सूरज से कितना प्यार करती थी जिया..पढ़िए ये लव लेटर

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 15 Jun 2013 12:39 PM IST
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letter of jiah khan to suraj pancholi

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अभिनेत्री जिया खान की आत्महत्या केस की जांच रही मुंबई पुलिस ने जिया के पांच नए पत्र बरामद किए हैं। यह पत्र पुलिस को सूरज पंचोली के घर से मिले हैं जो जिया ने पंचोली को लिखे। इनमें से एक पत्र में जिया ने जो कुछ लिखा है उससे पता चलता है कि जिया सूरज को बेइंतहा प्यार करती थी।
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टीओआई ने इन पांच पत्रों में से एक पत्र को हूबहू प्रकाशित किया है। हम आपको बताते हैं जिया ने इस पत्र के जरिये किस तरह सूरज से अपने प्यार का इजहार किया था।
मेरे प्यारे सूरज
मुझे पता है कि मैंने तुम्हें और खुद को दुख पहुंचाया है। मैं तहे दिल से तुमसे माफी मांगती हूं। मैं खुद से, परिवार और भगवान से वादा करती हूं की मेरी शख्सियत का यह पहलू हमेशा के लिए मिट चुका है और मिटा रहेगा। तुम्हारा साथ होना मेरे लिए वरदान की तरह है, इसने प्यार, समर्पण और असल दुनिया के प्रति मेरी आंखें खोल दी हैं। तुमने मुझे बदल दिया है और मैं इसके लिए तुम्हारा धन्यवाद करती हूं।

तुमने मुझे बचाया है, तुम्हारे प्यार ने मुझे खुश, स्थिर और सुरक्षित रहने के लिए मजबूर कर दिया है। आखिरकार मुझे रोशनी दिख गई है। तुम्हें समझने की जरूरत है कि मैं वो लड़की नहीं जैसा तुमने मुझे उस रात देखा था, मैं वो हूं जैसी मैं इस वक्त हूं। प्यार करने वाली, ख्याल रखने वाली और समझने वाली। मैंने तुम्हारे साथ बहुत असुरक्षित महसूस किया, पर उन दो दिनों में तुमने मुझे जो प्यार दिया उसने मेरी जिंदगी में उजाला कर दिया। मुझे, तुम्हें यह दिखाने का मौका नहीं मिला पर अगर मिलता तो मैं जरूर दिखाती।

दुनिया के सबसे खूबसूरत इंसान के तौर पर मेरी जिंदगी में बने रहने के लिए तुम्हारा शुक्रिया। मैं तुम्हे मदद करने का वादा करती हूं। जहां तुम चाहो और अपने माता-पिता को गर्व महसूस कराओ। तुमने मेरी बहुत मदद की है। मैं तुम्हें भी वो सब देना चाहती हूं। मैं जानती हूं कि मेरे लिए सिर्फ तुम ही हो। चाहे पति हो, प्रेमी हो, दोस्त या सामान्य परिचित के तौर पर हो। मैं हमेशा तुम्हारी ही रहूंगी। मेरे पास तुम्हे देने के लिए बहुत प्यार है। अब और आंसू, उदासी, अफसोस या गुस्सा नहीं। जो शब्द तुमने कहे वो मेरे लिए मतलब रखते हैं। तुम मेरे ऐंजल बन गए हो। मैं फिर से तुमसे माफी मांगती हूं। मैं तुम्हे अपने अतीत के बारे में सबकुछ बताना चाहती हूं ताकि तुम मुझे और अच्छी तरह समझ सको। आखिरकार मुझे लगता है कि मैं अपने अतीत के बुरे पलों से बाहर आ चुकी हूं।

धन्यवाद

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