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नौकरी न कर शुरू की खुद की कंपनी, 26 साल की उम्र में बन गए बड़े उद्योगपति

गाजियाबाद के तुषार अग्रवाल, ये वो नाम है जिसने मात्र 26 साल की उम्र में उद्यम के क्षेत्र में अपना लोहा मनवा लिया है। आज तुषार दो इंडस्ट्री के मालिक है...

3 अक्टूबर 2019

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दिल्ली-एनसीआर

शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020

फ्लाइट शुरू होने के तीन घंटे पहले दिया जाएगा बोर्डिंग पास 

प्रयागराज एयरपोर्ट पर 15 अप्रैल से विमानों की आवाजाही शुरू होने की संभावना को लेकर जिला प्रशासन और एयरपोर्ट प्रशासन के अफसरों की बैठक बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त रमेश कुमार की अध्यक्षता में हुई। एयरपोर्ट के सिविल टर्मिनल में हुई इस बैठक में 15 अप्रैल से फ्लाइट संचालन शुरू होने की संभावना और एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा क्या-क्या एहतियात बरता जाए, उसे लेकर मंथन हुआ।

कहा गया कि अगर 15 अप्रैल से फ्लाइट शुरू होती है तो एयर लाइंस कंपनियां यात्रियों को विमान रवानगी के तीन घंटे पूर्व बोर्डिंग पास के लिए बुलाएं। ताकि, एयरपोर्ट पर कोरोना के मद्दनेजर यात्रियों की ठीक ढंग से मॉनीटरिंग की जा सके।

एयरपोर्ट में सुरक्षा पर तैनात पुलिस कर्मी जिन्हें लगेज काउंटर और इंट्री प्वाइंट पर यात्रियों की चेकिंग करनी होती है, उन्हें पीपीई किट मुहैया कराने की भी बात हुई। यह भी कहा गया कि विमान कंपनियां अपने विमानों का स्लॉट कुछ इस तरह से निर्धारित करें कि दो फ्लाइटों के आगमन-प्रस्थान के समय में कम से कम दो घंटे का अंतर हो। एयरपोर्ट पर दुकानें को सैनिटाइज करने संबंधी बात भी कही गई।

यह भी कहा गया कि शहर से एयरपोर्ट आने वाले कर्मचारियों को उनका आईकार्ड देखने के बाद पुलिस उन्हें न रोके। इसी तरह जिन यात्रियों को विमान पकड़ना है, उन्हें अपनी टिकट का डाक्यूमेंट दिखाने के बाद एयरपोर्ट आने दिया जाए। बैठक में आईजी केपी सिंह, पीडीए वीसी टीके सीबू, एयरपोर्ट निदेशक सुनील यादव, एसके सिंह आदि अफसर मौजूद रहे।
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आस्ट्रेलिया से आए पति-पत्नी होम क्वारंटीन, घर के बाहर चस्पा किया गया नोटिस

कोतवाली के बहादुरगंज में रहने वाले एक व्यापारी परिवार की सूचना से बृहस्पतिवार को हड़कंप मच गया। व्यापारी की ओर से दी गई सूचना के मुताबिक मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की आरआरटी टीम ने आस्ट्रेेलिया से काफी पहले आए पति-पत्नी की स्क्रीनिंग की। उनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं मिले हैं। दोनों स्वत: होम क्वारंटीन रहे। उन्हें अब 14 दिन तक नियमित स्क्रीनिंग कराने के साथ होम क्वारंटीन रहने को कहा गया है। उनके घर पर कोरोना संक्रमित का नोटिस चस्पा किया गया है।

बहादुरगंज में रहने वाले व्यापारी परिवार के पति-पत्नी काफी पहले आस्ट्रेलिया गए थे। कोरोना संक्रमण का हल्ला मचा तो दोनों ने खुद को क्वारंटीन कर घर वालों से अलग कर लिया। इस बीच छानबीन बढ़ी तो व्यापारी की ओर से प्रशासन को अपनी ओर से विदेश यात्रा की सूचना दी गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची आरआरटी टीम ने दोनों का स्वास्थ्य जांचा। स्क्रीनिंग के बाद उन लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं मिले।

एहतियातन दोनों लोगों को 14 दिन तक होम क्वारंटीन रहने नियमित स्क्रीनिंग कराने को कहा गया है। बताया गया कि व्यापारी परिवार ने पहले से ही दोनों लोगों को क्वारंटीन कर संक्रमण से बचाया और वे स्वस्थ हैं। 
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लॉकडाउन: भाजपा नेताओं ने राशन को लेकर हो रही समस्या पर केजरीवाल को घेरा, बोले- गरीब भटक रहे

राजधानी में लोगों को बांटे जा रहे राशन की समस्या पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने अवगत कराया है। बिधूड़ी ने मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दिल्ली के 2500 स्कूलों में मुफ्त राशन बांटने की व्यवस्था भी सरकार करने में विफल साबित हुई है।

एक ओर तो मुख्यमंत्री आश्वासन दे रहे हैं कि कोई भी भूखा नहीं रहेगा, लेकिन गरीब लोग राशन के लिए भटक रहे हैं। अपने पत्र में बिधूड़ी ने बिना राशन कार्ड वालों की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा है कि इस विषम परिस्थिति में भी सरकारी राशन वितरण प्रणाली का लचर तंत्र गरीब और जरूरतमंद लोगों की परेशानियों को बढ़ा रहा है। 

केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली के गरीब लोगों के लिए लगभग हजार करोड़ का राशन उपलब्ध कराया गया है लेकिन दिल्ली सरकार इसका वितरण करने में विफल है। प्रदेश भाजपा के पूर्व महामंत्री आशीष सूद ने कहा है कि दिल्ली सरकार घरों तक राशन पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन जनकपुरी विधानसभा के सीतापुरी के लोगों को ई-कूपन से राशन लेने 30 किलोमीटर दूर त्रिलोकपुरी भेजा जा रहा है।
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दिल्ली-एनसीआरः सील हो चुके हॉटस्पॉट में पहुंच रही लोगों के जरूरत की चीजें, बाजार हुए वीरान

देश में 21 दिन का लॉकडाउन जारी है और साथ ही राज्यों ने अपने स्तर पर कोरोना के हॉटस्पॉट इलाकों को सील भी कर दिया है। दिल्ली सरकार आपरेशन शील्ड के सहारे कोरोना वायरस को रोकने की कोशिश में जुटी है। दिल्ली के 21 कंटेनमेंट इलाकों में चल रहे इस ऑपरेशन के तहत लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी गई है। वहीं, उनके जरूरी सामानों की आपूर्ति के लिए डोर स्टेप डिलीवरी की जा रही है। दूसरी तरफ पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है, जिससे हमेशा व्यस्त रहने वाले बाजार भी वीरान पड़े हैं और सड़कें खाली हैं। पढ़ें दिल्ली-एनसीआर के दिनभर के अपडेट्स...

सदर बाजार हुआ वीरान

कोरोना वायरस के खतरे के चलते दिल्ली के सदर बाजार इलाके को भी सील किया गया है। सील किए गए इलाकों में ना तो किसी को बाहर जाने की अनुमति है ना ही किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर आने की अनुमति है। यही वजह है कि सदर बाजार भी आज वीरान दिखाई दे रहा है।

सील की गई सोसायटी में हो रही डोर स्टेप डिलीवरी
दिल्ली के द्वारका सेक्टर 11 में सील की गई शाहजहांनाबाद सोसाइटी के अंदर ही लोगों को जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। सोसाइटी के लोगों को बाहर जाने की अनुमति नहीं है।

सूना पड़ा बंगाली मार्केट
आज सुबह बंगाली मार्केट इलाका पूरी तरह सुनसान नजर आया। बंगाली मार्केट इलाके को सील कर दिया गया है और यहां पुलिस बल तैनात।

 
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corona virus lockdown corona virus lockdown

दिल्ली : नर्स के संपर्क में आने से किडनी रोग से ग्रसित मरीज हुआ कोरोना संक्रमित, दोनोंं अस्पताल में भर्ती

दिल्ली के लाजपत नगर से एक किडनी के मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि उसे यह संक्रमण मूलचंद अस्पताल की एक नर्स से लगा था जहां वह डायलिसिस कराने जाता था।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस को 8 अप्रैल को लाजपत नगर फेस -1 की आरडब्ल्यूए से एक सूचना मिली थी कि एक शख्स जो कि लाजपत नगर फेस -1 में रहते हैं वह कोरोना पॉजिटिव हैं।

आरडब्ल्यूए ने पुलिस को यह भी बताया कि संक्रमित व्यक्ति डॉक्टर लाल पैथ लैब पर कोरोना का टेस्ट कराने गए थे, जहां उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की तो जांच में सामने आया कि संक्रमित शख्स किडनी के मरीज हैं और इलाज के लिए नियमित रूप से मूलचंद अस्पताल जाया करते थे।
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दिल्ली में पहली बार कॉम्बेट ड्रोन से दवा का छिड़काव

दिल्ली में कोरोना वायरस को लेकर पहली बार कोरोना कॉम्बेट ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिये सैनिटाइजेशन का काम शुरू हो चुका है। बृहस्पतिवार को पश्चिम विहार इलाके में इस ड्रोन से वायरस नाशक दवा का छिड़काव किया गया। 

इंडियन रोबोटिक सोल्यूशन द्वारा बनाए  इस कोरोना कॉम्बेट ड्रोन के जरिये बीते पांच दिन में 15 जगहों पर सैनिटाइजेशन का काम पूरा हो चुका है, जिसमें शकरपुर के अलावा करोल बाग, पटेल नगर, लाल बाग, सदर बाजार, अशोक विहार, नरेला बाग़ और पहाड़गंज के कई इलाके शामिल हैं। 

इंडियन रोबोटिक सोल्यूशन के फाउंडर सागर गुप्ता ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर ड्रोन एक सुरक्षित विकल्प है। महामारी रोकने में ये मददगार साबित हो सकता है। 

दिल्ली के कैंसर अस्पताल में कई और संदिग्ध
 दिल्ली राज्य कैंसर अस्पताल में अभी कई और कोरोना संदिग्ध हैं। यहां भर्ती मरीजों से लेकर स्टाफ तक को संदिग्ध माना जा रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जिनकी रिपोर्ट का इंतजार है। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार अभी तक दो डॉक्टरों सहित 23 कर्मचारी कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। जानकारी के अनुसार अस्पताल में भर्ती 17 कैंसर मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, सात मरीजों को डिस्चॉर्ज भी कर दिया है। 

एक रेजीडेंट महिला डॉक्टर के अपने भाई के संपर्क में आने पर संक्रमित होने के बाद अस्पताल की कई नर्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। सूत्रों के अनुसार अभी तक यह पता नहीं चला है कि संक्रमण की असली वजह क्या है? सबसे पहले एक नर्सिंग अधिकारी संक्रमित हुआ था। वह 22 मार्च तक अस्पताल आया था लेकिन इसके बाद वह नहीं आया। फिर एक महिला रेजीडेंट डॉक्टर संक्रमित मिली। उस दौरान भी ओपीडी चलती रही लेकिन बाद में कुछ और मरीजों के संक्रमित मिलने के बाद ओपीडी बंद की गई। 

अस्पताल के निदेशक डॉक्टर बी एल शेरवाल का कहना है कि अभी मरीजों के सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई है। हालांकि अस्पताल से सात मरीजों को छुट्टी मिलने की जानकारी पर उन्होंने कहा कि इसकी जांच कराने के बाद ही वे कुछ कह सकेंगे। 
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दिल्लीः स्वास्थ्य बुलेटिन में मरकज के मरीजों के कॉलम पर एतराज

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग ने दिल्ली सरकार की तरफ से जारी होने वाले कोरोना वायरस के संक्रमण से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों में तब्लीगी जमात के मरीजों का अलग से जिक्र होने पर एतराज जताया है। आयोग ने इस बारे में दिल्ली सरकार को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि इस तरह की चीजों से इस्लामोफोबिया के एजेंडे को बढ़ावा मिल रहा है। लिहाजा संप्रदाय के आधार पर दिए जाने वाले कॉलम को हटाया जाए।

आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान ने पत्र में कहा है कि दिल्ली सरकार रोज कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की लिस्ट जारी करती है। इसमें अलग से मरकज का कॉलम होता है। इससे इस्लामोफोबिया के एजेंडे को बढ़ावा मिल रहा है। यह देश के अलग-अलग हिस्सों में मुस्लिम समुदाय के सामाजिक बहिष्कार पर आक्रमण की वजह बन रहा है। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में ऐसा ही एक वाकया हुआ है।

आयोग के अध्यक्ष का कहना है कि इस तरह की आंकड़ेबाजी को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी संज्ञान में लिया है। संगठन ने कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का धार्मिक या दूसरे किसी तरह से भेदभाव न किया जाए। आयोग ने इस कॉलम को हटाने की मांग भी दिल्ली सरकार से की है।
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दिल्ली अस्पताल ने बिना प्रशासन को बताए परिजनों को सौंपा कोरोना संक्रमित का शव

डॉ. जफरुल इस्लाम
पंजाबी बाग स्थित महाराजा अग्रसेन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कोरोना मरीज को लेकर लापरवाही बरतने के आरोप में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मामला रोहतक हरियाणा निवासी एक महिला के इलाज में लापरवाही तथा उससे दूसरे मरीज को हुए संक्रमण के बाद मौत से जुड़ा है।

इतना ही नहीं, अस्पताल ने मरीज की मौत के बाद उसका शव परिजनों को सौंप दिया जिससे उसका बेटा भी कोरोना पॉजिटिव हो गया। अस्पताल प्रशासन ने प्रशासन को सूचना दिए शव परिवार को सौंपा था।

इन बातों का खुलासा होने के बाद अस्पताल प्रबंधन पर सरकारी आदेश का उल्लंघन, महामारी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक 10 मार्च को अस्पताल में रोहतक निवासी 72 वर्षीय महिला को इलाज के लिए भर्ती कराया गया  था। बाद में उसे गंगाराम अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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सड़क पर पड़े दो-दो हजार के नोटों को देख इधर-उधर भागने लगे लोग

बुध विहार इलाके में बृहस्पतिवार बीच बाजार सड़क पर पड़े दो-दो हजार रुपये के नोटों को देखकर लोग दूर भागने लगे। दरअसल किसी ने नोट देखकर यह अफवाह फैला दी कि कोरोना फैलाने की साजिश के तहत किसी ने थूक लगाकर नोटों को सड़क पर गिराया है। जो भी नोट उठाएगा उसे कोरोना हो जाएगा। इसका वीडियो भी वायरल कर दिया गया। 

उधर, सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने भी नोटों को उठाया नहीं बल्कि ईंट से ढक दिया। कुछ देर बाद नोटों का मालिक वहां पहुंचा तो छानबीन के बाद सभी नोट उसके हवाले कर दिए गए।

पुलिस के मुताबिक सभी नोट श्याम विहार कालोनी, बुध विहार निवासी मृत्युंजय शर्मा के थे। मृत्युंजय शर्मा ने बृहस्पतिवार दोपहर को एसबीआई के एटीएम से 20 हजार रुपये निकाले थे। 

जल्दबाजी के चक्कर में उसके दो-दो हजार के कई नोट सड़क पर गिर गए। मृत्युंजय तो वहां से चला गया, लेकिन किसी ने नोटों में कोरोना होने की अफवाह फैला दी। फिर क्या मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग नोटों को देखकर इधर-उधर भागने लगे। 
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मरकज से लौटे थे हॉटस्पॉट के फ्लैट में रहने वाले सभी लोग, शाहजहांनाबाद अपार्टमेंट सील

द्वारका के हॉटस्पॉट सेक्टर-11 स्थित शाहजहानाबाद अपार्टमेंट में छह कोरोना संक्रमित मरीज रह रहे थे। पहले दो कोरोना पॉजिटिव मिले थे, लेकिन बाद में फ्लैट में रहने वाले सभी लोगों की जांच की गई तो चार अन्य के कोरोना पॉजिटिव होने का खुलासा हुआ। चौंकाने वाली बात यह है कि इस फ्लैट में रहने वाले सभी लोग मरकज से लौटे थे। बताया जा रहा है कि इससे पहले सभी संक्रमित मरीज 40 दिन तक बांग्लादेश में एक जमात में शामिल होकर लौटे थे। पूरे अपार्टमेंट को आइसोलेट कर दिया गया है। 

द्वारका के सेक्टर-11 स्थित शाहजहानाबाद अपार्टमेंट में 21 मार्च को कुछ लोग बांग्लादेश से लौटने के बाद पहुंचे थे, इसके बाद तब्लीगी जमात में शामिल हुए। जैसे ही लॉकडाउन लागू हुआ, उसी रात यहां सभी लोग पहुंच गए। सभी इस अपार्टमेंट में एक ही फ्लैट में रुके। जांच में पहले एक पति-पत्नी के कोरोना संक्रमित होने का खुलासा हुआ। 

बाद में शेष लोगों की जांच की गई, तो चार और कोरोना पॉजिटिव मिले। एक आला प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि सभी जमात में शामिल हुए थे, लेकिन इससे पहले 40 दिन तक बांग्लादेश की एक जमात में शामिल होने के बाद यहां पहुंचे थे।

दूसरे के फ्लैट में रुके थे
जिस फ्लैट में 10 लोग रह रहे थे, वह फ्लैट किसी और का है। इनमें से अधिकतर कोरोना संक्रमित मरीज जम्मू-कश्मीर के बताए जा रहे हैं। सभी लोग आपस में रिश्तेदार हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि जिस रात सभी लोग इस फ्लैट में रुकने के लिए अपार्टमेंट में पहुंचे, उन्हें मना किया गया था। इस बात को लेकर कहासुनी भी हुई थी, लेकिन सोसाइटी के किसी सदस्य के कहने पर उन्हें अंदर प्रवेश करने दिया गया।
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पिता में कोरोना संक्रमण के लक्षणों के आधार पर मांगी जमानत, खारिज

पिता में कोरोना संक्रमण के लक्षण और अस्थमा की शिकायत होने के आधार पर एक विचाराधीन कैदी की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि कोरोना संक्रमण का खतरा काफी अधिक है। 

अगर कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित व्यक्ति से मुलाकात करता है तो इससे दोनों की सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। विचाराधीन कैदी 2014 में कैश वैन से डेढ़ करोड़ रुपये की लूट और गार्ड की हत्या का आरोपी रिजवान है। उसने अदालत में 30 दिन के लिए जमानत की याचिका दायर की थी। 

सुप्रीम कोर्ट में जमानत की गुहार

उधर, गौतमबुद्ध नगर के जिला कारागार के कैदी राजू उर्फ मदन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर परिवार की देखरेख और अपनी बीमारी का इलाज कराने के लिए अंतरिम जमानत की गुहार लगाई है। पत्र ने राजू ने कहा है कि वह 1 अप्रैल 2014 से धारा 302 के तहत विचाराधीन कैदी के रूप में जिला कारागार गौतमबुद्ध नगर में बंद है। छह साल में आरोप सिद्ध नहीं हुआ है।

जमानत अर्जी उच्च न्यायालय इलाहाबाद में लंबित है। अंतरिम जमानत की अवधि में भी कोर्ट के जो भी आदेश होंगे, वह पालन करेगा। आदेश के अनुपालन में निर्धारित समय से पहले ही न्यायालय के समक्ष उपस्थित भी हो जाएगा।
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दिल्लीः पूछताछ में शामिल हुए पांच मौलाना, बोले मरकज में कर रहे थे सभी नियमों का पालन

निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज के मौलाना मोहम्मद साद व मरकज के अन्य मौलानाओं के खिलाफ दर्ज मामले में दिल्ली पुलिस को कामयाबी हाथ लगी है। मरकज के पांच मौलाना तफ्तीश में शामिल हो गए हैं। इन मौलानाओं ने पूछताछ में खुद को बेगुनाह बताया है और कहा है कि वह सरकारी नियमों का मरकज में पालन कर रहे थे।

अपराध शाखा के सूत्रों ने दावा किया है कि साद को कुछ दिनों में गिरफ्तार किया जा सकता है। मौलाना मोहम्मद साद का क्वारंटीन 11 अप्रैल को खत्म हो रहा है। पुलिस आपराधिक षड्यंत्र रचने जैसी कुछ धाराएं एफआईआर में जल्द ही जोड़ सकती है।

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने तब्लीगी मरकज के मौलाना मोहम्मद साद के अलावा मोहम्मद अशरफ, मुफ्ती शहजाद, डॉ. जीशान, मुरसालीन सैफी, मो. सलमान और यूनुफ के खिलाफ महामारी अधिनियम व सरकारी आदेश की अवहेलना आदि धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मो. जीशान, मुरसालीन सैफी, मोहम्मद अशरफ, मो. सलमान और मुफ्ती शहजाद तफ्तीश में शामिल हो गए हैं।

ये लोग बुधवार को ही दिल्ली पुलिस की तफ्तीश में शामिल हो गए। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस के दबाव में ये तफ्तीश में शामिल हुए हैं। बृहस्पतिवार को इनसे आमने-सामने बैठाकर कई घंटे पूछताछ की गई। सभी ने खुद को बेगुनाह बताया है।

आरोपियों का कहना है कि वह मरकज में सरकारी नियमों का पालन कर रहे थे। सामाजिक दूरी बनाकर जमातियों को रखा जा रहा था। इन्होंने ये भी दावा किया है कि वह अपने पल्ले से जमातियों पर पैसे भी खर्च करते थे। वह तो लोगों की निस्वार्थ सेवा कर रहे थे।

हालांकि दिल्ली पुलिस इनके दावों पर फिलहाल विश्वास नहीं कर रही है। आरोपियों से पूछताछ में ये बात सामने आई है कि इनको खुद नहीं पता था कि मरकज में लोगों के कोरोना संक्रमित होने का मामला इतना बड़ा बन जाएगा। 

मौलाना साद पर नजर
अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मौलाना मोहम्मद साद पर अपराध शाखा ने पूरी नजर रखी हुई है। मोहम्मद साद को तीसरा नोटिस भेजकर पूछताछ में शामिल होने के लिए बुलाया जा सकता है। पूछताछ के बाद मोहम्मद साद को गिरफ्तार किया जा सकता है। मोहम्मद साद का 14 दिन का क्वारंटीन समय 11 अप्रैल को खत्म हो रहा है। 

 
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राजधानी के कई इलाके सील होने से बढ़ी लोगों की मुश्किलें

एक तरफ जहां लोग 14 अप्रैल को लॉकडाउन के खत्म होने की उम्मीद लगा रहे थे। वहीं, दिल्ली के कुछ इलाके सील होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। साथ ही अपने इलाकों में कोरोना वायरस के केस मिलने के बाद उनमें डर है। मयूर विहार में सील किए गए वर्धमान अपार्टमेंट के पास परवाना अपार्टमेंट के लोगों का कहना है कि आगामी 14 अप्रैल से काफी उम्मीद थी, लेकिन इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है। 

वहीं, घर में बच्चे भी अब रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। काफी दिनों से वे भी टीवी आदि देखकर बोर हो चुके हैं। ऐसे में उन्हें समझाना भी मुश्किल है। नजदीक ही स्थित समाचार अपार्टमेंट के लोगों का कहना है कि उनके इलाके में भी इस तरह की अफवाह है कि सीलिंग को बढ़ाया जाएगा। साथ ही इलाके में भारी पुलिस बल भी तैनात हो गया है।

वहीं, दूसरी ओर लाजपत नगर-एक के एच ब्लॉक में कोरोना के संदिग्ध मिलने के बाद कृष्णा मार्केट बंद रखने के लिए कहा गया है। इस मार्केट को सैनिटाइज किया जाएगा। लाजपत नगर निवासी ज्योति ने बताया कि जरूरी सामान स्टॉक कर लिया है। ऐसे में हम घर में रहकर ही सुरक्षित रहेंगे। उल्लेखनीय है कि कोरोना के प्रकोप को देखते हुए दिल्ली सरकार ने 20 इलाकों को सील कर दिया है। इन इलाकों में लोगों की आवाजाही पूरी तरह से बंद है और पुलिस व अर्द्धसैनिक बल की तैनाती कर दी गई है। 
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