लावारिस कुत्तों की मदद करने वाले एनजीओ की टीम पर हमला, महिला संस्थापक गंभीर रूप से घायल

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Updated Sun, 05 Jul 2020 04:55 AM IST
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एनजीओ की संस्थापक आयशा क्रिस्टीना
एनजीओ की संस्थापक आयशा क्रिस्टीना - फोटो : अमर उजाला

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दिल्ली की सड़कों पर लावारिस कुत्तों की मदद के लिए काम करने वाले एनजीओ नेबरहुड वूफ की टीम पर रानी बाग के ऋषि नगर इलाके में स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। विवाद तब शुरू हुआ, जब स्थानीय लोगों ने उनसे रात में इलाके में घूमने का कारण पूछा। 
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पुलिस ने एनजीओ की संस्थापक आयशा क्रिस्टीना की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इससे पूर्व आयशा ने पुलिस पर हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई से इनकार का आरोप लगाया था। एक वीडियो के मुताबिक, आयशा का कहना है कि जब वे कुत्तों की मदद कर रहे थे तो एक स्थानीय व्यक्ति वहां आया और उनसे बदसलूकी करने लगा। उन्होंने विरोध किया तो नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। 
क्रिस्टीना ने बताया कि मारपीट में उनके कार्यकर्ता विपिन, अभिषेक और दीपक भी घायल हुए हैं। इसके बाद एनजीओ की टीम ने अपनी कार में वहां से भागने का प्रयास किया तो स्थानीय लोगों ने पथराव कर उसके शीशे तोड़ दिए। इस कार की टक्कर से तीन स्थानीय लोग मंजीत सिंह, हरमेंदर और गुरप्रीत मामूली घायल भी हुए हैं। बाद में दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान में बताया कि इस संबंध में स्थानीय लोगों की शिकायत पर आईपीसी की धारा 323, 441, 506 और 427 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दिल्ली महिला आयोग ने घटना को गंभीरता से लिया  
एनजीओ के लोगों से मारपीट करने के मामले को दिल्ली महिला आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि इस घटना की शर्मनाक बात यह है कि एक लड़की जो बेजुबान प्राणियों के लिए काम करती है, उसके साथ मारपीट की गई है। उन्होंने बताया कि दिल्ली महिला आयोग की टीम लगातार उनके संपर्क में थी। आखिरकार इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। महिला आयोग ने पीड़ितों को पूरी मदद का आश्वासन दिया है। 

वीडियो बनाकर घटना का किया खुलासा 
नेबरहुड वूफ एनजीओ में काम करने वाली आयशा ने थाने में वीडियो बनाकर उसके साथ हुई घटना का खुलासा किया। उसने पुलिस पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। कुत्ते पकड़ने के दौरान लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की। जब इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। आयशा ने वीडियो के जरिए अपने सहयोगियों और क्षतिग्रस्त कार को भी दिखाया। उसका कहना था कि उनके साथ मारपीट की गई, लेकिन पुलिस उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाए पूछताछ करने में लगी रही। 
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