मुंबई ही नहीं, दिल्ली की 'नसों' में भी फैल रहा है नशे का जहर, भारी सुरक्षा के बीच भी जारी रहता है खेल

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 19 Sep 2020 06:19 PM IST
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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो - फोटो : ANI (File)

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सार

  • पाकिस्तान से पंजाब, राजस्थान के जरिए आता है मौत का सामान, नकली शराब के लिए हरियाणा और मध्यप्रदेश से आती है खेप
  • दिल्ली की महंगी पार्टियों, फाइव स्टार होटलों से लेकर स्कूलों के आसपास तक फैला है नशे का जाल

विस्तार

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की 2019 की एक रिपोर्ट के अनुसार देश में लगभग 1.2 फीसदी लोग चरस या गांजे का इस्तेमाल करते हैं। राजधानी दिल्ली में यह आंकड़ा 3.8 फीसदी बताया गया है। अप्रैल 2019 में दिल्ली स्पेशल पुलिस सेल ने 50 किलो हेरोइन की खेप पकड़ी थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 200 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई थी।
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पुलिस की जांच में अपराधियों ने बताया था कि देश के अन्य हिस्सों के साथ-साथ इसकी बड़ी मात्रा में खपत राजधानी दिल्ली में ही की जाने वाली थी। यह आंकड़ा बताने के लिए काफी है कि राजधानी दिल्ली में नशे का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। दिल्ली की टॉप क्लास सिक्योरिटी को धता बताते हुए यहां भारी मात्रा में नशे का कारोबार किया जाता है।

कहां से आती है खेप

दिल्ली पुलिस नारकोटिक्स सेल के एक अधिकारी के मुताबिक नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की तमाम कोशिशों के बावजूद राजधानी में इस पर रोक लगाना मुश्किल साबित हुआ है। दिल्ली में पाकिस्तान से आने वाली नशे की सामग्री सबसे ज्यादा पहुंचती है। यह नशे का सामान पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रास्ते से दिल्ली तक लाया जाता है। जम्मू-कश्मीर और बिहार से भी हशीश की बड़ी खेप दिल्ली भेजी जाती है। नकली शराब की सबसे ज्यादा खेप हरियाणा और मध्यप्रदेश से दिल्ली तक पहुंचती है।

कहां होती है खपत

कोरोना के कारण दिल्ली की पब नाइट्स पर प्रतिबंध लगा हुआ है, लेकिन जब तक यहां नाइट पार्टीज का सिस्टम चलता रहता है, नशे का कारोबार भी अपने चरम पर रहता है। बड़े घरानों के लड़के-लड़कियों के बीच यहां भी रेव पार्टीज का खूब चलन है। दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम और नोएडा के होटलों और बड़ी पार्टीज में नशे की भारी खपत होती है। दिल्ली पुलिस ने अनेक बार छापा मारकर इन पार्टीज में नशे की भारी बरामदगी की है, लेकिन उसके बाद भी यह नशे का कारोबार जारी है।

स्कूली बच्चों तक नशे की पहुंच सबसे खतरनाक रूप

राजधानी में नशे का सबसे खतरनाक रूप यह सामने आया है कि यहां स्कूली बच्चों और युवाओं तक में नशे की लत पहुंच चुकी है। सरकार ने स्कूलों के आसपास नशीली चीजों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है, लेकिन इसके बावजूद स्कूली बच्चों के नशे की लत में पाया जाना भारी चिंता पैदा करता है। स्कूली बच्चों में सबसे ज्यादा सिगरेट, तंबाकू, गुटखा जैसी चीजें नशे के रूप में इस्तेमाल की जा रही हैं, लेकिन अनेक स्कूली बच्चे सूंघकर नशा करने वाली चीजों का इस्तेमाल भी करते हैं जो इस मामले का सबसे खतरनाक रूप है।

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