मेदांता अस्पताल के सीएमडी डॉ. नरेश त्रेहन समेत 16 पर ईडी ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग का केस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 11 Jun 2020 01:32 AM IST
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मेदांता हास्पिटल के एमडी डॉ. नरेश त्रेहन
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुग्राम में मेदांता अस्पताल को भूमि आवंटन के मामले में जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ नरेश त्रेहन व अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। गुरुग्राम पुलिस की एफआईआर के आधार पर ईडी ने अस्पताल के सह संस्थापक त्रेहन समेत 16 लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आपराधिक केस दर्ज किया है।
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अधिकारियों ने बुधवार को बताया, सेक्टर 38 में ‘मेडिसिटी’ के लिए 53 एकड़ जमीन आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर अतिरिक्त सत्र न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने पिछले सप्ताह एफआईआर दर्ज की थी। 2004 में इस जमीन से स्थानीय लोगों को बेदखल किया गया था।
हालांकि मेदांता ने सभी आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया है। त्रेहन के अलावा एफआईआर में एसएएस इंफोटेक, जीएल एशिया मॉरीशस, डनअर्न इंवेस्टेमेंट (मॉरीशस), नरेश त्रेहन एंड एसोसिएट्स हेल्थ सर्विसेज, ग्लोबल इंफ्राकॉन, पुंज लॉयड, गुरुग्राम में हूडा के मुख्य प्रशासक, प्रशासक, एस्टेट ऑफिसर और जनरल हेल्थ सर्विसेज के निदेशक का नाम शामिल है।
एफआईआर के मुताबिक, गुरुग्राम निवासी रमन शर्मा ने आरोप लगाया कि त्रेहन, सुनील सचदेवा, अतुल पुंज और अनंत जैन को मेडिसिटी प्रोजेक्ट देने में नियमों का उल्लंघन किया गया। हरियाणा सरकार ने 2004 में इलाके में स्थानीय लोगों को पुश्तैनी जमीन से बेदखल किया। इसके बाद राज्य सरकार ने हूडा के जरिये मेडिसिटी प्रोजेक्ट के लिए विज्ञापन निकाला। सरकारी अधिकारियों ने पात्रता, नियमों और शर्तों की अनदेखी कर त्रेहन, सचदेवा, पुंज और जैन को लाभ पहुंचाया, जिससे राज्य को भारी नुकसान हुआ। अधिकारियों ने त्रेहन की वित्तीय क्षमताओं पर विचार किए बिना मेडिसिटी की पूरी जमीन आवंटित कर दी।

क्या है आरोप

आरोप है कि मेदांता का एक हजार करोड़ का प्रोजेक्ट 2009 में पूरा होना था। प्रोजेक्ट में अस्पताल बनाने के साथ ही मेडिकल कॉलेज, रिसर्च सेंटर, नर्सिंग स्टाफ के लिए क्वार्टर, मरीजों के रिश्तेदारों के लिए गेस्ट हाउस सहित कई सुविधाएं विकसित की जानी थी, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर प्रोजेक्ट में केवल अस्पताल बनाकर छोड़ दिया गया। यही नहीं, प्रोजेक्ट पूरा करने की बजाय यहां से कमाकर दूसरे प्रदेशों में इसका फंड लगाया गया। 
 

डॉ नरेश त्रेहन बोले-मेदांता अस्पताल का निर्माण वैध 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को केस दर्ज करने के बाद मेदांता मेडिसिटी के सीएमडी डॉ. नरेश त्रेहन ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि मेदांता मेडिसिटी के जमीन आवंटन में पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया था। निर्माण में भी सभी शर्तों का ख्याल रखा गया था। डॉ. त्रेहन ने कहा कि वे मामले में ईडी को जांच में पूरा सहयोग करेंगे और सच्चाई सामने आएगी।

आरटीआई कार्यकर्ता रमन शर्मा की याचिका पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार की अदालत ने डॉ. नरेश त्रेहन समेत 52 लोगों व कंपनियों के खिलाफ पुलिस को 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे।

पुलिस ने 6 जून को इस पर मामला दर्ज कर लिया था। इसके बाद आरटीआई कार्यकर्ता रमन शर्मा ने ईडी को शिकायत दी थी। इसके बाद ईडी की कार्रवाई हुई है। ईडी की कार्रवाई पर डॉ. त्रेहन ने कहा कि यह शिकायत परेशान करने की नीयत से की गई है। जब पूरी दुनिया कोरोना संक्रमण से जूझ रही है और अस्पताल लगातार मरीजों को बेहतर सेवाएं दे रहा है, ऐसे समय में एक कथित आरटीआई कार्यकर्ता ने परेशान करने के लिए यह शिकायत की है। उन्होंने कहा कि अदालत को भी गुमराह किया गया है। हम जांच में पूरा सहयोग करेंगे और सच्चाई सभी के सामने आ जाएगी।
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