Corona in Gorakhpur: अपराधियों को पकड़ने से ज्यादा खतरनाक है कोरोना हॉटस्पॉट की जिम्मेदारी

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Mon, 25 May 2020 07:02 PM IST
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कोरोना वायरस।
कोरोना वायरस। - फोटो : अमर उजाला।

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सार

  • पुलिसकर्मियों को कोरोना संक्रमण से बचाव करते हुए निभानी है ड्यूटी
  • हर हॉटस्पॉट पर 15 पुलिस कर्मचारियों की होती है तैनाती

विस्तार

कोरोना संक्रमण काल में बढ़ते हॉटस्पॉट पुलिस के लिए परेशानी का कारण गए हैं। कोरोना पॉजिटिव मिलने पर एरिया हॉटस्पॉट घोषित होता है तो वहां पंद्रह पुलिस कर्मियों की तैनाती का नियम है। ऐसे में इन्हें भी कोरोना संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसका उदाहरण दिल्ली और मुंबई पुलिस हैं।
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यहां तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी निभाने के साथ ही संक्रमण से भी बचाव करना है। उनका कहना है कि अपराधियों को पकड़ने से ज्यादा खतरनाक हॉटस्पॉट एरिया की ड्यूटी है।
मार्च के अंत में लॉकडाउन शुरू होने के बाद से जिले में अपराध का ग्राफ काफी कम हुआ है। इसका एक कारण लॉकडाउन की वजह से पुलिस की हर जगह की मौजूदगी भी है। लेकिन लगातार बढ़ रही कोरोना संक्रमितों की संख्या ने मुसीबत बढ़ा दी है।
पुलिसकर्मियों का कहना है कि जिले में नाकेबंदी से लेकर हॉटस्पॉट तक पुलिस का 24 घंटा सड़क पर बीत रहा है। रेलवे स्टेशन पर प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा, उनके बीच भोजन वितरण, मोहल्लों में गश्त करने के अलावा अन्य ड्यूटियां भी लग रही हैं। ऐसे में वे खुद को कोरोना वायरस से सुरक्षित रख पाना आसान नहीं है।

 
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लॉकडाउन में क्राइम का ग्राफ

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