दिल्ली समेत उत्तर भारत में एक साथ वारदात की साजिश रच रहे थे केएलएफ के आतंकी

पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली Updated Mon, 29 Jun 2020 04:30 AM IST
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terrorist - फोटो : सोशल मीडिया

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सार

  • केएलएफ में 30 से ज्यादा युवक भर्ती करने थे
  • पाकिस्तान में ट्रेनिंग लेकर उत्तर भारत में फैलाते तबाही 
  • देश की एजेंसियां आरोपियों से कर रही है पूछताछ

विस्तार

खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट (केएलएफ) के गिरफ्तार तीनों आतंकी दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में एक साथ वारदात की जाजिश रच रहे थे। दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े तीनों कथिक आतंकियों ने पूछताछ में कई खुलासे किये हैं। 
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केएलएफ अपने कट्टरपंथी समर्थकों का एक बड़ा ग्रुप बना रहा था और उत्तर भारत में एक साथ तबाही मचाते थे। दिल्ली में ये सबसे ज्यादा और बड़ी तबाही मचाने की इनकी साजिश थी ताकि अंतराष्ट्रीय स्तर पर कुछ प्रभाव पड़े। 
पाकिस्तान में ट्रेनिंग लेने के बाद पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई इन्हें हथियार देती और उसके बाद ये आतंकी वारदात को अंजाम देते थे। अभी तक जांच में ये बात सामने आ रही है कि ये बड़े पैमाने पर तबाही फैलाने की बजाय काफी टारगेट किलिंग करते। 
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल एसीपी जसबीर सिंह व इंस्पेक्टर पंकज कुमार की टीम ने केएलएफ के तीन संदिग्ध आतंकी मोहिंदर पाल सिंह, गुरतेज सिंह और लवप्रीत को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने तीनों को पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस रिमांड पर ले रखा है। 

स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आईएसआई के इशारे पर इनको केएलएफ के करीब 30 संदिग्ध आतंकियों को मोड्यूल खड़ा करना था। करीब पांच युवकों को इस मोड्यूल में शामिल कर लिया था। इनको दिल्ली, पंजाब व पंजाब से जुड़े हरियाणा के कुछ स्थानों पर टारगेट किलिंग करनी थी। इसके लिए इन्होंने अभी से हथियार एकत्रित करना शुरू कर दिया था। 

ग्रुप के सभी लोग हथियारों की ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान जाते। यहां इनको हथियार व पैसे मिलते और इसके बाद उत्तर भारत में बड़े पैमाने पर टॉरगेट किलिंग करते। पाकिस्तान से इनको बड़े हथियार मिलने थे। 

स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार केएलएफ के समर्थक दिल्ली में भी अपना टारगेट तलाश कर रहे थे। इन्होंने दिल्ली को केएलएफ को बेस बनाना शुरू कर दिया था। निलोठी एक्सटेंशन, नांगलोई में रहने वाले मोहिन्दर पाल सिंह को ये जिम्मा दिया गया था। ये दिल्ली में वर्ष 2008 से रह रहा है। 

मगर इसे दो वर्ष से दिल्ली में बेस तैयार करने के लिए कहा गया। ये केएलएफ की मीटिंग में शामिल होने के लिए पंजाब जाता था। केएलएफ के समर्थकों को केएलएफ में संत बोला जाता है। ये संतों के खिलाफ बोलने वालों को अपना निशाना बनाते। भाजपा, आरएसएस व शिवसेना के नेता इनके निशाने पर थे।

खुफिया एजेंसियां कर रही हैं पूछताछ
दिल्ली पुलिस ने केएलएफ के तीनों समर्थकों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर ले रखा है। देश की खुफिया एजेंसी आईबी के अधिकारियों ने तीनों से रविवार को पूछताछ की। पहले सभी से अलग-अलग बैठाकर पूछताछ की गई और उसके बाद अलग-अलग पूछताछ की गई। 

पंजाब पुलिस भी जानेगी साजिश 
केएलएफ के तीन संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ के लिए पंजाब पुलिस भी दिल्ली पहुंची है। केएलएफ को पंजाब में भी काफी टारगेट किलिंग करनी थी इस कारण पंजाब पुलिस इनसे पूछताछ करने पहुंची है। कई अन्य राज्यों की पुलिस भी इनसे पूछताछ करने दिल्ली पहुंच सकती हैं। 
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