जेएनयू हिंसा मामले में डाटा सुरक्षित रखने को लेकर तीन प्राध्यापकों ने खटखटाया अदालत का दरवाजा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 10 Jan 2020 02:27 PM IST
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jnu violence case reach delhi high court 3 professors file petition to preserve data other evidence
- फोटो : Social Media

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पांच जनवरी की शाम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुई हिंसा के मामले में जेएनयू के तीन प्राध्यापकों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इन तीनों ने हिंसा मामले में डेटा, सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में शुक्रवार को याचिका दायर की।
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याचिका में व्हाट्सएप इंक, गूगल इंक और एप्पल इंक को जेएनयू हमला मामले में व्हाट्सऐप ग्रुप्स ‘यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट’ और ‘फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस’ से जुड़े सभी डेटा को सुरक्षित रखने अथवा वापस एकत्र करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। डेटा में संदेश, तस्वीरें, वीडियो और सदस्यों के फोन नंबर आदि शामिल हैं।
जेएनयू के प्राध्यापक अमित परमेश्वरन, अतुल सूद और शुक्ला विनायक सावंत की ओर से दायर याचिका में दिल्ली पुलिस आयुक्त और दिल्ली सरकार को आवश्यक निर्देश देने की मांग की गई है।
अधिवक्ता अभीक चिमनी, मानव कुमार तथा रोशनी नम्बूदरी द्वारा दायर याचिका में दिल्ली पुलिस को जेएनयू परिसर में हुए हमले के सारे सीसीटीवी फुटेज एकत्र करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
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