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UP Police SI भर्ती : इतने नंबर की होगी निगेटिव मार्किंग, जानिए कैसे करनी है परीक्षा की तैयारी
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UP Police SI भर्ती : इतने नंबर की होगी निगेटिव मार्किंग, जानिए कैसे करनी है परीक्षा की तैयारी

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अलर्ट : दिल्ली में बढ़ सकती है सप्ताहांत कर्फ्यू की समय-सीमा, समीक्षा बैठक में फैसला आज

राजधानी में कोरोना की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए दिल्ली सरकार सप्ताहांत कर्फ्यू की समय सीमा एक सप्ताह बढ़ सकती है। साथ ही पूरे सप्ताह की बंदी पर भी विचार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री की सोमवार को होने वाली समीक्षा बैठक में इन विषयों पर चर्चा होगी।

इसमें कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर चर्चा की जाएगी। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जरूरी हुआ तो सप्ताहांत कर्फ्यू की समय सीमा बढ़ा दी जाएगी। हो सकता है कि पूरे सप्ताह के कर्फ्यू पर भी फैसला लिया जा सकता है।

इससे पहले दिल्ली सरकार ने पिछले सप्ताह 16 अप्रैल की रात 10 बजे से 19 की सुबह 5 बजे तक के लिए वीकेंड कर्फ्यू का एलान किया था। उस वक्त सरकार का मानना था कि संक्रमण की स्थिति को देखते हुए अगले हफ्ते इस बारे में फैसला लिया जाएगा।

इस बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कई बार कर चुके है कि हालात नाजुक हुए तो दिल्ली सरकार सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि राजधानी में कोरोना मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी हो रही है। साथ ही आईसीयू बेड भी 100 से कम ही बचे हैं। दवाओं की कमी हो रही थी।

उधर ,दिल्ली में बेड की संख्या को तेजी से बढ़ाने के लिए रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र ने डीआरडो के कोविड सेंटर, राधा स्वामी सत्संग व्यास कोविड केंद्र, खेल गांव कोविड सेंटर और कई अस्पतालों का दौरा किया।

इन सभी केंद्रों में आने वाले करीब 7 हजार बिस्तर बढ़ जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली के हालात चिंता का विषय हैं। चार दिन में ही करीब 75 हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं। संक्रमण दर भी 30 फीसदी से अधिक हो गई है। सोमवार को होने वाली समीक्षा बैठक में सरकार सप्ताहांत कर्फ्यू को बढ़ाने के साथ-साथ पूरे सप्ताह के कर्फ्यू पर भी फैसला ले सकती है।
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night curfew night curfew

अमर उजाला पड़ताल : दिल्ली में जांच के लिए बढ़ रही है वेटिंग, 72 घंटे बाद भी रिपोर्ट नहीं

दिल्ली के शक्ति नगर निवासी 71 वर्षीय विजय कुमार शर्मा कुछ दिन से बीमार हैं। उन्हें बुखार और जुकाम की शिकायत थी। कोरोना संक्रमण के चलते उन्होंने दीप चंद बंधु अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच कराई, लेकिन उनकी रिपोर्ट आने में तीन दिन का वक्त लग गया। 10 अप्रैल को उन्होंने जांच कराई थी, 14 अप्रैल को उन्हें पता चला कि रिपोर्ट निगेटिव है। इससे पहले भी उन्होंने आरटीपीसीआर जांच कराई थी, जिसकी रिपोर्ट का अब तक उन्हें पता नहीं चला है। शर्मा की तरह ऐसे कई मामले राजधानी में हैं जिन्हें 72 घंटे बाद भी रिपोर्ट नहीं मिल रही है।

लक्ष्मी नगर निवासी 65 वर्षीय आशा देवी ने बताया कि उन्होंने बीते सोमवार को कोरोना की जांच कराई थी, लेकिन रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है। उन्होंने शकरपुर स्थित एक प्राइवेट लैब में जांच कराई थी। इसे लेकर जब ‘अमर उजाला’ ने पड़ताल शुरू की तो पता चला कि राजधानी की ज्यादातर लैब अतिरिक्त भार पड़ने की वजह से समय पर रिपोर्ट नहीं दे पा रही हैं। एक लैब के मुताबिक, उनके यहां रोजाना करीब 2 हजार सैंपल जांच के लिए आ रहे हैं। स्टाफ कम होने के कारण दो शिफ्ट में काम हो रहा है। एक दूसरी लैब का कहना है कि पहले के मुकाबले कई गुना सैंपल बढ़ने से उनके यहां वेटिंग भी बढ़ने लगी है। उन्होंने होम सैंपल की सुविधा बंद कर दी है। कम से कम 48 से 72 घंटे का समय लग रहा है।

उधर, दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनके यहां से सबसे अधिक सैंपल स्पाइस हेल्थ कंपनी को भेजे जा रहे हैं, लेकिन वहां से रिपोर्ट आने में 72 घंटे से भी अधिक वक्त लग रहा है। शुरूआत में उन्होंने छह घंटे में रिपोर्ट देने का वादा किया था। इसलिए रविवार को दिल्ली सरकार ने स्पाइस हेल्थ को सैंपल भेजना बंद कर दिया। बीते शुक्रवार को 27400 सैंपल भेजे गए थे, जिनमें से कुछ की रिपोर्ट ही अब तक मिल पाई हैं। 

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि राजधानी की प्रत्येक लैब को जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट देने का आदेश दिया जा चुका है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जा सकती। दिल्ली में 101 लैब में कोरोना की जांच हो रही है, जिनमें 29 सरकारी और 72 प्राइवेट लैब में शामिल हैं। बीते 10 अप्रैल से ही रोजाना 90 हजार से भी अधिक सैंपल की जांच हो रही है, जिनमें 70 फीसदी सैंपल की जांच आरटीपीसीआर के जरिए की जा रही है। आमतौर पर आरटीपीसीआर जांच में कम से कम तीन से चार घंटे का वक्त लगता है, लेकिन यह स्थिति तब है जब सैंपल से अधिक संख्या में संसाधन हों। 

क्षमता से अधिक जांच
दीप चंद बंधु अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि उनकी लैब के पास सीमित संसाधन हैं, जिन्हें घंटे या दिन में नहीं बांधा जा सकता है। उनकी पूरी कोशिश है कि एक दिन में ही रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा सके। सफदरजंग अस्पताल के अनुसार, उनके यहां एक दिन में करीब दो से ढाई हजार तक सैंपल की जांच हो रही है। क्षमता एक से डेढ़ हजार सैंपल की है। तीन शिफ्ट में उनके यहां जांच चल रही है। 

मरीज के उपचार में हो सकती है देरी
लोकनायक, दिल्ली एम्स, सफदरजंग, जीटीबी और आरएमएल अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार उनके यहां मरीज के भर्ती होने के 72 घंटे में सबसे अधिक मौतें हो रही हैं। इसके पीछे वजह यह है कि मरीज गंभीर हालत में उनके यहां पहुंच रहे हैं। एम्स के डॉ. अंजन त्रिखा का कहना है कि जांच रिपोर्ट में देरी होने से काफी नुकसान हो सकता है। इस समय हालात ऐसे हैं कि जब तक जांच रिपोर्ट मिलती है तब तक मरीज ऐसी स्थिति में पहुंच चुका होता है कि उसे सांस लेने में तकलीफ, ऑक्सीजन 92 से भी कम आदि दिक्कतें हो रही हैं। ऐसा इसलिए भी कि दिल्ली में संक्रमण की चौथी लहर में एक नहीं, बल्कि वायरस के और भी वैरिएंट काम कर रहे हैं, जो पहले से ज्यादा ताकतवर हैं। 

कंटेनमेंट जोन की योजना पर पड़ेगा असर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अगर कोई मरीज कोरोना संक्रमित मिलता है तो 72 घंटे के अंदर उसके संपर्क में आने वाले कम से कम 30 लोगों की स्क्रीनिंग करके जांच प्रक्रिया को पूरा कर लेना चाहिए। यदि रिपोर्ट आने में ही तीन से चार दिन का वक्त लगेगा तो आगे की कंटेनमेंट जोन बनाने की प्रक्रिया पर भी असर पड़ता है, जो सुपर स्प्रेडर या फिर संक्रमण स्रोत का पता लगाने में असफल करता है।
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दिल्ली : आज शुरू हो जाएगा डीआरडीओ का कोविड केंद्र, पहले चरण में 250 बेड की व्यवस्था, बढ़ाने की मांग

दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए बेड बढ़ाने का सिलसिला भी लगातार जारी है। राजधानी में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ( डीआरडीओ) ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए दिल्ली कैंट में बने कोविड केयर केंद्र को दोबारा चालू कर दिया है जिसमें 500 बैड की व्यवस्था है। यह सभी आईसीयू बेड हैं। 

डीआरडीओ के एक अधिकारी ने बताया कि इस केंद्र को डॉक्टरों को सौंप दिया गया है। सोमवार से यहां पर मरीजों की भर्ती शुरू कर दी जाएगी। अभी कुछ दिन 250 बेड की व्यवस्था रहेगी और फिर उसके बाद 500 बेड मरीजों के लिए उपलब्ध होंगे। दवाइयों के लिए भी पूरे इंतजाम हैं। जरूरी दवाइयां यहां पर कम न हों इसके लिए सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। 

बेड बढ़ाने की मांग
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार के अस्पतालों में 10 हजार में से 7 हजार बेड्स कोरोना के लिए सुरक्षित करने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी कमी हो रही है इसलिए तुरंत ऑक्सीजन मुहैया कराई जाए। उन्होंने अपील की है कि डीआरडीओ 500 आईसीयू बेड बना रहा है, इसे बढ़ा कर 1000 बेड कर दिए जाए। 

प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र में दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा है कि दिल्ली में कोरोना की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। कोरोना बेड्स और ऑक्सीजन की भारी कमी है। लगभग सभी आईसीयू बेड्स भर गए हैं। अपने स्तर पर हम सभी तरह के प्रयास कर रहे हैं और इसमें आपकी भी मदद की जरूरत है। अभी तक हमें केंद्र से काफी सहयोग मिला है। मुझे उम्मीद है कि उपर्युक्त विषयों पर भी आप हमारी मदद जरूर करेंगे।

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को जानकारी देते हुए पत्र में कहा है कि यह बात मैंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी साझा की है। डीआरडीओ कोविड केंद्र में आईसीयू के 500 बेड को बढ़ाकर 1000 कर दिया जाए तो बड़ी मेहरबानी होगी। 
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दिल्ली : कर्फ्यू के दौरान पुलिस से बदसलूकी, दंपती के खिलाफ मामला दर्ज

मध्य दिल्ली के दरियागंज स्थित दिल्ली गेट इलाके में वीकेंड कर्फ्यू के दौरान दंपती का पुलिसकर्मियों से बदसलूकी का वीडियो वायरल हो गया। पति के साथ बिना मास्क के घूम रही कार सवार महिला को पुलिस ने जांच के लिए रोका तो वह रौब झाड़कर पुलिसकर्मियों को बुरा कहने लगी। यहां तक उनको कम पढ़ा लिखा और खुद को यूपीएससी टॉपर बताकर डराने लगी। 

थाने से महिला स्टाफ को बुलाकर महिला को काबू कर थाने लाया गया। इस दौरान महिला ने पुलिसकर्मियों का हाथ भी झटक दिया। आरोपी महिला ने भीड़ को भी उकसाने का प्रयास किया। फिलहाल पुलिस ने दंपती के खिलाफ सरकारी आदेश के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। वीडियो देखने के बाद जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले में और भी धाराएं जोड़ने की बात कर रहे हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बदसलूकी करने वाला दंपती पटेल नगर इलाके का रहने वाला है। आरोपी शख्स की पहचान पंकज और महिला की आभा के रूप में हुई है। दोनों खुद को पति-पत्नी बता रहे थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे दिल्ली गेट के पास पुलिस की टीम ने जांच के लिए कार सवार दंपती को रोका। 

महिला ने कार में मास्क नहीं लगाया हुआ था। दोनों से कर्फ्यू के दौरान बाहर निकलने का कारण पूछा तो दोनों जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद महिला पुलिस जवानों से बदलसूकी पर उतर आई। किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उधर पुलिस दोनों को थाने ले गई, जहां दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस उनसे पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
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कोरोना से हाहाकार: दिल्ली में मिले 25 हजार से अधिक नए मामले, 161 मरीजों की मौत

पुलिस से अभद्रता...
राजधानी में कोरोना के तेजी से बढ़ रहे मामलों के बीच रविवार को एक दिन में ही रिकॉर्ड 20 हजार से ज्यादा लोगों ने कोरोना को मात दी। संक्रमण की शुरूआत के बाद ऐसा पहली बार है जब एक दिन में ही इतने अधिक लोग स्वस्थ हुए। हालांकि, दिल्ली में कोरोना के दैनिक मामलों के बढ़ने का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 25,462 लोग संक्रमित हुए हैं और 161 लोगों की मौत हुई। चिंता की बात यह है कि संक्रमण दर भी बढ़कर करीब 30 फीसदी हो गई है। वहीं, कोरोना से होने वाली कुल मौत का आंकड़ा भी 12 हजार के पार पहुंच गया है। 

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, रविवार को 20,159 लोग स्वस्थ हुए। इससे पहले शनिवार को भी 15 हजार से ज्यादा मरीज स्वस्थ हुए थे। हालांकि, जिस हिसाब से संक्रमित बढ़ रहे हैं, उसके मुकाबले स्वस्थ होने वालों की संख्या कम है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में अब कुल मरीजों की संख्या 8,53,460 पहुंच गई है। इसमें से 7,66,398 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। अब तक 12,121 लोगों की मौत हो चुकी है। बीते एक माह में ही एक हजार से ज्यादा लोग कोरोना से जान गंवा चुके हैं। संक्रमण से मृत्युदर 1.42 फीसदी है। वहीं, कुल संक्रमण दर 5.26 फीसदी है। सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 74,941 हो गई है।इसमें से 13,787 अस्पतालों में भर्ती है। होम आईसोलेशन में 34,938 रोगियों उपचार हो रहा है और कोविड केंद्रों में 638 मरीजों का इलाज चल रहा है।

विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 85.620 लोगों की जांच की गई। आरटीपीसीआर तरीके से 56,015 और रैपिड एंटीजन प्रणाली से 29,605 टेस्ट हुए। अब तक 1 करोड़ 62 लाख 80 हजार सैंपल की जांच हो चुकी है। कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 13259 हो गई है। है।

67,448 लोगों का हुआ टीकाकरण
अधिक लोगों को टीका लगाया गया। अब तक करीब 25 लाख ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 700 से अधिक केंद्रों पर चले टीकाकरण कार्यक्रम में कुल 67,448  लोगों को टीका लगाया गया। कुल टीकाकरण में 54,306 को पहली व 13,142 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई। अब तक 25,65,918 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।
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सख्ती: दिल्ली सरकार ने दो निजी अस्पतालों पर दर्ज कराया केस, चार एयरलाइंस पर भी शिकंजा

कोरोना के बढ़ते मामलों से दिन-प्रतिदिन स्थिति बिगड़ती जा रही है। लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में बेड नहीं मिल रहे हैं। इस बीच कोरोना एपप पर बेडों के बारे में गलत डेटा दिखाने के लिए दिल्ली सरकार ने दो निजी अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। उसके खिलाफ डीडीएमए अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। 
 
एयरलाइंस पर शिकंजा
दूसरी ओर, दिल्ली सरकार ने महाराष्ट्र से यात्रियों को वैध आरटीपीसीआर जांच के बिना ही यात्रा करने वाली विमान कंपनियों पर शिकंजा कसा है। विमान यात्रा करा रहीं चार कंपनी जिसमें स्पाइसजेट, इंडिगो, विस्तारा और एयर एशिया के खिलाफ  एफआईआर दर्ज कराने को कहा है। इस संबंध में संबंधित डीएम ने विमान यात्रा करा रहीं इन चारों एयरलाइन्स के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के थाना प्रभारी को लिखा। इसके बाद इनके खिलाफ मामला दर्ज करा लिया गया।  

उल्लेखनीय है कि कोविड मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने आदेश जारी किया है कि यात्रा शुरू करने वाले सभी इन लोगों की निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट अनिवार्य रूप से 72 घंटे से पुरानी नहीं होनी चाहिए। 

24 घंटे में लगभग 25,500 मामले
दिल्ली में कोरोना हर रोज अपना ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं। इसी बीच रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेसवार्ता कर वर्तमान स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 24 घंटे में लगभग 25,500 मामले सामने आए हैं। संक्रमण दर की रफ्तार बढ़कर करीब 30 प्रतिशत पहुंच गई है।

अमित शाह से राजधानी में बेड बढ़ाने की मांग की
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से राजधानी में बेड बढ़ाने की मांग की है। बताया कि अगले कुछ दिनों में राजधानी को छह हजार ऑक्सीजन बेड मिल जाएंगे। प्रेस वर्ता में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को साथ खड़े रहने के लिए शुक्रिया कहने के साथ ही ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने की गति जारी है। ज्यादा चिंता की बात यह है कि पॉजिटिविटी रेट 30 प्रतिशत बढ़ गया है।






दिल्ली में आईसीयू बेड की कमी
पिछले 24 घंटे में संक्रमण दर 24 से बढ़कर 30 प्रतिशत हो गया है। कोरोना के लिए जो बेड रिजर्व है वह काफी तेजी से खत्म हो रहे हैं। आईसीयू बेड की दिल्ली में कमी हो गई है। 100 से भी कम आईसीयू बेड खाली हैं। ऑक्सीजन की भी दिल्ली में काफी कमी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक निजी अस्पताल ने शनिवार को बताया था कि उनके पास ऑक्सीजन की कमी है। शनिवार की रात दिल्ली में बड़ी त्रासदी होते-होते बची। केंद्र सरकार से जो मदद मिली है उसका शुक्रिया। 
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दिल्ली : सात घंटे तक लगाए अस्पतालों के चक्कर, बेड नहीं मिला तो मरीज को रास्ते में छोड़ गई एंबुलेंस

दिल्ली में भयावह हालात: अस्पतालों में बेड की कमी, एंबुलेंस में दम तोड़ रहे मरीज, नहीं मिल रहा इलाज

देश भर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। राजधानी दिल्ली में हर बीतते दिन के साथ हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सरकार और प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद अस्पतालों में बेड अपनी क्षमता से अधिक भरे हुए हैं। किसी तरह से एंबुलेंस की व्यवस्था कर अगर मरीज अस्पताल पहुंच भी रहे हैं तो वहां लंबी लाइन लगी हुई है। 

मरीजों को भर्ती होने के लिए एंबुलेंस में ही घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। दिल्ली के प्रतिष्ठित लोक नायक जयप्रकाश नारायण और जीटीबी जैसे अस्पतालों तक में हालात यह हैं कि एक ही बेड पर दो मरीजों का इलाज किया जा रहा है। 

हालात यह हैं कि शनिवार देर रात लोकनायक अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर दो मरीजों ने एंबुलेंस में दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि वे आधा घंटे से एंबुलेंस में भर्ती होने का इंतजार कर रहे थे। बेड नहीं होने की वजह से उनके मरीज को दाखिल नहीं किया गया। इस वजह से मरीज की मौत हो गई। 

उधर, सोशल मीडिया पर देर रात कई वीडियो अस्पताल से वायरल हुए, जिसके बाद आनन-फानन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री ने आपातकालीन विभाग के बाहर तीमारदारों से बातचीत की। साथ ही अस्पताल में उनके मरीजों को भर्ती कराने का आदेश दिया। 

देर रात अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दिल्ली के सबसे बड़े कोविड विशेष अस्पताल लोकनायक में रात को दौरा करते हुए तीमारदारों से मुलाकात की। इस दौरान तीमारदारों से अपील की गई कि होम आइसोलेशन में रहकर भी बेहतर उपचार लिया जा सकता है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल प्रबंधन के अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन के निर्देश भी दिए हैं। मंत्री जैन का कहना है कि इस वक्त हर किसी के सहयोग की आवश्यकता है।

जिन मरीजों को लक्षण नहीं है या फिर उन्हें संक्रमित होने के बाद थोड़ी बहुत दिक्कत हो रही है तो ऐसे मरीज घर पर होम आइसोलेशन में रहकर भी उपचार ले सकते हैं। हालांकि अस्पताल के बाहर बिस्तर न मिलने से दो मरीजों की मौत होने के आरोपों को लेकर जानकारी नहीं मिली। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने भी देर रात कोई जानकारी नहीं दी।
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