लोकगीत, महिला मंगल दलों की प्रस्तुति होगी। शाम को सात बजे भगवान आदिबदरी की आरती होगी।

इसके बाद आदिबदरी नाथ को सामूहिक भोग, निर्वाण दर्शन व घृत कंबल की प्रक्रिया होगी और शाम 7:30 बजे एक माह के लिए भगवान आदिबदरी नाथ जी के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।

एक महीने बाद मकर संक्रांति पर्व पर मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस मौके पर नरेश बरमोला, विजय चमोला, बृजेश कुंवर, नंदा पंवार, नंदा नेगी, बलवंत नेगी, नवीन बहुगुणा, भोपाल बिष्ट, हिमेंद्र कुंवर, बलवंत भंडारी, कुंवर कठैत और गैणां सिंह मौजूद थे।
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रणजी ट्रॉफी 2019: नहीं खेलेंगे इरफान पठान, बोले- मेरा समय गया, अब युवाओं को मिले मौका

रणजी ट्रॉफी में उत्तराखंड का पहला मुकाबला जम्मू कश्मीर के साथ सोमवार को शुरू होने जा रहा है। जम्मू एंड कश्मीर टीम की तरफ से दिग्गज क्रिकेटर इरफान पठान खेलते नजर नहीं आएंगे। इसकी पुष्टि स्वयं इरफान पठान ने की है। पठान का न खेलना उत्तराखंड टीम के लिए राहतभरी खबर है। 

पठान ने कहा कि मैने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बहुत समय तक क्रिकेट खेला और अपनी पहचान बनाई। अब मैं चाहता हूं कि मैं क्रिकेट न खेलूं, बल्कि युवाओं को मौके दूं। यह उनका समय है और युवा क्रिकेटर मौका भुनाने के लिए तैयार हैं। 

उत्तराखंड व जम्मू एंड कश्मीर के बीच नौ दिसंबर से अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी में रणजी ट्रॉफी के मुकाबले सुबह 9 बजे से शुरू होंगे। रविवार को दोनों ही टीमों ने नेट पर खूब पसीना बहाया। जम्मू कश्मीर टीम के खिलाड़ी सुबह 11.30 बजे ही मैदान में पहुंचे और करीब दो बजे तक प्रैक्टिस की।
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रणजी ट्रॉफी 2019: उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का पहला मैच आज

रणजी ट्रॉफी में उत्तराखंड का पहला मुकाबला आज जम्मू कश्मीर के साथ हो रहा है। अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी में मुकाबला आज सुबह नौ बजे शुरू हुआ। जम्मू-कश्मीर पहले बल्लेबाजी कर रहा है। जम्मू-कश्मीर ने चार विकेट के नुकसान पर 94 रन बना लिए हैं। वहीं उत्तराखंड के प्रदीप चमोली ने जम्मू-कश्मीर के दो, दीक्षांशु और धनराज शर्मा ने एक-एक विकेट लिए हैं।

इससे पहले रविवार को दोनों ही टीमों ने नेट पर खूब पसीना बहाया। जम्मू कश्मीर टीम के खिलाड़ी सुबह 11.30 बजे ही मैदान में पहुंचे और करीब दो बजे तक प्रैक्टिस की। उत्तराखंड टीम ने भी नेट पर समय बिताया। दोनों ही टीमें इस मैच को काफी अहम मान रही हैं।

जेएंडके के सामने उत्तराखंड के खिलाफ जीत दर्ज कर खुद को साबित करने की चुनौती होगी। वहीं, उत्तराखंड टीम जेएंडके टीम के साथ इरफान पठान जैसा बड़ा नाम जुड़ा होने के कारण किसी भी सूरत में जीत दर्ज कर अपने इरादे जाहिर करना चाहती है।
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मैच खेलते खिलाड़ी मैच खेलते खिलाड़ी

उत्तराखंड विधान सभा सत्रः श्राइन बोर्ड के मुद्दे पर सदन दोपहर साढ़े 12 तक के लिए स्थगित

आज विधानसभा सत्र के दौरान भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सदन में सरकार पर एक और वार करने की तैयारी कांग्रेस ने की है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने ही कमान संभाली है। प्रीतम सिंह नियम 58 के तहत इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे।

वहीं आज कार्यवाही शुरू होने के बाद श्राइन बोर्ड के मुद्दे पर सदन  दोपहर साढ़े 12 बजे तक  के लिए स्थगित किया गया। विपक्ष ने प्रश्नकाल नहीं चलने दिया और वेल में बैठ गया। आज सदन में अनुपूरक बजट पर चर्चा की जाएगी। आज बजट के पास होने की संभावना है।

श्राइन बोर्ड के विरोध में तीर्थ पुरोहित का विधानसभा कूच

श्राइन बोर्ड के गठन का विरोध जारी रखते हुए देवभूमि तीर्थ पुरोहित महापंचायत आज फिर से विधानसभा कूच के लिए निकली। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। आज विधानसभा सत्र के दौरान सरकार श्राइन बोर्ड विधेयक को सदन में ला सकती है। इसके विरोध में ही महापंचायत ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया है। 

महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी के मुताबिक सरकार श्राइन बोर्ड के गठन को लेकर तीर्थ पुरोहितों को विश्वास में लेने की कोई कोशिश नहीं कर रही हैं। श्राइन बोर्ड के विरोध में ही तीर्थ पुरोहित एक बार पहले भी विधानसभा कूच कर चुके हैं। सीएम आवास पर भी प्रदर्शन किया जा चुका है।

58 के तहत आज एक और मुद्दा लेकर आएंगे प्रीतम सिंह

प्रीतम सिंह ने कहा था कि वे नियम 58 के तहत आज एक और मुद्दा लेकर आएंगे। प्रीतम सिंह ने इस मुद्दे को खुलासा तो नहीं किया, लेकिन कहा कि यह मुद्दा सरकार को परेशान करेगा। इस मामले को वे सदन में तथ्यों के साथ उठाएंगे।

आज सदन में सरकार से एक खास मुद्दे पर जवाब मांगा जाएगा। इस मामले की पूरी तैयारी कर ली गई है और इस नियम 58 के तहत इस मुद्दे को सदन में उठाया जाएगा। तथ्यों और तर्कों के साथ सदन में मामला रखा जाएगा।
- प्रीतम सिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष 
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अमेरिकी कंपनी की नौकरी छोड़ ललित उगा रहे फूल और मशरूम

पहाड़ की धरती पर उद्यमी के लिए उद्यम की कमी नहीं है। गंगोलीहाट का एक युवा अमेरिकी कंपनी की 80 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी छोड़कर अपने गांव लौट आया और फूलों की खेती के साथ ही मशरूम, सब्जी, दुग्ध उत्पादन से 40 हजार रुपये प्रतिमाह की आमदनी कर रहा है। यहां पांच अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। पौड़ी की मशरूम गर्ल दिव्या रावत से प्रभावित इस युवा का सपना गंगोलीहाट को मशरूम और फूलों का हब बनाने का है।

गंगोलीहाट के कुंजनपुर निवासी ललित उप्रेती (38) अमेरिकी कंपनी डीआई सेंट्रल लिमिटेड में एरिया मैनेजर थे। 80 हजार की पगार ले रहे थे। तनख्वाह से घर भी अच्छा चल रहा था। कंपनी में रहकर 7 साल में 12 देशों में काम कर चुके ललित ने एक वर्ष पहले पौड़ी गढ़वाल की मशरूम गर्ल दिव्या रावत से प्रभावित होकर नौकरी छोड़ दी और गांव लौट आए। ललित ने मई 2019 से फूल और मशरूम की खेती शुरू कर दी। ललित बताते हैं कि गंगोलीहाट की आबोहवा के अनुरूप उन्होंने एक नाली जमीन में ग्लेडियस प्रजाति के फूलों के बीज रोपे। 

फूल, मशरूम, दुग्ध, सब्जी उत्पादन से वर्तमान में उन्हें प्रति
माह करीब 40 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है। वह फूलों को पिथौरागढ़ और हल्द्वानी में बेचते हैं। ग्लेडियस के साथ ही हजारी के फूलों की भी अच्छी डिमांड है। ग्लेडियस की एक स्टिक 10 रुपये की तो हजारी के फूल 60-70 रुपये किलो बिक जाते हैं। उनका लक्ष्य अपनी 50 नाली जमीन में फूलों की खेती करने का है।

इस समय वह अपने खाली पड़े पुराने मकान में मशरूम उत्पादन कर रहे हैं। अन्य लोगों को भी मशरूम की खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। फूलों की खेती, मशरूम और दुग्ध उत्पादन पहाड़ों से पलायन को रोकने में कारगर हो सकता है, बशर्ते सरकार इसके लिए आगे आए और लोगों को आत्म निर्भर बनाने में मदद करे। 

डेयरी व्यवसाय को बढ़ाना चाहते हैं ललित
ललित उप्रेती डेयरी व्यवसाय को और बढ़ाने चाहते हैं। वर्तमान में उनके पास दो अच्छी नस्ल की गाय हैं। वह 50 गायों की डेयरी खोलना चाहते हैं। 

नगर पंचायत का भुगत रहे खामियाजा
कुंजनपुर गांव के नगर पंचायत में शामिल होने के कारण ललित उप्रेती को गांवों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं, योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस काम में सरकार से अब तक कोई मदद नहीं मिली है। अब तक वह अपनी जमा पूंजी से ही काम चला रहे हैं। उद्यान विभाग से फूलों के बीज अवश्य मिले थे। बताते हैं कि वह कुंजनपुर में एक समूह बनाकर लिलियम, ग्लेडियस फूलों की खेती करना चाहते हैं। इससे पूरा गांव आत्मनिर्भर हो जाएगा। 
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उत्तराखंड: 11 दिसंबर से फिर बदलेगा मौसम, बारिश और बर्फबारी से बढ़ेगी कड़ाके की ठंड

ललित उप्रेती।

उत्तराखंड: श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय भी खत्म कर सकता है सेमेस्टर सिस्टम

कुमाऊं विश्वविद्यालय ने कैंपस और कुछ पीजी कॉलेजों को छोड़कर सभी जगह सेमेस्टर सिस्टम इसी साल से खत्म कर दिया है। अब इस मुद्दे पर श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय को फैसला लेना है।

प्रदेशभर में इसी साल सेमेस्टर सिस्टम के खिलाफ बड़े स्तर पर आंदोलन चला था। इसके बाद सरकार ने यूजी कोर्सेज में सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद बीते माह सरकार ने कुमाऊं विवि और श्रीदेव सुमन विवि को सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने से संबंधित पत्र भेजा था।

इस पत्र के आधार पर कुमाऊं विवि की ओर से नवंबर में ही बैठक कर सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने का ऐलान कर दिया गया। केवल विवि के परिसर और कुछ पीजी कॉलेजों में ही सेमेस्टर सिस्टम लागू रहेगा। बाकी जगहों पर मार्च 2020 में वार्षिक परीक्षाएं होंगी।

दूसरी ओर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय अभी तक इस मसले पर कोई फैसला नहीं ले पाया है। विवि के कुलपति प्रो. पीपी ध्यानी का कहना है कि उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद 17 दिसंबर को अकादमिक परिषद की बैठक बुलाई है।
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कश्मीरी छात्रों को उत्तराखंड सरकार ने दी राहत, कॉलेजों में नहीं जमा कराना होगा फाइन

देहरादून में रहकर पढ़ाई करने वाले कश्मीरी छात्रों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद अब छात्रों को निजी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में फाइन जमा नहीं कराना होगा। अनुपस्थित रहने और समय पर फीस जमा न कराने पर दून के निजी संस्थानों ने कश्मीरी छात्रों पर यह जुर्माना लगाया था।

कुछ माह पहले जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35ए हटने के बाद वहां कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई थी। इसके चलते दून में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्र अपने विवि और कॉलेजों में नहीं पहुंच सके।

इससे पाबंदी के दौरान संस्थानों में उनकी अनुपस्थिति लग गई। वहीं, कई छात्र समय पर अपनी फीस भी जमा नहीं करवा सके। इस पर निजी शैक्षणिक संस्थानों ने उन पर अर्थदंड लगा दिया।
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उत्तराखंड: 60 हजार से अधिक बीएड धारकों को बड़ी राहत, इतने अंकों में भी टीईटी में हो सकेंगे शामिल

प्रदेश में 60 हजार से अधिक बीएड धारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अपर शिक्षा निदेशक वीरेंद्र सिंह रावत के मुताबिक एनसीटीई ने जुलाई 2011 से पूर्व की स्नातक परीक्षा में 50 फीसदी से कम अंक पाने वाले इन बीएड धारकों को टीईटी में शामिल होने की अनुमति दे दी है। इन अभ्यर्थियों के स्नातक परीक्षा में अंक चाहे कुछ भी हों, वे अब शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

शिक्षक बनने के लिए टीईटी को अनिवार्य किया गया है, लेकिन शिक्षक पात्रता परीक्षा में भी केवल वे ही अभ्यर्थी बैठ सकते हैं, जिनके स्नातक में कम से कम 50 फीसदी अंक हों, यही वजह है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में बीएड धारक टीईटी नहीं कर पा रहे थे, लेकिन अब 2011 से पूर्व के उन बीएड धारकों को एनसीटीई की ओर से राहत दी गई है। दरअसल, एनसीटीई ने 13 नवंबर 2019 को नोटिफि केशन में 23 अगस्त 2010 व 29 जुलाई 2011 के पूर्व आदेशों में संशोधन कर दिया है। 
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टिहरी झील में बनी फ्लोटिंग हट्स, बार्ज बोट, मरीना और रिजोर्ट का संचालन करेगा ले रोइ ग्रुप 

टिहरी बांध की झील में बनी फ्लोटिंग हट्स, बार्ज बोट, फ्लोटिंग मरीना और टिहरी लेक रिजोर्ट संचालित करने को आखिरकार सरकार को पीपीपी मोड पर पार्टनर मिल गया है। पर्यटन विभाग ने ले रोइ ग्रुप को 20 साल की लीज पर कोटी कालोनी में करीब 50 करोड़ की लागत से बनी इन संपत्तियों को संचालन के लिए दे दिया है। 

टिहरी बांध को संवारने के लिए वर्ष 2012-13 में पूर्व सरकार ने केंद्र सरकार के मेगा-मेगा प्रोजेक्ट के तहत कोटीकालोनी में झील का दीदार करने को आने वाले पर्यटकों के लिए झील में फ्लोटिंग मरीना (चलता-फिरता रेस्टोरेंट), पर्यटकों को ठहरने को 20 फ्लोटिंग हट्स, बांध प्रभावितों को आरपार जाने को बार्ज बोट और थ्री स्टार टिहरी लेक रिजॉर्ट का निर्माण करवाया था, लेकिन सरकार को पीपीपी मोड में संचालन को पार्टनर नहीं मिले थे।

वर्ष 2017 में सरकार ने वैकल्पिक तौर पर फ्लोटिंग हट्स, रिजॉर्ट को गढ़वाल मंडल विकास निगम दिया था। बावजूद बार्ज, फ्लोटिंग बिना संचालन के झील किनारे खड़ा था। अब सरकार ने पर्यटन विभाग ने ले रोइ ग्रुप को पीपीपी मोड पर 20 साल की लीज पर दे दिया है। ले रोइ ग्रुप प्रत्येक वर्ष सरकार को सवा करोड़ देगा। साथ ही प्रत्येक वर्ष इस धनराशि में पांच फीसदी की वृद्धि भी की जाएगी। शासनस्तर पर इनके संचालन का अनुबंध हो चुका है। ग्रुप ने एक बार का इन संपत्तियों का निरीक्षण कर हैंडओवर की तैयारियां भी शुरू कर दी है।

शासन ने ईको हट्स, एकेडमी को छोड़कर अन्य संपत्तियों को ले रोइ ग्रुप को 20 साल की लीज पर दे दिया है। अब रोइ ग्रुप की इनका संचालन करेगा।
-सोबत सिंह राणा, जिला साहसिक खेल अधिकारी।
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