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उत्तराखंड: एक दिन के लिए उत्तराखंड की मुख्यमंत्री बनेंगी सृष्टि, गरीब बच्चों को पढ़ाई के लिए करती हैं प्रेरित

बालिका दिवस (24 जनवरी) को बाल विधान सभा की बाल मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी विधानसभा में प्रदेश में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक लेंगी। उत्तराखंड...

23 जनवरी 2021

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Digital Edition

Coronavirus in Uttarakhand : शनिवार को 85 दिनों के बाद नहीं हुई कोरोना मरीजों की मौत

उत्तराखंड में 85 दिनों के बाद कोरोना मरीजों की मौत का नया मामला सामने नहीं आया है। 24 घंटे के भीतर दस जिलों में 122 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं, चमोली, बागेश्वर व उत्तरकाशी जिले में नए संक्रमित नहीं मिले हैं। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या संक्रमितों से ज्यादा होने से पहली बार रिकवरी दर 95 प्रतिशत पहुंच गई है। 

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को 13867 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि 122 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। बीते 24 घंटों में प्रदेश में एक भी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है। 29 अक्तूबर भी कोरोना मरीजों की मौत का कोई मामला नहीं आया था।

देहरादून जिले में 66 कोरोना संक्रमित मिले हैं। नैनीताल में 21, हरिद्वार में 10, ऊधमसिंह नगर में नौ, टिहरी में चार, पौड़ी में चार, अल्मोड़ा में तीन, चंपावत में दो, पिथौरागढ़ में दो, रुद्रप्रयाग जिले में एक संक्रमित मिला है। जबकि 180 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। 

प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 95586 हो गई है। इसमें 90910 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में 1733 सक्रिय मरीजों को उपचार चल रहा है। सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण की दर 4.65 प्रतिशत है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

Weather Today :  आज उत्तराखंड पहुंचेगा पश्चिमी विक्षोभ, मौसम के करवट लेने की संभावना

पश्चिमी विक्षोभ के पहुंचने से प्रदेशभर में शनिवार को मौसम के करवट लेने की संभावना है। पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी व बारिश मुश्किलें बढ़ा सकती हैं तो देहरादून व हरिद्वार समेत अन्य मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि व बिजली गिरने की संभावना है।

Weather Today: उत्तराखंड के कई इलाकों में छाया रहा कोहरा, ऊंची चोटियों पर हुई बर्फबारी

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शनिवार को 2200 मीटर व इससे ज्यादा ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इनमें गढ़वाल के पर्वतीय इलाकों के साथ ही कुमाऊं के पिथौरागढ़, बागेश्वर व अल्मोड़ा जिले के ऊंचाई वाले इलाके भी शामिल हैं। जबकि, इससे कम ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

वहीं, देहरादून व हरिद्वार में ओलावृष्टि व बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। मौसम केंद्र देहरादून के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ शुक्रवार को जम्मू कश्मीर व हिमाचल के नजदीक पहुंचा है। 

शनिवार को यह उत्तराखंड में प्रवेश करेगा। इससे मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदेशभर में बादल छाए रहेंगे। रविवार को भी पर्वतीय इलाकों में विक्षोभ का हल्का प्रभाव रहने की संभावना है। सोमवार से मौसम सामान्य हो सकता है।
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Uttarakhand News : पराक्रम दिवस पर हुआ सैन्य धाम का शिलान्यास, मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा


इस दौरान मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद के परिजनों को मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी की गई है। यह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सैन्यधाम के लिए हर शहीद सैनिक के परिवार के घर के आंगन की मिट्टी लाई जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी सैन्य धाम की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड में पांचवें धाम के तौर पर सैन्य धाम की घोषणा की थी। जिसे साकार करने के लिए प्रदेश सरकार ने सैन्य धाम की स्थापना के लिए भूमि तलाशनी शुरू कर दी थी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सैन्य धाम के लिए भूमि और बजट की व्यवस्था हो गई है।

देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर सपूतों के बारे में दी जाएगी जानकारी

राज्य स्तरीय सैन्य धाम में देश की आजादी के बाद देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर सपूतों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा राज्य की गौरवशाली सैन्य परंपरा और अन्य जानकारियां भी सैन्य धाम में आम जन को उपलब्ध कराई जाएगी।
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एक्सक्लूसिव: चीन सीमा पर 11 हजार फीट की ऊंचाई पर वाईफाई सेवा से जुड़ी आईटीबीपी की मिलम चौकी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
चीन सीमा पर समुद्र तल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित आईटीबीपी की अग्रिम चौकी मिलम वाईफाई सेवा से जुड़ गई है। वाईफाई सेवा शुरू होने से सीमा पर तैनात जवान इंटरनेट का इस्तेमाल कर अपने परिजनों को वीडियो कॉल भी कर पा रहे हैं। वाईफाई से जुड़ने के बाद आईटीबीपी के जवानों को सूचनाओं के आदान-प्रदान में सुविधा मिल पा रही है। 

चीन सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद भारत सरकार ने सीमांत की चौकियों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना शुरू कर दिया है। पहले यहां संचार सुविधा न होने से सीमा पर होने वाली गतिविधियों की जानकारी कैंप मुख्यालयों में उच्चाधिकारियों को पहुंचाने में दिक्कत होती थी।

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सर्दी के मौसम में जवान कई किमी पैदल चलकर सूचनाओं को अधिकारियों तक पहुंचाते थे। इसमें काफी समय लग जाता था। मिलम के वाईफाई से जुड़ने के बाद जवान सीमा पर होने वाली हर गतिविधि की जानकारी उच्चाधिकारियों तक तुरंत पहुंचा पा रहे हैं। सूचनाओं के आदान-प्रदान से सीमा पर सुरक्षातंत्र पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत हुआ है। सीमा पर रसद, खाद्य सामग्री की उपलब्धता पहले से अधिक जल्दी हो पा रही है। 
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उत्तराखंड के ट्रैकिंग रूटों पर होम स्टे से मिलेगा रोजगार, छह जिलों में 11 सेंटर अधिसूचित

उत्तराखंड में पर्यटन को उद्योग के रूप में विकसित करने और स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ट्रैकिंग ट्रक्शन सेंटर होम स्टे योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत छह जिलों में 11 ट्रैकिंग सेंटर अधिसूचित किए गए हैं। ट्रैकिंग ट्रक्शन सेंटर के दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में होम स्टे के लिए सरकार की ओर से वित्तीय सहायता दी जा रही है।

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से इस योजना के पहले चरण में टिहरी व उत्तरकाशी जनपदों के एक-एक ट्रैकिंग सेंटर और दूसरे चरण में बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली जिले में एक-एक, उत्तरकाशी में दो, टिहरी में चार ट्रैकिंग ट्रक्शन सेंटर अधिसूचित किए गए हैं। वहीं तीसरे चरण में टिहरी में दो, चमोली में एक, पिथौरागढ़ में दो व रूद्रप्रयाग जिले में एक ट्रैकिंग सेंटर अधिसूचित के लिए प्रस्तावित है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योजना का उद्देश्य साहसिक पर्यटन की संभावनाओं वाले दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। पलायन को रोकने व ग्रामीण क्षेत्रों को पर्यटन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह योजना कारगर सिद्ध होगी।

सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने बताया कि लाभार्थियों का चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के माध्यम से किया जाएगा। मूल्यांकन समिति के परीक्षण के बाद अनुदान की राशि लाभार्थियों को दी जाएगी। योजना के तहत पारंपरिक पहाड़ी शैली में बने भवनों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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Haridwar Kumbh Mela 2021: हरिद्वार में कुंभ मेले के लिए अब केंद्र सरकार जारी करेगी एसओपी

उत्तराखंड सरकार ने केंद्र से महाकुंभ के आयोजन पर बात की। बातचीत के बाद तय हुआ है कि कोविड-19 के मद्देनजर एहतियात बरतने को लेकर केंद्र सरकार महाकुंभ की एसओपी जारी करेगी। वहीं, बैठक में कोरोना के साए में कुंभ के आयोजन पर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने भी चिंता जताई है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने केंद्र से वार्ता की। उत्तराखंड से एक अधिकारी दिल्ली गए थे जबकि बाकी अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। बैठक में महाकुंभ में भीड़ को लेकर चर्चा हुई। यह बात भी सामने आई कि कोरोना का नया स्ट्रेन खतरा बना हुआ है, ऐसे में आयोजन को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने भी कहा कि चूंकि कोरोना का साया अभी खत्म नहीं हुआ है, इसलिए महाकुंभ में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत है।

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तय किया गया कि महाकुंभ के लिए केंद्र सरकार की ओर से गाइडलाइंस जारी की जाएगी। इसी आधार पर सख्ती से नियमों का पालन कराया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले एक सप्ताह में एसओपी जारी हो जाएगी। केंद्र सरकार ने भी माना है कि चूंकि महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में एहतियात बरतना जरूरी है। महाकुंभ की अधिसूचना राज्य सरकार फरवरी के अंत में जारी करेगी।

यह चाह रही है राज्य सरकार
कोरोनाकाल की परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश सरकार चाहती है कि कुंभ मेले के दौरान अत्यधिक भीड़ न जुटे। वह यह भी चाह रही है कि श्रद्धालुओं की सीमित संख्या में उपस्थिति की व्यवस्था राज्यों के स्तर पर ही हो जाए। इसमें केंद्र सरकार की मध्यस्थता की भूमिका ज्यादा प्रभावी रहेगी।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार के साथ हमारी वार्ता हो गई है। इस बैठक में राज्य और केंद्र के तमाम अफसर शामिल हुए। तय किया गया है कि महाकुंभ जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए केंद्र सरकार एसओपी जारी करेगी।
-मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री, उत्तराखंड सरकार
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Corona In Uttarakhand: कम हुई कोरोना की रफ्तार, 110 नए संक्रमित मिले, तीन मरीजों की हुई मौत

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण कम होने लगा है। प्रदेश में बीते 24 घंट में 110 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं, तीन मरीजों की मौत हुई है। जबकि संक्रमितों से ज्यादा 183 मरीज ठीक हुए। संक्रमितों की संख्या 95464 पहुंच गई है। 
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को देहरादून में सबसे अधिक 54 संक्रमित मिले। अल्मोड़ा, पौड़ी और उत्तरकाशी में आज कोई संक्रमित नहीं मिला। नैनीताल में 29,  हरिद्वार में 13, रुद्रप्रयाग में तीन, चंपावत और पिथौरागढ़ में दो-दो, चमोली, बागेश्वर व टिहरी में एक-एक और ऊधमसिंह नगर में चार कोरोना कोरोना पॉजिटिव पाए गए। 
आज प्रदेश में तीन संक्रमितों की मौत हुई जिसमें एक दून मेडिकल कॉलेज में और सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में दो मरीजों ने दम तोड़ा। अब तक प्रदेश में 1629 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। जबकि अब तक 90730 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। 
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उत्तराखंड: त्रिवेंद्र कैबिनेट ने एससी-एसटी और ओबीसी छात्र-छात्राओं को दी बड़ी राहत, पढें अन्य फैसले...

उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा नौ तक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के 42 हजार से अधिक छात्रों को पिछले वर्षों से अटकी छात्रवृत्ति मिल सकेगी। प्रदेश मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को यह फैसला लिया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में समाज कल्याण विभाग के इस प्रस्ताव के तहत राज्य के बजट से आठ करोड़ 15 लाख 34 हजार रुपये जारी करने का निर्णय लिया गया। अब राज्य सरकार अपने बजट से इन छात्रों की छात्रवृत्ति देगी। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के करीब वर्ष 2017-18 व 2018-19 के 22 हजार 492 छात्रों के लिए तीन करोड़ 79 लाख 19 हजार रुपये की धनराशि के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। जबकि ओबीसी के वर्ष 2018-19 के छह हजार और वर्ष 2019-20 के 14 हजार 142 छात्रों के लिए चार करोड़ 36 लाख 15 हजार रुपये मंजूर किए गए।

कैबिनेट ने कोविडकाल में छात्रवृत्ति के आवेदनों में 100 प्रतिशत भौतिक सत्यापन न होने के कारण जिलाधिकारी को अधिकार दिया कि वह रैंडम आधार पर 10 प्रतिशत सूची का सत्यापन करेंगे। साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑनलाइन फार्म भरने में यदि कोई गलती छूट जाती है तो आवेदन रद न किया जाए, बल्कि गलती सुधारने का अवसर दिया जाए।

शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि बैठक में कुल 16 प्रस्ताव आए, जिनमें से 15 पर निर्णय हुआ, जबकि एक प्रस्ताव स्थगित हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश राज्य के लिए आवंटित ऐसे कर्मचारी जो लंबे समय से उत्तराखंड में कार्यरत हैं, उन्हें यह लिखकर देना होगा कि वे उत्तराखंड कैडर में रहना चाहते हैं, लेकिन वरिष्ठता सूची में उन्हें उत्तराखंड मूल संवर्ग के कर्मचारियों से नीचे रहना होगा। ऐसा करने पर उनके वेतन या भत्तों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा।
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