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गोरखपुर

गुरूवार, 9 अप्रैल 2020

Coronavirus In Gorakhpur: शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले तो यहां होगा इलाज, जानिए क्या है चुनौती

कोरोना की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयारियां और तेज हो गई हैं। शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए अलग से 100 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों से जगह ढूंढने को कहा गया है। अगर गोरखपुर में कोई मरीज मिलता है तो उसको इलाज के लिए महराजगंज भेजा जाएगा। महराजगंज में अगर मरीज ज्यादा हो जाएंगे तो फिर उन्हें चरगांवा गोरखपुर में भर्ती कराया जाएगा।

बस्ती और महराजगंज मिलाकर 14 मरीज कोरोना संक्रमण के मिल चुके हैं। ऐसे में स्वास्थ्य महकमे ने तैयारी तेज कर दी है। विभागीय अफसरों का कहना है कि हर चुनौती से निपटने की तैयारी है। नए कोरोना अस्पताल के लिए शहर और उसके आसपास जगह ढूंढने की जिम्मेदारी सभी विभागों को दी गई है। इस अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव मरीज भर्ती किए जाएंगे।

इससे पहले चरगांवा में 30 बेड का अस्पताल बनाया गया है, जबकि जिला अस्पताल में आठ बेड का वेंटीलेटर वार्ड है। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ एके सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल प्रशासन को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जैसे ही जगह मिलेगी, वैसे ही 100 बेड का कोरोना अस्पताल बनाया जाएगा। यह निर्णय शासन की ओर से लिया गया है।
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Coronavirus in Gorakhpur: सिद्धार्थनगर के युवक की अंतिम जांच रिपोर्ट आई निगेटिव, इस वजह से परेशान हो गए थे डॉक्टर

सिद्धार्थनगर के एक युवक की कोरोना जांच की अंतिम रिपोर्ट निगेटिव आई है। इससे पहले स्क्रीनिंग रिपोर्ट पॉजिटिव की सूचना से उसे कोरोना का संभावित मरीज माना जा रहा था। वहीं आरएमआरसी में जांच के लिए आए 20 सैंपल में 19 की रिपोर्ट निगेटिव मिले थे।

जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात 20 सैंपल की जांच आरएमआरसी में की गई। इसमें 11 सैंपल कुशीनगर, चार सिद्धार्थनगर, एक देवरिया और तीन अयोध्या के शामिल थे। इनमें 19 की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि सिद्धार्थनगर के एक युवक की स्क्रीनिंग टेस्ट में कोरोना के लक्षण मिले थे।

इसके बाद आरएमआरसी की टीम युवक के सैंपल को दोबारा जांचने में जुट गई। पता लगाने की कोशिश की गई कि युवक के शरीर में कोविड-19 के वायरस हैं या नहीं। एहतियातन, आरएमआरसी ने इसकी सूचना सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन को दे दी है।

बताया जाता है कि युवक और उनके पिता बस्ती में मृत युवक के जनाजे में शामिल होने बस्ती गए थे। बस्ती से लौटने के बाद जिला प्रशासन ने पूरे परिवार के 15 लोगों को होम क्वारंटीन कर दिया था। सभी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। युवक के पिता की रिपोर्ट पहले निगेटिव आ चुकी है।
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अनुज सिंह और उनकी पत्नी हर्षिता माथुर। अनुज सिंह और उनकी पत्नी हर्षिता माथुर।

कोरोना से डरकर दिल्ली से घर आना इस शख्स को पड़ा भारी, पुलिस ने ऐसे पहुंचा दिया जेल

कोरोना संक्रमण की दहशत से दिल्ली से भागकर घर आए 15 हजार के इनामी बदमाश धर्मेंद्र बिहारी को शाहपुर पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। गुलरिहा पुलिस को भी उसकी लंबे समय से तलाश थी।

गुलरिहा के तरकुलहा निवासी धर्मेंद्र बिहारी शातिर बदमाश है। शाहपुर में चोरी-नकबजनी के आठ मुकदमों में  वह वांछित चल रहा था। एसएसपी ने उसके ऊपर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। शाहपुर इलाके में हुई चोरी और नकबजनी की कई घटनाओं में उसका नाम सामने आया था। मार्च महीने की शुरुआत में ही वह पुलिस की नजर में आया था।

जब उसे पता चला कि पुलिस उसके पीछे पड़ गई है तो वह दिल्ली भाग गया था। पर लॉकडाउन के बीच वह दिल्ली से लौटा और अपनी बहन के घर चला गया। वहां कुछ दिन रहने के बाद यह अपने गांव आया था। उधर मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे शाहपुर मोड़ से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक छह अप्रैल को ही उसके ऊपर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। शाहपुर पुलिस को यकीन है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद इलाके में चोरी की वारदातों में कमी आएगी। पुलिस ने उसके पास से 1380 रुपये और चोरी के जेवरात बरामद किए हैं।
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Gorakhpur Lockdown: लोगों की ये लापरवाही कहीं पड़ ना जाए भारी, तस्वीरों में देखें ऐसे दे रहे 'मौत' को दावत

लॉकडाउन के दौरान लोग सोशल डिस्टेंस नियमों का पालन करने के बजाय खिलवाड़ कर रहे हैं। जबकि पुलिस प्रशासन बेवजह घर से निकलने वाले लोगों के साथ सख्ती से पेश आ रही है। पुलिस प्रशासन यह कोशिश कर रहा है कि लोग अपने घरों से बाहर न निकलें। प्रशासन के बार-बार मना करने के बाद भी लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। साथ ही सोशल डिस्टेंस का उल्लंघन करते हुए लोग बाजारों में सामान की खरीदारी करने के लिए भीड़ इकट्ठी कर रहे हैं। जबकि प्रशासन द्वारा डोर टू डोर डिलीवरी की व्यवस्था की गई है। उसके बावजूद भी लोग इस नियम की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...

सभी फोटोज शिवहर्ष द्विवेदी, आनंद चौधरी, अमर उजाला गोरखपुर
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उज्ज्वला गैस कनेक्शन धारक जल्द कर लें बुकिंग, वरना करनी पड़ेगी ये भरपाई

लॉकडाउन के दौरान कमजोर आय वर्ग के लोगों के घरों के चूल्हे जलते रहें, इसे लेकर सरकार ने उज्ज्वला गैस कनेक्शन धारकों को तीन सिलिंडर देने का एलान किया है। इसके लिए जिले के ढाई लाख उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड बैंक खाते में 14.2 किलो के सिलिंडर के रिफिलिंग की राशि भेजी गई है।

लाभार्थियों के खाते में मिली रकम से गैस सिलिंडर को बुक कराना है और डिलीवरी के वक्त ये धनराशि गैस एजेंसी संचालक को देनी है। मगर लाभार्थियों की बेरुखी से शासन की मंशा को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है।

आलम यह है कि ढाई लाख उपभोक्ताओं के खातों में तीन और चार अप्रैल को धनराशि ट्रांसफर किए जाने के बाद भी महज 10 फीसदी लाभार्थियों ने सिलिंडर की बुकिंग कराई है। शेष लाभार्थी ये मानकर बैठ गए हैं कि सिलिंडर के लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं करना है।

नियम के मुताबिक खाते में आई रकम से सिलिंडर का भुगतान लाभार्थियों को ही करना है। गैस कंपनियों की ओर से बार-बार जागरूक किए जाने के बाद भी लाभार्थी सिलिंडर बुक कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं

 
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बस्ती: हॉटस्पॉट के चार किमी को बनाया गया कंटेनमेंट व बफर जोन, जानें क्या होता है ये

सांकेतिक तस्वीर
कोरोना वायरस के नियंत्रण को शहर के तुरकहिया, मिल्लतनगर व गिदही खुर्द को हॉटस्पाट में शामिल किया है। इन स्थलों के दो-दो किमी परिधि को पूरी तरह सील कर दिया गया है। इन दोनों स्थलों के एक किमी (किलोमीटर) परिधि कंटेनमेंट तो एक किमी बफर जोन बनाया गया है। इस क्षेत्र में आवागमन पर पूरी तरह रोक है।

डीएम आशुतोष निरंजन ने उक्त की पुष्टि करते हुए कहा कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए उक्त क्षेत्र को सील किया गया है। क्योंकि अब तक मिले आठ पॉजिटिव केस यहीं के हैं। कोरोना वायरस न फैले ऐसे में इन मोहल्लों के दो-दो किमी परिधि को कंटेनमेंट व बफर जोन माना गया है। इसमें आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह रोक अग्रिम आदेश तक जारी रहेगा। यहां सबसे पहले 30 मार्च को कोरोना पॉजिटिव तुरकहिया निवासी एक युवक की मौत हो गई थी। उक्त युवक से जुड़े परिवार व दोस्तों को क्वारंटीन में रैपिड रिस्पांस टीम ने रख लिया गया।

इस क्षेत्र के करीब साढ़े सात हजार घरों का सर्वे कर उनके जांच किए गए। परिवार के सात सदस्य व मृतक के एक करीबी मित्र सहित कुल आठ लोग पॉजिटिव पाए गए। हालांकि प्रशासन ने तत्काल इस पर कदम उठाया और फिर समूचे क्षेत्र को सील कर दिया।

तुरकहिया से सटे मिल्लतनगर के अलावा गिदही खुर्द के आसपास के इलाकों को कंटेंटमेंट व बफर जोन बनाकर सील किया गया है। इन स्थलों पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रशासन कराएगा।
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जानिए कौन हैं ये सात कोरोना योद्धा, जो जोखिम की परवाह किए बिना पूरी कर रहे हैं ये चुनौतियां

बस्ती: मां से झगड़ा कर घर से निकला था युवक, चार घंटे बाद इस हाल में मिला शव

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से बड़ी खबर आ रही है। यहां कोतवाली क्षेत्र में एक युवक की पेड़ की डाली से लटकता शव मिलने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना परह पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और जांच में जुट गई है।

ये है मामला
मिली जानकारी के मुताबिक शहर के कोतवाली क्षेत्र के पचपेड़िया मोहल्ले में 22 वर्षीय चिराग अली की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। बृहस्पतिवार को घर के पास स्थित पेड़ की डाल से लटकी लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। नायलॉन की रस्सी से फंदा बनाकर गले में फंसा पाया गया। बताया जा रहा है कि चिराग अली आटो चालक था। सुबह मां ने किसी बात पर उसे डांट दिया था। माना जा रहा है कि इसी से क्रोधित होकर उसने यह कदम उठा लिया।
 
सीओ सिटी गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस सभी सम्भावनाओं पर गौर करते हुए जांच कर रही है।

अधिक जानकारी मिलने पर खबर अपडेट किया जाएगा...
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आज से वैशाख का महीना शुरू, जानिए कैसे खुश होंगे भगवान विष्णु, गलती से भी ना करें ये काम

हिंदू पंचांग के अनुसार दान-पुण्य कर पूजन-अर्चन का विशेष महीना वैशाख बृहस्पतिवार से शुरू हो रहा है जो सात मई तक चलेगा। ये मास भगवान विष्णु की उपासना का है।

पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि धर्मशास्त्र में वैशाख के महीने में व्रत, दान और पूजन का बड़ा माहात्म्य (गौरव) है। स्कंद पुराण में वैशाख को सब मासों में उत्तम कहा गया है। पुराणों में कहा गया है कि जो वैशाख में सूर्योदय से पहले स्नान करता है तथा व्रत रखता है, वह भगवान विष्णु का कृपापात्र होता है।
 
पंडित बृजेश पांडेय ने बताया कि लॉकडाउन में व्रती स्वंय अपने घर पर रहकर सूर्योदय के समय स्नान करें। स्नान के उपरांत सूर्य को अर्घ्य देकर गायत्री जाप करें। यदि घर में पवित्र नदी का जल हो तो उसे पूजा के जलपात्र में प्रक्षेपण कर प्रयोग में लाएं।
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CoronaVirus in Gorakhpur: घर से निकल कर बांट रहे हैं राशन तो पढ़ लें पूरी खबर, इस एक गलती की चुकानी पड़ सकती है बड़ी कीमत

गोरखपुर जिला प्रशासन ने निजी संस्थाओं या व्यक्तिगत तौर पर किसी जरूरतमंद या गरीब को भोजन या किसी भी तरह की राहत सामग्री वितरित करने पर रोक लगा दी है। यही नहीं भोजन या खाद्य पदार्थ के वितरण के दौरान सेल्फी और फोटोग्राफी भी पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

दरअसल यह बात सामने आई है कि लोग भोजन या खाद्यान्न बांटते समय सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रख रहे हैं। भीड़ इकट्ठा हो रही है और ग्रुप फोटो खींचने के चक्कर में सब एक-दूसरे से सटकर खड़े हो जा रहे हैं।

डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने चेताया है कि अगर किसी ने भी प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना खाद्य सामग्री का वितरण किया और वितरण के दौरान सेल्फी, फोटोग्राफी की तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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मेडिकल की पढ़ाई करने किर्गिस्तान में गए 500 छात्रों का जीवन संकट में, जानें क्या है वजह

कोरोना के कहर से बचने के लिए सभी देश लॉकडाउन का सख्ती से अनुपालन कर रहे हैं। भयावह संकट के इस दौर में मेडिकल की पढ़ाई करने गए गोरखपुर मंडल के करीब पांच सौ छात्र किर्गिस्तान में फंसे हुए हैं। जिनका जीवन संकट में हैं। कोरोना के चलते अपने फ्लैट में कैद छात्रों के पास खाने-पीने की सामग्री भी नहीं है। कोरोना से लड़ने में व्यस्त लोकल प्रशासन कोई मदद नहीं कर रहा है।

18 नंबर वार्ड की जिला पंचायत सदस्य शशिकला निषाद ने सदर सांसद रवि किशन शुक्ला को पत्र लिख कर गुहार लगाई कि गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर और देवरिया जिले से करीब 500 छात्र तीन वर्षों से किर्गिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। पूरी दुनिया की तरह किर्गिस्तान में भी कोनोरा के चलते लॉकडाउन है। सभी छात्र तकरीबन 10 से 15 दिनों से अपने हॉस्टल के कमरों में कैद हैं।

वहां की सभी दुकाने बंद होने के कारण उनके सामने दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गए हैं। शशिकला ने बताया कि मेरा छोटा बेटा राहुल राज कश्यप भी इन छात्रों के साथ वहां फंसा हुआ है। उसने मुझे फोन करके वहां के हालात बताए। जिला पंचायत सदस्य ने सदर सांसद से गुहार लगाई है कि विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद इन छात्रों को भारत लाएं।
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