..तो धुंधली फोटो का सहारा लेकर नियुक्ति में हुआ था 'खेल

Amarujala Local Bureauअमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Sat, 13 Jun 2020 11:12 PM IST
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bulandshahr ..Then the appointment took place with the help of blurry photos 'game'

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बुलंदशहर। अनामिका शुक्ला के नाम से प्रदेश के अनेक जनपदों में नौकरी करने वाली शिक्षिका की जांच शनिवार को भी जारी रही। जांच के दौरान रिकार्ड में उसकी फोटो धुंधली पाई गई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि शिक्षिका की नियुक्ति धुंधली फोटो का सहारा लेकर हुई थी। शनिवार होने के कारण जांच आगे नहीं बढ़ सकी। अब सोमवार को जांच पूरी होगी। इससे पहले वेतन की राशि वाले बैंक खाते में लगी फोटो से भी पहचान होगी। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में नौकरी करने वाली अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका गिरफ्तार होने के बाद जेल जा चुकी है। इसके तार बुलंदशहर से भी जुड़े होने की सूचना मिलते ही अफसर हरकत में आए और बीएसए ने जांच बैठा दी। यह जांच एबीएसए स्याना की देखरेख में चल रही है। इस शिक्षिका ने कस्बा स्याना स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में करीब छह माह नौकरी की और वेतन की राशि भी पाने में सफल रही। उसकी फर्जी नियुक्ति को लेकर पहले भी सवाल खड़े हुए थे, लेकिन नियुक्ति में शामिल अफसर दवाब डालकर पूरे प्रकरण पर परदा डालने में सफल हो गए थे। अब एक बार फिर जब मामला उजागर हुआ तो बीएसए के आदेश पर जांच शुरू हुई। बताया गया कि रिकार्ड खंगालने पर मिली फोटो काफी धुंधली है, जिससे पहचान करना कठिन हो रहा है। जांच पूरी करने के लिए अफसरों ने अब उस बैंक खाते में लगी फोटो का सहारा लेने का निर्णय लिया, जिसमें वेतन की राशि जारी की गई थी। लेकिन शनिवार होने के कारण बैंक से संपर्क नहीं हो सका, ऐसे में जांच आगे नहीं बढ़ सकी। अफसरों का दावा है कि सोमवार को जांच पूरी कर ली जाएगी। वहीं, आशंका जताई जा रही है कि धुंधली फोटो का सहारा लेकर ही उक्त शिक्षिका की नियुक्ति में खेल हुआ था। पूरी सच्चाई का खुलासा अब सोमवार को जांच पूरी होने और बीएसए को जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही होगा। एसटीएफ भी कर सकती है जांच अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका द्वारा बुलंदशहर में नौकरी करने की जांच एसटीएफ भी कर सकती है। बताया गया कि शासन और विभाग के आदेश पर इस पूरे मामले की जांच कई जनपदों में एसटीएफ कर रही है। चर्चा है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामला फर्जी पाए जाने के बाद एसटीएफ भी यहां जांच करने पहुंच सकती है। निष्पक्ष हुई जांच तो कई आएंगे लपेटे में कस्बा स्याना स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में वर्ष २०१८-१९ में वार्डन के पद पर तैनात रही। विभागीय अफसर और कर्मचारियों में चर्चा है कि यदि यह जांच निष्पक्ष होती है तो कई लपेटे में आ सकते हैं। इसके साथ ही दूसरी ओर सभी विद्यालयों के स्टाफ की जांच भी निष्पक्ष की जाए। यह जांच भी सही तरीके से हो तो ऐसे कई और मामलों का खुलासा हो सकता है। अभी तक १६ में से सिर्फ दो विद्यालयों के स्टाफ के रिकार्ड की ही जांच हो सकी है। वहीं, दूसरी ओर इस मामले से जुड़े अफसर और कर्मचारी मुंह नहीं खोल रहे और किसी भी बात का जवाब देने से कतरा रहे हैं। चर्चा है कि वह इस मामले से अपना बचाव करने के हथकंडे भी अपनाने लगे हैं। साथ ही वह चल रही जांच पर भी पैनी नजर रखे हुए हैं। कोट... प्रथम दृष्टता जांच में वार्डन का रिकार्ड खंगालने के दौरान धुंधली फोटो मिली है। इससे पहचान नहीं हो रही तो शनिवार होने के कारण उस बैंक से भी संपर्क नहीं हो सका। जिसमें उसके वेतन की राशि ट्रांसफर की गई थी। शनिवार को जांच आगे नहीं बढ़ सकी। अब सोमवार को बैंक से संपर्क कर जांच को पूरा किया जाएगा। - अखंड प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बुलंदशहर
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