अस्थायी वाहन चालकों व मालियों को नहीं मिला वेतन

Amarujala Local Bureauअमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Sun, 05 Apr 2020 02:57 PM IST
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नगर निगम फाइल फोटो - फोटो : AMAR UJALA

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माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। शासन के आदेश के बावजूद नगर निगम में आजीविका मिशन (सीएलसी) के तहत कार्यरत अस्थायी वाहन चालकों और मालियों को अब तक वेतन नहीं मिला है। निगम वाहन चालक संघ की ओर से मामला उठाए जाने पर नगरआयुक्त दिनेश चंद्र ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अपर नगरआयुक्त प्रमोद कुमार को दो दिनों के अंदर मामले की जांच कर वेतन जारी करने संबंधी कार्रवाई को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम में सीएलसी के तहत 250 अस्थायी वाहन चालक और 600 माली कार्यरत हैं। लॉकडाउन में कोरोना के मद्देनजर नगर निगम की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है। दूसरी ओर शहर की सफाई व्यवस्था के साथ जरूरतमंदों को सामाजिक संस्थाओं की मदद से खाने के पैकेज और खाद्य सामग्री का वितरण नगर आयुक्त के निर्देश पर कराया जा रहा है। ऐसे में लॉकडाउन के बावजूद तमाम वाहन चालक ड्यूटी पर हैं। दूसरी ओर लॉकडाउन में पार्कों और हरित पट्टियों की देखभाल मालियों की ओर से किया जाता है। नगर निगम वाहन चालक संघ के पदाधिकारी सलीम सैफी ने कहा कि शासन के स्पष्ट रूप से स्थायी व अस्थायी कर्मचारियों को वेतन जारी करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अस्थायी वाहन चालकाें को अब तक वेतन नहीं मिला है। इसकी शिकायत नगर आयुक्त से की गई है। उन्होंने मामले में जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अपर नगरआयुक्त प्रमोद कुमार ने कहा कि अस्थायी वाहन चालकों और मालियों को वेतन जारी करने संबंधी देरी की जांच की जा रही है। मामले की जांच रिपोर्ट जल्द सौंप दी जाएगी।
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