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इस फिल्म की शूटिंग के लिए आमिर खान पहुंचे गाजियाबाद, किसी को नहीं हुई कानोंकान खबर, देखें तस्वीरें

aamir khan aamir khan

बसपा सांसद मलूक नागर पर कसा इनकम टैक्स का शिकंजा, दिल्ली-एनसीआर और बिजनौर में छापेमारी

गाजियाबाद में बुधवार सुबह बसपा नेता मलूक नागर के ठिकानों पर इनकम टैक्स विभाग का छापा पड़ा है। सिर्फ गाजियाबाद ही नहीं मलूक नागर के हापुड़, गढ़, ग्रेटर नोएडा में परी चौक और दिल्ली के ठिकानों पर भी कार्रवाई चल रही है। जानकारी के अनुसार मलूक नागर की ससुराल व परिवार से जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी कार्रवाई की जा रही है।

यह छापा बीते छह साल के दौरान आयकर रिटर्न में कारोबार कम दिखाने को लेकर पड़ा है। जबकि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कारोबार कहीं ज्यादा का हुआ था, जितना कागजों में दिखाया गया है। मामले में मलूक नागर के सीए से भी पूछताछ होने की संभावना है।

मलूक नागर की कंपनी का मूल काम डेयरी का है, जो लंबे समय से मदर डेयरी को अपना दूध बेचने का काम करती है। आज की कार्रवाई इनकम टैक्स की लखनऊ विंग की तरफ से की जा रही है। मलूक नगर के दिल्ली स्थित आवास पर भी इनकम टैक्स की टीम कार्रवाई कर रही है।

बिजनौर में भी चल रही छापामारी
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद से सांसद मलूक नागर के आवास पर इनकम टैक्स की टीम ने बुधवार को छापा मारा। छापामारी के दौरान टीम के साथ बड़ी संख्या में पीएसी तैनात है। बताया गया कि इनकम टैक्स की टीम चार गाड़ियों में पहुंची है। इनमें दिल्ली, मुरादाबाद और लखनऊ के अधिकारी पहुंचे हैं।

वहीं सांसद के निवास के सूत्र के अनुसार लगभग डेढ़ दर्जन अधिकारी साढ़े आठ बजे आए। तभी से कार्रवाई जारी है। अधिकारी किसी को कुछ नहीं बता रहे हैं।
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nikita murder case

जंगलराजः दिल्ली की गलियों में बहा खून, लहराये हथियार, कत्ल के बाद हमलावर फरार

महेंद्र पार्क के पीपलथला इलाके में मंगलवार दोपहर तेज म्यूजिक बजाने से मना करने पर एक समुदाय ने दूसरे समुदाय पर छुरा, चापड़ और अन्य हथियारों से हमला कर दिया। घटना में परिवार के एक भाई की मौत हो गई, जबकि दो भाई गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। आरोप है कि हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद हथियार लहराते हुए फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले पिता और उसके दो बेटों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो फरार बेटों की तलाश कर रही है। 

पुलिस के अनुसार मृतक की शिनाख्त 29 वर्षीय सुशील के रूप में हुई है, जबकि घायल भाइयों की पहचान सुनील और अनिल के रूप में हुई है। सुशील अपनी पत्नी और तीन साल के बेटे के साथ रहता था। साथ ही उसके भाई भी अपने परिवार के सदस्यों के साथ पड़ोस में रहते हैं। मंगलवार दोपहर करीब सवा तीन बजे पीपलथला में पड़ोसियों के बीच झगड़ा होने की दो कॉल आई। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि गली में खून बिखरा पड़ा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि अब्दुल के परिवार वालों ने पड़ोसी सुशील और उसके भाइयों पर घातक हथियार से हमला कर दिया है। घायल तीनों भाइयों को इलाज के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले जाया गया है। जहां डॉक्टरों ने सुशील को मृत घोषित कर दिया है। छानबीन के बाद पुलिस ने बताया कि सुशील के पड़ोस में अब्दुल अपने परिवार के साथ रहता है। 

दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। अब्दुल ने सुशील पर शराब बेचने का आरोप लगाया। वहीं, सुशील के परिवार वालों ने अब्दुल के घर वालों पर तेज आवाज में म्यूजिक बजाने का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर अब्दुल और उसके दो बेटों आफाक और शहनवाज को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि फरार हसीम और चांद की तलाश कर रही है।

तनाव को देखते हुए इलाके में पुलिस बल तैनात
दो समुदायों के बीच खूनी संघर्ष के बाद इलाके में तनाव है। वारदात के वक्त लोग अपने घरों कैद हो गए। पुलिस के आने के बाद दूसरे समुदाय के लोग बाहर निकले, जिनमें तनाव साफ तौर पर देखा जा रहा था। आरोपी परिवार के लोग घर को छोड़कर कहीं अन्य जगह पर जा चुके थे। जबकि मृत सुशील के घर पर लोगों का जमावड़ा लगा हुआ था। आस पास के लोग उसके परिवार वालों से मिलने के लिए आ रहे हैं। 
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गिरफ्त में जालसाजः रेलिगेयर के 2397 करोड़ गबन में पूर्व सीईओ समेत दो धरे गए

रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) के 2397 करोड़ रुपये के गबन के मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड के पूर्व सीईओ ग्रेटर कैलाश-2 में रहने वाले मनिंदर सिंह और स्टॉक ब्रोकर फर्म आर्क फाइनेंस लिमिटेड के प्रमोटर व निदेशक फरीदाबाद के नरेंद्र कुमार घोषाल के तौर पर हुई है। 

इस मामले में प्रमुख दवा कंपनी रेनबैक्सी के प्रमोटर रहे मालविंदर मोहन सिंह और शिवेंदर मोहन सिंह समेत पांच लोगों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। इन  पर आरएफएल से मिले फंड में हेराफेरी करते हुए उसे अपने निजी खर्च में इस्तेमाल करने का आरोप है।

ज्वाइंट सीपी डॉ. ओपी मिश्रा के मुताबिक, मनप्रीत सिंह ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड पर नियंत्रित रखने वाले मालविंदर, शिवेंदर और सुनील गोधवानी समेत प्रबंधन में शामिल कई अहम पदाधिकारियों के नाम पर आरएफएल से उन कंपनियों को लोन दिलाया, जिनकी कोई वित्तीय हैसियत ही नहीं थी। इन कंपनियों ने जानबूझकर लोन नहीं लौटाया, जिससे आरएफएल को 2397 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह बात आरबीआई और सेबी के ऑडिट में भी सामने आई। 

मनिंदर सिंह 2017 में रेलिगेयर ग्रुप के निदेशक और सीईओ थे, जो मालविंदर और शिवेंदर के साथ इस साजिश में शामिल थे। वह प्रबंधन कमेटी के सदस्य भी थे, जो कॉरपोरेट को लोन का भुगतान करती थी। मनिंदर और कवि अरोड़ा ने 13 कॉरपोरेट कंपनियों से जालसाजी कर 700 करोड़ रुपये के लोन दे दिया, जिसका फायदा रेलिगेयर ग्रुप के प्रमोटर्स को मिला। 

मनिंदर रेलिगेयर ग्रुप के चीफ बिजनेस ऑफिसर भी थे। जालसाजी कर लोन का यह पैसा नरेंद्र कुमार घोषाल के नियंत्रित वाली कंपनियों के खातों में भेज दिया गया। आर्थिक अपराध शाखा लंबे वक्त से आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर आरोपी मनिंदर सिंह और नरेंद्र कुमार घोषाल को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया है।
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