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गोरखपुर: भूमि विवाद में की गई थी मेडिकल स्टोर संचालक की हत्या, दस आरोपी गिरफ्तार

गोरखपुर में खोराबार इलाके के बल्ली चौराहे के पास मेडिकल स्टोर संचालक रामश्रय मौर्य की गोली मारकर हत्या का पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में चार नामजद समेत दस लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि भूमि के विवाद में ही हत्या की गई थी।

गिरफ्तार चौरीचौरा के करमहा निवासी अभिषेक मिश्रा उर्फ राहुल ने गोरखनाथ निवासी मोहम्मद अशरफ को शूटर के तौर पर तैयार किया था और हत्या कराई थी। दो लाख रुपये में सुपारी दी थी। घटना में इस्तेमाल पिस्टल, बुलेट बाइक, सफारी को बरामद कर लिया गया है।

डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने शनिवार को पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि दस एकड़ भूमि है जिस पर वर्तमान में रामश्रय का परिवार काबिज है। मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। जमीन पर कब्जा पाने के लिए ही ब्लाक प्रमुख शैलेश यादव की भाभी सीमा यादव व अन्य के द्वारा चौरीचौरा के करमहा निवासी अभिषेक मिश्रा उर्फ राहुल को जिम्मेदारी दी गई थी।

राहुल ने ही गोरखनाथ के मोहम्मद अशरफ को शूटर के तौर पर तैयार किया था। दो लाख रुपये की सुपारी दी और इसका भुगतान चेक से किया था। इसके बाद हत्या की गई। एसएसपी ने बताया कि हत्या के संबंध में भाई ने 13 लोगों पर केस दर्ज कराया था।

इसको ध्यान मे रखते हुए भूमि संबंधी प्रपत्रों के आधार पर मुल्जिमों की तलाश की जा रही थी। तभी जानकारी हुई कि पारिजात एसोसिएट के नाम से करीब दो माह पूर्व उक्त जमीन की रजिस्ट्री कराई गई है। इसके बावजूद कब्जा नहीं मिला, फिर जमीन पर कब्जा दिलाने की जिम्मेदारी अभिषेक मिश्रा को सौंपी गई। अभिषेक ने पारिजात को जमीन दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  

 
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पकड़े गए आरोपियों का पुलिस लाइन के सभागार में खुलासा करते एसएसपी। पकड़े गए आरोपियों का पुलिस लाइन के सभागार में खुलासा करते एसएसपी।

यूपी: देवरिया में सात पक्षियों की रिपोर्ट आई एआईवी पॉजिटिव, बढ़ाई गई पोल्ट्री फार्म की निगरानी

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में बर्ड फ्लू की आशंका के बीच एक और हैरान करने वाली खबर आई है। जिले के सात पक्षियों की मौत एआईवी (एवियन इंफ्लुएंजा वायरस) के चलते हो गई है। यह भी बर्ड फ्लू के समान ही खतरनाक और संक्रामक बीमारी है जो पक्षियों के माध्यम से इंसानों में फैलता है।

बीते दिनों पशुपालन विभाग ने जिले के अलग-अलग जगहों पर मृत पाए गए पक्षियों के 80 सैंपल इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट इज्जतनगर बरेली भेजा था। इनमें छह कौआ व एक बगुला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

दस दिन पूर्व बरहज स्थित पैना टैक्सी स्टैंड के पास बगीचे में तीन कौआ मृत मिले थे। आठ दिन पहले भटनी के खजूरी करौता गांव में बगुला मृत मिला था। 18 जनवरी को केसरपुर गांव में युकेलिप्टस के बगीचे में तीन कौआ मृत मिले थे।

स्थानीय पशु चिकित्सकों ने प्रत्येक पक्षियों के नाक व गूदाद्वार के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए बरेली भेजा था। राहत की बात यह है कि पोल्ट्री फॉर्म से भेजे गए करीब 70 सैंपल में किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है।

जिले में संक्रमित मिले पक्षियों से संक्रमण की संभावना को देखते हुए पशुपालन विभाग मुस्तैद है। पोल्ट्री फॉर्म से लगायत विभिन्न पक्षी आश्रयों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

सीवीओ विकास साठे ने कहा कि इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट इज्जतनगर बरेली को भेजे गए 80 सैंपल में सात पक्षियों की रिपोर्ट एआईवी पॉजिटिव आई है। यह बर्ड फ्लू के समान संक्रामक बीमारी है। जो पक्षियों के माध्यम से इंसानों में फैलता है। मुर्गियों में किसी प्रकार का संक्रमण नहीं मिला है।

 
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यूपी के इस जेल में बेकाबू हो रहा है कोरोना, जानिए दस दिनों में कितने मिले मरीज

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कोरोना संक्रमण पर काफी हद तक काबू पाने में कामयाबी मिलती दिख रही है, लेकिन जेल की चहारदीवारी के भीतर वायरस बेकाबू हो गया है। जेल में पिछले दस दिनों के भीतर 65 बंदी कोराना संक्रमित हो चुके हैं, जो प्रशासन से लेकर जेल और स्वास्थ्य महकमे के लिए चिंता का सबब बन गया है।

जनपद में कोरोना मरीजों के मिलने का आंकड़ा दहाई के अंक से नीचे आ चुका है। वहीं, पिछले दो माह के दौरान कोरोना से एक भी मौत न होना भी वायरस पर काबू पाने की तरफ इशारा करता है। मगर इन दिनों जिला कारागार एक बार फिर कोरोना का हॉटस्पॉट बनता दिख रहा है। यहां बीते 16 जनवरी से लेकर अब तक 65 बंदी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं।

जेल अधिकारियों की मानें तो यह सिलसिला 14 जनवरी से ही शुरू हो गया था जब जिला कारागार से दो बंदी संतकबीरनगर में पेशी पर गए। वहां से लौटने के बाद नियम के तहत उनका कोरोना टेस्ट कराया गया तो वह दोनों पॉजिटिव मिले। मगर इस दौरान वह बैरक के बाकी बंदियों के साथ ही रह रहे थे।

कोविड गाइडलाइन के तहत संबंधित बैरक के सभी 372 बंदियों को कोरोना टेस्ट कराया गया। जिसमें 19 और बंदी पॉजिटिव मिले। इसके बाद तो जेल प्रशासन के होश उड़ गए और शेष सभी बंदियों का कोरोना टेस्ट कराने का फैसला लिया गया। जेल अधीक्षक संतलाल यादव बताते हैं कि शुक्रवार को 44 बंदियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

 
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विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा गोरखपुर का यह स्थान, खूबसूरत होगा इसका नजारा

बस्ती जेल। (फाइल फोटो)

इन दरिंदों की हैवानियत से शर्मसार हुआ पूरा गांव, लोगों ने कहा- 'फांसी से कम नहीं होनी चाहिए सजा'

उत्तर प्रदेश के मगराजगंज जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां अपराध की दुनिया से दूर-दूर तक नाता न रखने वाले छह युवकों की करतूत से पूरा गांव शर्मसार हो गया है। शराब के नशे में इन युवकों ने एक बालिका के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी। बालिका के साथ हैवानियत करने के बाद दरिंदों ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपियों की इस कृत्य से शर्मसार हुए ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी घिनौनी हरकत करने वालों को फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए।  

यह है मामला
जिले के पुरंदरपुर क्षेत्र के एक गांव की बालिका का शव जंगल में स्थित पवह नाले के पास झाड़ी में 19 जनवरी को अर्धनग्न हाल में मिला था। पूछताछ में पता चला कि 12 साल की बालिका एक दिन पहले (18 जनवरी) दोपहर तीन बजे पकड़ी रेंज के जंगल में साइकिल से खरपतवार लेने गई थी।

शाम छह बजे तक वापस नहीं लौटी तो मां समेत गांव के अन्य लोग उसकी तलाश में जंगल की तरफ गए। पता न चलने पर सूचना पुरंदरपुर पुलिस को दी गई। मंगलवार की सुबह मां के साथ गांव के लोग जंगल में तलाश करने गए तो पवह नाले के समीप झाड़ी में बालिका का अर्धनग्न शव मिला था। मृत बालिका की मां की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू हुई।
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लॉकडाउन में नौकरी गई तो मजबूरी में घर पहुंचा ये शख्स, अब दाने-दाने के पड़े लाले

बस्ती जिले के बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत गोविंदापुर के महुआ डाबर गांव में दिव्यांग सिकंदर हुसैन अपने परिवार के साथ घास-फूस की झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं। लॉकडाउन में मुंबई में नौकरी छूट गई तो मजबूरी में घर आना पड़ा। वहीं तंत्र की बेरूखी ऐसी है कि इस दिव्यांग का अब तक राशन कार्ड नहीं बन पाया है। मूलभूत सुविधाओं से वंचित इस परिवार पर जिम्मेदारों की नजर नहीं पड़ रही है।

सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 78 प्रतिशत आबादी को हर माह खाद्यान्न उपलब्ध करा रही है। ऐसे में एक पात्र दिव्यांग का मूलभूत योजनाओं से वंचित रहना व्यवस्था पर कई प्रश्न खड़ा करता है। सिकंदर बताते हैं कि इसकी शिकायत डीएम से की थी। लेकिन बात नहीं बनी। वे बताते हैं कि पहले मुंबई में एक निजी कंपनी में जरी का काम करते थे। लेकिन कोरोना काल में नौकरी छूट गई और घर आना पड़ा। करीब सालभर से बेरोजगार हैं। आजकल खाने तक के लाले पड़े हैं।  
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गोरखपुर में बेयरिंग की दुकान में शार्ट सर्किट से लगी आग, फायरमैन समेत पांच झुलसे

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर के गोलघर, धर्मशाला रोड पर स्थित बेयरिंग स्टोर की दुकान में शुक्रवार की आधी रात शार्ट सर्किट से आग लग गई। दुकान से धुआं निकलता देख चौकीदार ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। कैंट, कोतवाली व गोरखनाथ पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच गई।

आग बुझाने के दौरान मोबिल की वजह से आग की लपट 12 फीट बाहर तक निकली, जिससे चार फायरमैन व दुकान मालिक झुलस गए। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। दुकान मालिक ने दो करोड़ की मशीनरी व सामान जलने की जानकारी दी है। फायर ब्रिगेड की टीम आग लगने के कारण की जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, फायरमैन निर्भय राय, आशीष नंद कुमार, ब्रजेश सिंह, नरेंद्र पाठक और दुकान मालिक आशीष गुप्ता झुलस गए। जानकारी के मुताबिक, शाहपुर के एचएन सिंह चौराहा की रहने वाली शोभा देवी की काली मंदिर के पास धर्मशाला रोड़ पर बेयरिंग व मशीनरी की दुकान है।



 
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प्रेम-प्रसंग का राजफाश की धमकी देना युवक को पड़ा भारी, दावत पर बुलाकर दोस्तों ने बेरहमी से कर दी हत्या

उत्तर प्रदेश के सिद्धर्थनगर जिले में कई दिनों से विकास हत्याकांड का चर्चा का विषय बना हुआ था। वहीं पुलिस ने भी शुक्रवार को हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान कई चौकानें वाले खुलासे हुए हैं।

दोस्त के प्रेम-प्रसंग की जानकारी छिपाने के एवज में बार-बार पार्टी लेना विकास की मौत का कारण बना। दोस्त ने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। विकास को बीयर और शराब पिलाई फिर गला दबा दिया। बेहोश होने पर गला रेतकर हत्या कर दी।

एसपी रामअभिलाष त्रिपाठी ने बताया कि 19 जनवरी को इटवा थानाक्षेत्र के निर्माणाधीन आईटीआई कॉलेज में पचमोहनी निवासी विकास की हत्या कर शव छोड़ दिया गया था। हत्या धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच में टीम लगी थी। साथ में सर्विलांस की टीम प्रयासरत थी।

इसी बीच शुक्रवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि हत्याकांड से जुड़े तीन लोग सेमरी चौराहे पर स्थित बैंक के पास मौजूद हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। तीनों संदिग्धों से पुलिस ने पूछताछ की कोशिश की तो भागने का प्रयास किए। मगर फोर्स अधिक होने के कारण पकड़ लिए गए।

पूछताछ में इन्होंने अपनी पहचान पिंटू पाल, पंकज निवासी पचमोहनी थाना ढेबरूआ और अतुल दुबे उर्फ विपिन दुबे निवासी गनवरिया पूरब थाना इटवा बताया। पूछताछ में तीनों ने विकास की हत्या की बात स्वीकारी। केस दर्ज करके तीनों को जेल भेज दिया गया।

 
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