इन 7 वजहों से जरूर देखनी चाहिए 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का'

रवि बुले Updated Sun, 23 Jul 2017 08:12 AM IST
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लिपस्टिक अंडर माई बुर्का
लिपस्टिक अंडर माई बुर्का

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इस शुक्रवार आखिरकार अलंकृता श्रीवास्तव की फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' रिलीज हो गई। ये फिल्म लंबे समय से अपनी रिलीज का इंतजार कर रही थी। महिलाओं की इच्छाओं को उजागर करती इस फिल्म में क्या है खास, जानिए इन 7 प्वाइंट्स में-
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1. फिल्म समाज में हर लिहाज से महिलाओं को पीछे रखने वाली सोच पर सवाल करती है।
2. यहां पर कथित नैतिकताओं पर अंगुली उठाई गई है। ये नैतिकता लादने वाले कौन हैं और वे खुद कितने नैतिक हैं? 
3. भोपाल में यह चार महिलाओं की समानांतर चलने वाली संघर्षपूर्ण कहानियां हैं और अलग-अलग चलते हुए एक सूत्र में बंध जाती हैं।

4. फिल्म की सेक्सुअल टोन कुछ लोगों को नापसंद आ सकती है। कुछ इसे लिपस्टिक-क्रांति का ‘लाल रंग’ मान सकते हैं। सेंसर बोर्ड को इस पर आपत्ति थी।

5. अपनी इच्छा के विरुद्ध चारदीवारी में बंद और नैतिकता की आड़ में कैद महिलाओं को लेकर कुछ सवाल आपके पास हों तो 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' उन्हें धार दे सकती है।

6. फिल्म महिलाओं की निजी जिंदगी के साथ उनक दिमाग में भी झांकती है। कई बातें चौंकाती हैं तो कुछ झकझोर देती हैं।

7. महिलाओं को आप जूझते देखते हैं कि सबसे बड़ा रोग, क्या कहेंगे लोग। फिल्म देखते हुए आप यह भी महसूस करते हैं कि पुरुष किरदारों को एक ही नजरिये से देखा गया है।
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