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नौकरी न कर शुरू की खुद की कंपनी, 26 साल की उम्र में बन गए बड़े उद्योगपति

गाजियाबाद के तुषार अग्रवाल, ये वो नाम है जिसने मात्र 26 साल की उम्र में उद्यम के क्षेत्र में अपना लोहा मनवा लिया है। आज तुषार दो इंडस्ट्री के मालिक है...

3 अक्टूबर 2019

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दिल्ली-एनसीआर

बुधवार, 8 अप्रैल 2020

लॉकडाउन ने किसानों के चेहरे से छीनी मुस्कान 

लॉकडाउन ने गोभी, टिंडा और घीया उगाने वाले किसानों के चेहरे से मुस्कान छीन ली है। मांग में कमी और मजदूर नहीं मिलने की वजह से किसान कम रेट पर सब्जियां बेचने को मजबूर हैं। आलम यह है कि पूरी दिल्ली में 90 फीसदी गोभी की मांग पूरा करने वाले गांव झाड़ौदा और डिचाऊ कलां से रोजाना सब्जियां लेकर जाने वाले वाहनों की संख्या भी करीब एक तिहाई कम हो गई है।
  
दोनों गांवों से दिल्ली की मंडियों में अमूमन करीब डेढ़ सौ गाड़ियों (डेढ़ लाख किलो) सब्जियां बिकने के लिए जाती हैं। लॉकडाउन के दौरान न तो तैयार फसलों की कटाई के लिए मजदूर मिल रहे हैं और न ही भाव। झाड़ौदा के पास के किसान देवेंद्र शौकीन बताते हैँ कि 20 मार्च के बाद से ही सब्जियों की मांग घटने लगी। 

पहले मंडियों में किसानों को गोभी, घीया के भाव 15 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहे थे, लेकिन अब यह छह-सात रुपये तक रह गया है। डिचाऊं कलां के किसान लोकेश का कहना है कि रोजाना मंडियों तक सब्जी पहुंचाने में 150 टैंपो का इस्तेमाल होता था। लेकिन लॉकडाउन के बाद से सब्जियों की मांग में 50 फीसदी तक की कमी आई है। 
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कोरोना कोई खास बीमारी नहीं, झाड़ फूंक से हो जाती है ठीक, पुलिस ने अफवाह फैला रहे दो धरे

राजधानी दिल्ली के ख्याला इलाके में कोरोना महामारी का झाड़ फूंक से इलाज संभव होने की अफवाह फैला रहे दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान रघुवीर नगर निवासी विकास कुमार (31) और नितेश कुमार (21) के रूप में हुई। 

पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके सहयोगियों की तलाश में जुटी है। ख्याला थाना में तैनात हवलदार संदीप सिपाही शैलेश के साथ सोमवार सुबह इलाके में गश्त कर रहा था। 912 बस स्टैंड के पास काफी लोगों की भीड़ लगी थी। 

किसी ने पुलिसकर्मियों को बताया कि कुछ लोग झाड़ फूंक से कोरोना ठीक करने की अफवाह फैला रहे हैं। दोनों पुलिसकर्मियों को आते देख सभी लोग वहां से भागने लगे। 

पुलिसकर्मियों ने दो लोगों को पकड़ा। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि कोरोना कोई खास बीमारी नहीं है। यह झाड़ फूंक से ठीक हो जाती है। सरकार ने बेवजह आम जनता को परेशान करने के लिए लॉकडाउन कर रखा है। 
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दिल्लीः कैंसर अस्पताल कोरोना का नया हॉटस्पॉट, पर स्टाफ क्वारंटीन नहीं 

राज्य कैंसर संस्थान कोरोना वायरस का नया हॉटस्पॉट बन चुका है। अब तक यहां 18 स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं। ये सभी एक महिला डॉक्टर के संपर्क में आने के बाद पॉजिटिव मिले हैं। अस्पताल को सील कर दिया गया है और यहां भर्ती मरीज धर्मशिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिए गए हैं।

इसके बावजूद कैंसर संस्थान के बाकी स्टाफ को अब तक क्वारंटीन नहीं किया गया है। मंगलवार को अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि स्टाफ जिनकी ड्यूटी लगाई जा रही है, वे डयूटी पूरी कर अपने-अपने घर जा रहे हैं। 

सूत्रों के अनुसार, 1 अप्रैल को महिला डॉक्टर के संक्रमित मिलने के दौरान अस्पताल में कैंसर के 80 मरीज थे। महिला डॉक्टर ओपीडी के अलावा वार्ड में भी ड्यूटी दे रही थी। संक्रमित मिलने के बाद अस्पताल की ओपीडी तो बंद कर दी गई, लेकिन बाकी काम चलता रहा। इसके बाद लगातार दो दिन दो-दो नर्स संक्रमित मिलीं।

तीसरे दिन एक साथ 11 लोग संक्रमित मिले। अब तक तीन डॉक्टरों सहित 18 स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं। एक गर्भवती नर्स भी संक्रमित है, जिसे लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गौर करने वाली बात है कि नर्स मातृत्व अवकाश पर थी। वह सिर्फ एक दिन के लिए किसी काम के सिलसिले में अस्पताल आई है और संक्रमित होकर गई।

अस्पताल के डॉक्टरों का यहां तक कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते अन्य कर्मचारियों को लगातार संक्रमण हो रहा है। अब भी अस्पताल में तैनात रेजिडेंट डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ ड्यूटी के बाद अपने-अपने घर जा रहे हैं, यह सबसे बड़ा खतरा है।

वहीं कार्यकारी निदेशक डॉक्टर बीएल शेरवाल का कहना है कि अस्पताल में अब भी 17 मरीज भर्ती हैं, जिनका सैंपल लिया है। रिपोर्ट आने के बाद फैसला लिया जाएगा। रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उनका इलाज किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करा अस्पताल को बंद करके सैनिटाइज किया जा सकता है।

अब तक 33 स्वास्थ्य कर्मी कोरोना पॉजिटिव
दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान : तीन डॉक्टरों सहित 18 कर्मचारी। 
महाराज अग्रसेन अस्पताल: एक डॉक्टर, पांच नर्सें
एम्स : एक डॉक्टर और एक सफाई कर्मी
सफदरजंग अस्पताल : 2 डॉक्टर
सरदार पटेल अस्पताल : एक डॉक्टर
मोहल्ला क्लीनिक : दो डॉक्टर
चरक पालिका अस्पताल : 1 सफाई कर्मी
अपोलो अस्पताल : एक पुरुष नर्स 
प्राइवेट क्लीनिक : एक डॉक्टर
( इन अस्पतालों में संक्रमित लोगों के मिलने के बाद 250 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी आइसोलेशन में हैं)
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गुरुग्राम में कोरोना से पहली मौत, 65 वर्षीय बुजुर्ग ने निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस

दिनों दिन बढ़ती कोरोना पीड़ितों की संख्या के बीच गुरुग्राम से पहली बार कोरोना संक्रमण से मरीज की मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक फाजिलपुर निवासी एक 65 वर्षीय बुजुर्ग कोरोना पीड़ित था।

गंभीर हालत में मंगलवार देर रात ही अस्पताल में उसको भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बुजुर्ग कोरोना के गंभीर संक्रमण के अलावा मधुमेह से भी ग्रस्त था और उसको सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसके बाद आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

वहीं स्वास्थ्य विभाग ने इस संदर्भ में कुछ भी स्पष्ट तौर पर कहने से इनकार किया है। कहा जा रहा है कि निजी अस्पताल में की गई जांच रिपोर्ट में बुजुर्ग को कोरोना वायरस से पीड़ित पाया गया था जबकि स्वास्थ्य विभाग पीजीआई रोहतक से आने वाली जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

मृतक बुजुर्ग के संपर्क में रहने वाले अन्य 37 लोगों के सैंपल लेकर सभी को सेक्टर 9 स्थित सेंटर में क्वारंटीन कर दिया है। बता दें कि एक सप्ताह के अंतराल के बाद पिछले चार-पांच दिनों के अंदर जिले में कोरोना के मरीजों  की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।



पिछले 5 दिनों के अंदर 8 मरीजों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं कोरोना पीड़ितों की संख्या बढ़ाने में निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात की भी अहम भूमिका रही है। मरकज से लौटने वाले 4 मरीजों में अब तक कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। जबकि करीब आधा दर्जन मरीजों की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।
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कोरोना वायरस (फाइल फोटो) कोरोना वायरस (फाइल फोटो)

गाजियाबाद, बुलंदशहर में कोरोना हॉटस्पॉट होंगे सील, जानिए उनके नाम

उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते हुए खतरे को देखकर यूपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है और इसके तहत उसने आज रात 12 बजे से सूबे के 15 जिले सील करने का आदेश दिया है। इन 15 जिलों में एनसीआर के भी तीन जिले हैं। आज रात 12 बजे से गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और बुलंदशहर भी सील हो जाएंगे। हालांकि खास बात ये है कि जिन जिलों के सील होने की घोषणा की गई है, वहां सिर्फ कोरोना के हॉटस्पॉट ही सील होंगे पूरा जिला नहीं।
 

ये 15 जिले हो रहे सील
उ.प्र. के अपर प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया है कि यूपी. के 15 जिलों- आगरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, सहारनपुर, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, गाजियाबाद, शामली, बरेली, बुलंदशहर, बस्ती, महाराजगंज और सीतापुर में जिन कोरोना के हॉटस्पॉट की पहचान की गई है वहां सख्ती से लॉकडाउन लागू किया जाएगा।

15 जिलों में इतने हैं हॉटस्पॉट
अवनीश अवस्थी ने बताया कि आगरा में 22 , गाजियाबाद में 13, गौतमबुद्धनगर में 12, कानपुर में 12, वाराणसी में 4, शामली में 3, मेरठ में 7, बरेली में 1, बुलंदशहर में 3, बस्ती में 3, फिरोज़ाबाद में 3, सहारनपुर में 4, महाराजगंज में 4, सीतापुर में 1 और लखनऊ में 8 बड़े और 4 छोटे हॉटस्पॉट हैं। इन इलाकों में अब बैंक भी नहीं खुलेंगे, इसकी सेवाएं लोगों की जरूरत के अनुसार उनके घर पहुंचेंगी। साथ ही इन हॉस्टपॉट पर मीडिया के जाने पर भी रोक रहेगी।

गाजियाबाद में ये 13 इलाके हैं हॉटस्पॉट
गाजियाबाद में राजनगर एक्सटेंशन, वसुंधरा, वैशाली, शालीमार गार्डन, टीला मोड़, शिप्रा सनसिटी, नंदग्राम, मसूरी, सीवियर सोसाइटी, कौशाम्बी समेत कुल 13 हॉटस्पॉट हैं।

बुलंदशहर के ये तीन इलाके रहेंगे सील
वीरखेड़ा गांव सिंकदराबाद, जनता इंटर कॉलेज जहांगीराबाद, रुकनसराय बुलंदशहर।

डीजीपी ने क्या कहा
वहीं डीजीपी एच.सी. अवस्थी, लखनऊ ने बताया कि हॉटस्पॉट इलाकों में सबसे ज्यादा कोरोना केस सामने आए हैं। कोरोना को फैलने से रोकने के लिए इन हॉटस्पॉट से आवागमन पूरी तरह से रोका जाएगा। ऐसे इलाकों की पहचान करना और उसे बंद कैसे करना है वो बैठक में निर्धारित किया जाएगा। 

डीजीपी ने आगे बताया कि इन इलाकों में किस तरह की आवश्यक सेवाएं दी जाएगी ये तय किया जाएगा। फायर सर्विस की गाड़ियों से उस एरिया को सैनिटाइज किया जाएगा। वहां एंट्री रोकने की जरूरत पड़ी तो बैरियर्स लगाए जाएंगे। 112 सर्विस या जो पुलिस पेट्रोल है उसे लगाकर इसे हर दिशा में लागू किया जाएगा।

जिले के सीलिंग की बात सुनते ही इन जिलों के दुकानों पर लंबी कतारें लग गई हैं। इसके बाद गाजियाबाद के डीएम और एसएसपी ने लोगों से अनुरोध किया है कि कृपया समस्त जनपद में कर्फ्यू लगने की अफवाह ना फैलाएं। जिलों के हॉस्टस्पॉट ही सील होंगे।
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दिल्ली: दो बार अस्पताल पहुंचे कोरोना संक्रमित को भेज दिया घर

उत्तर रेलवे के नई दिल्ली स्थित केंद्रीय रेलवे अस्पताल की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। रेलवे का ही एक कर्मचारी तबीयत खराब होने पर दो बार अस्पताल आया लेकिन डॉक्टरों को उसके अंदर कोरोना के लक्षण नहीं दिखने पर साधारण इलाज कर वापस घर भेज दिया। अब उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है।

गौरतलब है कि निजामुद्दीन स्टेशन पर तैनात 59 वर्षीय आरक्षण सुपरवाइजर कोरोना से संक्रमित पाया गया है। 31 मार्च और 2 अप्रैल को तबीयत बिगड़ने की वजह से उसने खुद को उत्तर रेलवे के नई दिल्ली स्थित केंद्रीय रेलवे अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया था। लेकिन डॉक्टरों ने उसकी बीमारी को गंभीरता से नहीं लिया और उसे आइसोलेशन वार्ड में नहीं रखा गया।

बाद में उसने निजी लैब में जांच कराई तो कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद संक्रमित रेलवे कर्मी को आरएममएल अस्पताल में भेजा गया। उनके संपर्क में आने वाले डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी और अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

संक्रमित सुपरवाइजर लाजपत नगर के रहने वाले हैं। वह आखिरी बार 21 मार्च को ड्यूटी पर आए थे। उस दिन उनके संपर्क में आने वाले रेल कर्मचारियों की कोरोना वायरस संक्रमण की जांच कराई जा रही है।
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दिल्ली पुलिस के एक एएसआई में कोरोना की पुष्टि, एम्स में भर्ती

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) का कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आया है। बुखार की शिकायत पर पिछले हफ्ते उनका टेस्ट किया गया था और सात अप्रैल को उनकी रिपोर्ट आई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें एम्स में शिफ्ट कर दिया गया है।



एएसआई के परिवार को होम-क्वारंटीन रहने को कहा गया है। इस बात की जानकारी दिल्ली पुलिस ने दी है। जिस कॉलोनी में एएसआई रहते थे अब वो कड़े लॉकडाउन में है। पुलिस उनके संपर्क में आए लोगों और वो कैसे संक्रमित हुए इसका पता लगाने की कोशिश कर रही है।

दिल्ली में मंगलवार को हुई थी कोरोना से दो और की मौत, 51 नए रोगी भी मिले
कोरोना वायरस से संक्रमित दो और मरीजों की राजधानी में मौत हो गई। इन्होंने मंगलवार को अलग-अलग अस्पतालों में दम तोड़ दिया। उधर, 51 नए कोरोना संक्रमित मरीज सामने आए हैं। इसी के साथ, दिल्ली में अब कोरोना संक्रमित मरीजों की सख्या बढ़कर 576 हो गई है। इससे मृतकों की संख्या भी 9 हो गई है। इसके अलावा, 20 मरीजों को अब तक अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा चुका है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मरकज से निकाले गए लोगों में से अब तक 333 संक्रमित मिल चुके हैं। 203 संक्रमित मरीजों में विदेश यात्रा करके लौटने वाले और एक-दूसरे से संपर्क में आने वाले हैं।

विभाग का कहना है कि 40 संक्रमित मरीजों के बारे में फिलहाल जांच चल रही है। सरकारी अस्पतालों में 546 मरीजों का उपचार चल रहा है। मंगलवार को 51 नए मरीज सामने आए हैं। इनमें 35 विदेश से यात्रा करने वाले या उनके संपर्क में आने से संक्रमित होने वाले हैं।

इसके अलावा मरकज से निकाले गए 4 जमातियों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव है। अभी 1157 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। अस्पतालों में भर्ती संक्रमित मरीजों में से 35 की हालत गंभीर है। इन्हें आईसीयू में रखा गया है। वहीं 8 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती 1066 मरीजों में से 546 संक्रमित हैं।
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गली-मोहल्लों में भी ड्रोन से नजर रखेगी दिल्ली पुलिस, जमघट लगाने वालों की अब नहीं खैर

कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
लॉकडाउन के दौरान निजामुद्दीन और अन्य संवेदनशील इलाकों में लोगों पर नजर रखने के लिए पुलिस ड्रोन कैमरों की सहायता ले रही थी। इसकी सफलता देखने के बाद अब पुलिस पूरी दिल्ली में ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल करेगी। ड्रोन की मदद से गली-मोहल्लों में शाम होते ही जमघट लगाने वालों की पहचान की जाएगी। 

पुलिस का कहना है कि कुछ संकरी गलियों में गश्त मुश्किल होती है, इसलिए कैमरों से नजर रखी जाएगी। वहीं, पुलिस लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले 300 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई कर चुकी है।

बता दें कि लॉकडाउन के दौरान भी लोग बेवजह घरों से बाहर निकल रहे हैं। लोग मोहल्लों में शाम को एकत्र होकर गपशप में जुट जाते हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। अब ड्रोन कैमरों की मदद से बेवजह घरों से बाहर निकलने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

पश्चिम विहार की झुग्गियों में ड्रोन से छिड़काव
उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने पश्चिम विहार की झुग्गियों में मंगलवार को ड्रोन की सहायता से संक्रमणरोधी दवा का छिड़काव किया। इस दौरान जनस्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष विनीत वोहरा व केशवपुरम जोन की उपायुक्त ईरा सिंघल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 

वोहरा ने बताया कि ड्रोन का इस्तेमाल कम समय में अधिक क्षेत्र में छिड़काव करने के लिए किया जाता है। वहीं, ड्रोन की सहायता से कर्मचारी में संक्रमण का खतरा कम रहता है। ऐसे में उत्तरी निगम अधिकतर क्षेत्रों में ड्रोन की सहायता से दवा का छिड़काव करा रहा है, ताकि कोरोना का दंश न फैल सके।
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कोरोना से निपटने के उपायों की खोज करेंगे युवा

वैश्विक महामारी कोरोना को देखते हुए अब सरकार सुरक्षा एजेंसियों, स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों और अन्य सेवाओं को ऐसी चुनौतियों से निपटने पर पहले तैयारी करेगी। इसी के तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय मेगा ऑनलाइन चैलेंज समाधान की शुरुआत कर रहा है। इसमें छात्रों को ऐसी चुनौतियों का त्वरित समाधान उपलब्ध करवाने के उपायों की खोज करनी होगी।

इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन विंडो ओपन हो गई है। इच्छुक छात्र 14 अप्रैल तक आवेदन कर सकेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को इस समाधान चैलेंज प्रतियोगिता शुरू करने की घोषणा की।

एचआरडी इनोवेशन सेल और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के फोर्ज व इनोवेशिओक्यूरिस इस समाधान प्रतियोगिता को आयोजित करेगा। समाधान का मकसद किसी भी संकट को रोकने और चुनौतियों का सामना करने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा।

इस चैलेंज में भाग लेने वाले छात्र-छात्राएं ऐसे उपायों की खोज करेंगे जो कि सरकारी एजेंसियों, स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों एवं अन्य सेवाओं को अचानक आने वाली चुनौतियों का त्वरित समाधान उपलब्ध करवाया जा सके।

इसके अलावा "समाधान" चैलेंज के द्वारा नागरिकों को जागरूक बनाने, किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए प्रेरित करने, किसी भी संकट को रोकने और लोगों को आजीविका दिलवाने में सहायता करने पर काम होगा।

छात्रों और फैकल्टी के लोगों को नए प्रयोग व नई खोज के लिए प्रेरित करना और उनको उस प्रयोग या खोज का परिक्षण करने के लिए एक मजबूत बेस उपलब्ध करवाना भी है। इस चैलेंज के माध्यम से तकनीकी व व्यावसायिक रूप से ऐसे समाधान निकालना है, जोकि कोरोनावायरस जैसी महामारी से लड़ने में मदद करें। अधिक जानकारी के लिए छात्र मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर लॉगइन कर सकते हैं।
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दिल्ली के हॉटस्पॉट्स में एक लाख लोगों का होगा कोरोना टेस्ट, मरीज बढ़े ...और मौत के मामले भी

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच दिल्ली सरकार बड़े स्तर पर टेस्टिंग करेगी। हॉटस्पॉट वाले इलाकों में एक लाख लोगों का रैपिड टेस्ट करके जरूरत के हिसाब से मरीजों को इलाज या क्वारंटीन में भेजा जाएगा। राजधानी में मंगलवार को दो और मरीजों की मौत हो गई। इससे मृतकों की संख्या भी 9 हो गई है। 51 नए मरीज के साथ, संक्रमितों की सख्या बढ़कर 576 हो गई है।
मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए दिल्ली सरकार ने तीस हजार बेड तक की क्षमता विकसित करने का खाका तैयार कर लिया है। 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को दिल्ली सरकार की तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि शुक्रवार से एक लाख अतिरिक्त किट भी पहुंचने लगेगी। इसके सहारे अलग-अलग इलाकों में रैपिड टेस्ट करवाया जाएगा। निजामुद्दीन, दिलशाद गार्डन जैसे हॉट स्पॉट इलाकों में शुक्रवार से रैंडम टेस्ट होगा। इससे पता चलेगा कि कोरोना इलाके में फैल तो नहीं रहा है।

अब तक 6 हजार से ज्यादा सैंपलों की जांच
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि विशेषज्ञों की सलाह पर सरकार ने कोरोना वायरस को जड़ से खत्म करने के लिए 5 बिंदुओं की योजना तैयार की है। इस योजना का नाम 5-टी (टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, टीमवर्क और ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग) है।

अपनाएंगे द. कोरिया मॉडल
दक्षिण कोरिया का उदाहरण देते हुए केजरीवाल ने कहा कि वहां की सरकार ने एक-एक व्यक्ति का टेस्ट करवाकर बीमारी पर काबू किया है। इसी मॉडल पर दिल्ली सरकार भी बड़े स्तर पर जांच कराएगी।
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'जामिया नगर में क्वारंटीन है तब्लीगी मरकज का मौलाना साद'

देशभर में कोरोना संक्रमण फैलाने वाले निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज के मौलाना मोहम्मद साद ने खुद को दिल्ली के जामिया नगर में ही क्वारंटीन किया है। मरकज मामले की जांच कर रही अपराध शाखा की टीम के विश्ववसनीय सूत्रों के मुताबिक, यहां के जाकिर नगर में मौलाना की बहन का घर है। अपराध शाखा अभी मौलाना साद के खिलाफ सबूत जुटा रही है। इसके बाद ही कानूनी कार्रवाई होगी।

सूत्रों ने बताया कि अपराध शाखा की टीम सीधे नहीं, बल्कि कुछ लोगों के जरिए मौलाना के संपर्क में है। पहले नोटिस का जो जवाब अपराध शाखा को मिला, उसमें मौलाना साद के हस्ताक्षर हैं। हालांकि साद ने पहले नोटिस का बहुत ही गोल-मोल जवाब दिया है। साद ने कहा कि सब कुछ मरकज में बंद है। इसके खुलने पर ही कुछ जानकारी मिल पाएगी। दिल्ली पुलिस ने दूसरा नोटिस भेजकर मौलाना साद से और जानकारियां मांगी हैं। पुलिस ने जल्द ही सवालों के जवाब देने को कहा है।




उधर, अपराध शाखा की जांच में पता चला है कि मरकज में साफ-सफाई का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जाता था। रोहिणी स्थित फोरेंसिक लैब की टीम ने वहां से काफी जैविक सैंपल उठाए हैं। इनमें थूक, बलगम व नेजल फ्लूड शामिल हैं। टीम के सूत्रों के मुताबिक, इसी कारण मरकल के लोगों में कोरोना तेजी से फैल गया। हालांकि मरकज से किसी तरह का कैमिकल नहीं मिला है।

जांच के लिए गई थीं चार फोरेंसिक टीमें

रोहिणी स्थित एसएफएल के अधिकारियों ने बताया कि अपराध शाखा के पुलिसकर्मियों के साथ मरकज में चार तरह जैविक, केमिकल, बायोलोजिकल और फोर्टा एक्सपर्ट टीमें गई थीं। फोटो एक्सपर्ट टीमों ने अच्छा काम किया है। पूरे मरकज की वीडियोग्राफी की है और काफी फोटो खींचे हैं।
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दिल्ली में कर्फ्यू पास का शराब तस्करी में इस्तेमाल करते कई गिरफ्तार

लॉकडाउन में कर्फ्यू पास बनवाकर शराब की तस्करी करने वाले कई लोगों को मुंडका के टिकरी बॉर्डर से मंगलवार को पकड़ा गया है। इन सभी आरोपियों के पास से बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका पास रद्द कर दिया है। 

मुंडका पुलिस ने टिकरी बॉर्डर के पास बाइक सवार मंगोलपुरी निवासी हरिओम को गिरफ्तार किया है। उसके बैग से 5 बोतल अवैध शराब बरामद की है। वह पुलिस से जारी एक कर्फ्यू पास का इस्तेमाल शराब तस्करी के लिए कर रहा था। 

आरोपी के खिलाफ कानूनी दिल्ली एक्साइज एक्ट और 188 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं दक्षिण दिल्ली नगर निगम से जारी  पास के उल्लंघन के लिए अविनाश और शिवपूजन नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भी बैग में शराब बरामदद हुई है। उनके पास को रद्द करने के लिए दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को पत्र भेजा दिया गया है। 

उधर, रानी बाग पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन करने के लिए दीपक शर्मा को गिरफ्तार किया है। वह संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में केमिस्ट की दुकान चलाता है। पुलिस की तरफ से पास के दुरुपयोग करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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ऑड-ईवन अब गाड़ियों पर नहीं सब्जी मंडी में दुकान खोलने पर लगेगा, लॉकडाउन में बढ़ी सख्ती

गुरुग्राम जिला प्रशासन ने कोरोना वायरस के मद्देनजर खांडसा रोड स्थित नई सब्जी मंडी में लोगों की भीड़ कम करने के लिए बृहस्पतिवार से ऑड-इवन तिथि के अनुसार दुकानें खोलने के आदेश जारी किए है।

ऑड तिथि के दिन ऑड नंबर की दुकान खुलेगी जबकि इवन तिथि के दिन इवन नंबर की दुकान खोली जाएगी। वहीं प्रशासन ने मंडी में नियमों की अवहेलना करने पर लोगों को लाख रुपये जुर्माना किया।

एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बुधवार को खांडसा रोड स्थित नई सब्जी मंडी का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी आढ़तियों, थोक विक्रेताओं व दुकानदारों से बताया कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने का एकमात्र उपाय सोशल डिस्टेंसिंग ही है। इस कारण ऑड-इवन फार्मूले की शुरुआत की जा रही है।

ऑड नंबर की तारीख को ऑड नंबर की दुकान और इवन नंबर की तारीख को इवन नंबर की दुकान खुलेगी। सभी दुकानदार व विक्रेता इन आदेशों का पालन करना सुनिश्चित करें। मंडी के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर बैरिकेडिंग लगाई जाएगी। वहीं उन्होंने बुधवार को नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार लाख रुपये का जुर्माना किया। 
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