सीएम योगी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ की समीक्षा बैठक, कहा- जेई, एईएस, डेंगू के साथ कोरोना ने बढ़ाई मुश्किलें

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Mon, 06 Jul 2020 08:15 PM IST
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आरएमआरसी के बायोसेफ्टी लैब का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
आरएमआरसी के बायोसेफ्टी लैब का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला।

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सार

  • गोरखपुर और बस्ती मंडल के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
  • बीआरडी के इंसेफेलाइटिस वार्ड का भी किया निरीक्षण

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेई, एईएस, डेंगू के साथ कोरोना आ गया है। इसलिए चुनौतियां इस बार ज्यादा है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह से तैयार रहना होगा। गोरखपुर और बस्ती मंडल के जिलों में सबसे अधिक जेई और एईएस के मरीज मिलते हैं। ऐसी स्थिति में यह तय किया जाए कि इंसेफेलाइटिस के मरीज सीधे बीआरडी न पहुंचे। बल्कि उनका इलाज ईटीसी (इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर) पर ही हो जाए।
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यह बातें उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सोमवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कहीं। कहा कि अगर बीआरडी में सीधे इंसेफेलाइटिस के मरीज आते हैं, तो यह देखा जाएं कि मरीज किस जिले के हैं और मरीज का इलाज उस जिले के जिला अस्पताल या फिर ईटीसी सेंटर पर हुआ है या नहीं। अगर ऐसा नहीं होता है तो संबंधित की जवाबदेही तय करें।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर और बस्ती मंडल की बैठक का मुख्य कारण जेई (जापानी इंसेफलाइटिस) और एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) के व्यापक कार्य योजना को देखना था। इन्हीं मंडलों में ज्यादातार मौतें जेई और एईएस से होती हैं। पिछले साल विभागीय समन्वयक के माध्यम से बीमारी में 60 फीसदी और मौतों में 90 फीसदी कमी आई है। जेई, एईएस और डेंगू के साथ कोरोना है। ऐसे में समस्या गहरा सकती है। इसलिए समीक्षा बैठक करनी पड़ी।

 व्यापक कार्य योजना बनी है। पूरे प्रदेश में हर ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर सर्विलांस की टीम सक्रिय की गई हैं। यह टीम दो काम करेगी। एक तरफ कोविड-19 स्क्रीनिंग की जाएगी, तो दूसरी तरफ जेई, एईएस का लक्षण पाया जाता है, तो ऐसे मरीजों की लिस्ट तैयार की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। बैकअप के साथ पूरी तैयारी रखी जाए। जेई और एईएस की ट्रेनिंग की व्यवस्था करते हुए जिले स्तर पर मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाए। इस दौरान अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, मंडलायुक्त जयंत नर्लिकर, मंडलायुक्त बस्ती अनिल सागर, डीएम के विजयेंद्र पांडियन, सिद्धार्थनगर डीएम दीपक मीणा, बस्ती डीएम आशुतोष रंजन, महराजगंज डीएम डॉ उज्जवल कुमार आदि मौजूद रहे।
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