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क्लैट 2019 : सोशल मीडिया से दूरी बनाकर की तैयारी, पाई 26वीं रैंक, दिए कारगर टिप्स

क्लैट में ऑल इंडिया 26वीं रैंक हासिल करने वाली अदिति सेठ ने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर तैयारी की।

16 जून 2019

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गुजरात

गुरूवार, 27 फरवरी 2020

CBSE Board 2020: बोर्ड ने जारी की नई मार्किंग स्कीम, पास होने के लिए ये जरूरी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE - Central Board Secondary Education) शैक्षणिक सत्र 2020 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए नई मार्किंग स्कीम जारी की है। इसमें बोर्ड ने बताया है कि कक्षा 10वीं और 12वीं में पास होने के लिए छात्रों को किस विषय की किन परीक्षाओं में कितने अंक लाना जरूरी है।

इसके लिए बोर्ड ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि अधिकांश विषयों में दो से तीन असेसमेंट के क्षेत्र होते हैं- थ्योरी, प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट/इंटरनल असेसमेंट। इन सभी में सबसे ज्यादा अंक थ्योरी परीक्षा के लिए होते हैं।

इसके लिए बोर्ड ने हर विषय में किस परीक्षा में पास होने के लिए कितने अंक जरूरी हैं, इसका ब्लूप्रिंट भी जारी किया है। इसकी लिंक आपको इस खबर में आगे दी जा रही है।
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गुरुग्राम में शादी से इनकार करने पर ताइक्वांडो की राष्ट्रीय खिलाड़ी की गोली मारकर हत्या

गुरुग्राम के पटौदी के भोड़ाखुर्द गांव में मंगलवार तड़के सिरफिरे आशिक ने शादी से इनकार करने पर ताइक्वांडो की राष्ट्रीय खिलाड़ी सरिता की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने महिला खिलाड़ी की मां को भी जान से मारने की धमकी दी और फरार हो गया। 

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी पहलवान है और उसके खिलाफ पहले भी छेड़छाड़ व जान से मारने के दो अन्य मामले दर्ज हैं।  बिलासपुर थाना पुलिस ने उसकेखिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

 एसीपी क्राइम प्रीतपाल सिंह के मुताबिक, भोड़ाखुर्द निवासी सरिता (25) अपनी मां और परिवार के लोगों के साथ घर में सो रही थी। तड़के करीब तीन बजे बामडोली (झज्जर)निवासी सोमबीर(27) दीवार फांदकर घर में घुस आया। 

उसने सरिता को उठाकर शादी करने का दबाव बनाया। करीब एक घंटे तक दोनों में बातचीत के बाद सरिता ने शादी से इनकार कर दिया और सोमबीर को वहां से जाने के लिए कहा। इस पर वह तैश में आ गया और कमरे से बाहर निकलकर आखिरी बार पूछा कि तुम मुझसे शादी करोगी या नहीं। सरिता के मना करने पर उसने पिस्तौल निकाली और छाती पर करीब से गोली मार दी। 
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IIT में अब शायरी सीख रहे हैं छात्र, दिलचस्प है वजह

शौक से शायरी करना और किसी खास मकसद के लिए शायरी सीखना.. ये दोनों अलग-अलग बातें हैं। हर संस्थान में कई ऐसे छात्र होते हैं जिनके अंदर पहले से ही शायरी की कला होती है। लेकिन एक संस्थान ऐसा है जहां छात्र खास तौर पर शायरी सीख रहे हैं। ये है भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर (IIT Gandhinagar)।

गुजरात स्थित आईआईटी गांधीनगर के छात्रों के बीच शायरी सीखने और शब्दों से दोस्ती करने का चलन बढ़ा है। इसका कारण है कि वहां के छात्रों को अलग-अलग भाषाएं सिखाई जा रही हैं। कई छात्रों ने उर्दू को अन्य भाषा (Elective course) के रूप में चुना है तो कई ने फ्रेंच को।

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शायरी की तरह है मैथ्स

इस संबंध में छात्र अपने अनुभव भी साझा कर रहे हैं। अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के अनुसार एक छात्र ने कहा कि 'मुझे लगता है कि मैथ्स भी शायरी की तरह ही है। शायरी के लिए भी मैथ्स की तरह ही रिसर्च की जरूरत है।'

छात्रों का कहना है कि भाषा की बेहतर जानकारी बेहद जरूरी है। क्योंकि इसके जरिए आपको अपना आइडिया सही तरीके से दुनिया के सामने रखने, लोगों को अपनी बात समझाने में मदद मिलती है।

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वहीं, एक अन्य छात्रा का कहना है कि भाषाओं का ज्ञान उन्हें उनके डर से निपटने में मदद कर रहा है। आईआईटी जैसे संस्थानों में जहां छात्र तकनीकी पढ़ाई में उलझे रहते हैं, वहां इस तरह की गतिविधियों से छात्रों को अपना व्यक्तित्व निखारने में काफी मदद मिलती है।

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मोदी बोले- भारत व अमेरिका को स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर गर्व, जानें इनकी खासियतें

Statue of Unity Vs Statue of Liberty: दुनिया में कई ऐसे निर्माण हुए हैं जिन्हें देखकर लोग आश्चर्य करते हैं। जिन्हें बनाने वाले की तारीख किए बिना मन रह नहीं पाता। न्यूयॉर्क की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी और गुजरात की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी इन्हीं खूबसूरत निर्माणों में से एक हैं। अपने भारत दौरे के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोमवार, 24 फरवरी को गुजरात में अपने भाषण के दौरान स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तारीफ की।

इस मौके पर ट्रंप का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि दोनों देशों के बीच विविधता एक मजबूत रिश्ते का आधार है। एक देश के पास स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी है तो दूसरे के पास स्टैच्यू ऑफ यूनिटी। दोनों को इनपर गर्व है।



यहां हम आपको बता रहे हैं कि दुनिया की इन दो बेहद खास प्रतिमाओं के बारे में। दोनों की खासियतों के बारे में। 
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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी

राज्यपाल को भा रहा दुधवा का प्राकृतिक नजारा

पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर रेंज में मंगलवार को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने जंगल का प्राकृतिक वातावरण देखा। झादीताल जाकर पक्षियों का दीदार किया। यहां उनको चीतल दिखाई दिए, जिसे उन्होंने दुलारा भी।
मंगलवार को किशनपुर रेंज में एफडी संजय पाठक, डीडी मनोज सोनकर ने उनका स्वागत किया और किशनपुर जंगल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राज्यपाल ने साथ गए लोगों से कहा कि दुधवा नेशनल पार्क का शांत वातावरण काफी अच्छा लगा। करीब तीन घंटे से अधिक समय तक जंगल में घूमने के बाद उन्होंने कुछ देर विश्राम भी किया। उसके बाद उनका काफिला दुधवा नेशनल पार्क पहुंचा। यहां रात्रि विश्राम के बाद बुधवार की सुबह सभी लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।
सलूकापुर में बाघ और गैंडों का किया दीदार
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल सोमवार को सलूकापुर रेंज में हाथी की सवारी करके तीन गैंडों का दीदार किया। गैंडों को करीब से देखकर प्रसन्नता जाहिर की। यहां उन्होंने बाघ भी देखा। इस पर साथ में मौजूद गाइड और अन्य लोगों से कहा की पास से बाघ देख कर काफी अच्छा लगा और दुधवा आना सफल हो गया।
पलिया से निकालने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
दुधवा नेशनल पार्क से राज्यपाल का काफिला किशनपुर रेंज के लिए कार से गया था। यहां पर पलिया से उनको निकालने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। उनके आने से पहले ही ट्रैफिक को रोक दिया गया। कड़ी मशक्कत के बाद उनके काफिले को निकाला गया। इसी तरह वापसी में भी रास्तों को बंद कर काफिले को दुधवा तक पहुंचाया गया।
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यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल परिवार के साथ दुधवा पहुंचीं

पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था काफी टाइट रही। हवाई पट्टी से लेकर दुधवा नेशनल पार्क तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। यहां तक कि हेलीपैड से भी काफी दूरी पर लोगों को रोक दिया गया। जिसके कारण वहां काफी भीड़ जमा हो गई। हवाई पट्टी मार्ग पर जगह-जगह सिपाही खड़े हुए थे जो दुधवा नेशनल पार्क तक सुरक्षा व्यवस्था में लगे थे। दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन परिसर में मशीन से चेकिंग कर अंदर इंट्री दी जा रही थी। यहां पर भी आम लोगों को दूर रखा गया था।
पांच दिवसीय दौरे के तहत परिवार के साथ यहां पहुंची यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की सुरक्षा को लेकर कड़े प्रबंध किए गए थे। हवाई पट्टी के साथ ही दुधवा तक सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, एसपी पूनम भी लगी हुईं थी। कई सर्किल के सीओ के साथ ही कई थानों का पुलिस बल बुला लिया गया था। हवाई पट्टी पर चारों तरफ पुलिस बल तैनात रहा। साथ ही रास्तों पर भी सिपाहियों को दुधवा पार्क तक तैनात किया गया था। जिसके चलते आम लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।

हवाई पट्टी मोड़ और गौरीफंटा के पास रोका गया ट्रैफिक

राज्यपाल के काफिले में कोई व्यवधान न हो इसके लिए हवाई पट्टी मोड़ से पहले ट्रैफिक रोका गया था। यहां भारी पुलिस बल तैनात था। वहीं चंदनचौकी व गौरीफंटा के रास्तों पर भी पुलिस बल तैनात रहा। जिससे काफी संख्या में वाहनों का लाइन दूर-दूर तक लगी रही। काफिला निकल जाने के बाद आवागमन सुचारू हो सका।

भाजपा नेता से की मुलाकात

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पलिया हवाई पट्टी से निकलते समय गाड़ी रोककर भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष कुंता अग्रवाल से मुलाकात कर उनका अभिवादन स्वीकार किया। भाजपा नेता ने पुष्प भेंट कर उनका स्वागत किया।

 

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दोनों बच्चों के वकील बनने के बाद मां ने शुरू की वकालत की पढ़ाई, जीते चार गोल्ड मेडल

दुधवा पहुंचने पर लोगों का अभिनंदन स्वीकार करतीं राज्यपाल।
किसी ने सच ही कहा है कि पढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती। उम्र के किसी भी पड़ाव पर आप अपनी अधूरी ख्वाहिशें पूरी कर सकते हैं। इस बात को साबित कर दिखाया है नीती रावल ने।

55 साल की नीति रावल करीब 30 साल तक गृहिणी रहीं। लेकिन अब वह एक वकील बन चुकी हैं। नीती वकीलों के परिवार से आती हैं। उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी। दोनों ही वकील हैं। बेटी की शादी भी हो चुकी है। जबकि उनके बेटे ने मुंबई के एक लॉ फर्म में नौकरी ज्वाइन की है।

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नीति कहती हैं, 'बेटे के मुंबई चले जाने और बेटी की शादी के बाद घर पर मुझे काफी अकेला महसूस होता था। मैं कुछ करना चाहती थी।' इसके बाद नीति ने वो पेशा चुनने का फैसला किया जिसमें उनका परिवार और उनके बच्चे काम कर रहे हैं। नीति ने गुजरात विश्वविद्यालय में दाखिला ले लिया। पढ़ाई छोड़ने के 30 साल बाद। अब नीति ग्रेजुएट हो चुकी हैं। खास बात ये है कि नीति ने दीक्षांत समारोह में चार गोल्ड मेडल भी हासिल किए हैं।  

नीति रावल के पति मॉलिन रावल अपनी पत्नी की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। वह कहते हैं कि 'मुझे अपनी पत्नी पर गर्व है कि उसने 30 साल तक गृहिणी रहने के बाद पढ़ाई पूरी की।'

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अब नीति लॉ में मास्टर्स डिग्री पूरी करना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने दाखिले के फॉर्म भी भर दिए हैं। गुजरात विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में नीति के साथ उनके पति और बेटी भी शामिल हुए थे। यहां अपनी मां को गोल्ड मेडल पाता देख बेटी भी काफी खुश थीं। ... और पढ़ें

गुजरात के नवसारी में भजन गायिका अल्पा पटेल पर लोगों ने उड़ाए 25 लाख रुपये, देखिए वीडियो

गृह मंत्री अमित शाह बोले, सर्जिकल स्ट्राइक से आतंकी साजिशों का करारा जवाब दे रहा है भारत

शनिवार को अपने गुजरात के दौरे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में महात्मा मंदिर परिसर में सार्वजनिक सुरक्षा के महत्वपूर्ण कार्यक्रम ‘विश्वास’ और ‘साइबर आश्वस्त’ प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर गांधीधाम समेत कई जिलों के पुलिस मुख्यालय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे।
 
प्रोजेक्ट के लोकार्पण के दौरान गृह मंत्री ने गुजरात के विकास की प्रशंसा करते हुए कहा की गुजरात कई महत्वपूर्ण विषयों में पूरे देश का मार्गदर्शन कर रहा है। वैसे आज इस ‘साइबर आश्वस्त’ प्रोजेक्ट की शुरुआत करके गुजरात ने पूरे देश को नई दिशा दिखाई है।
 
गृहमंत्री ने इस मौके पर पोस्ट विभाग की तरफ से तैयार की गई गुजरात की सांस्कृतिक विरासत का परिचय देती हुई बुक ‘हैंडबुक ऑन पोस्टल सर्विस’ का अनावरण किया। शाह ने इस मौके पर डाक विभाग के एक लिफाफे का अनावरण करते हुए कहा कि यह गुजरात की संस्कृति व आदिवासी परंपराओं का एंबेसडर बनेगा। यह लिफाफा देश-विदेश में जहां भी जाएगा गुजरात के एंबेसडर की तरह प्रचार करेगा। 
 
गृहमंत्री ने इस अवसर पर भारत की तरफ से की गई सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब किसी भी प्रकार के हमलों का जवाब देने में समर्थ है। भारत अब सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले देशों में शामिल है। भारत के आर्थिक विकास की बात करते हुए उन्होंने कहा कि 70 सालों के प्रयासों के बाद देश की इकोनॉमी दो ट्रिलियन तक पहुंची थी और मोदी सरकार ने सिर्फ पांच साल में दो से तीन ट्रिलियन की इकोनोमी बना दी, आज भारत दुनिया की सातवीं अर्थव्यवस्था बनी है।
 
इसके बाद गृहमंत्री ने गांधीनगर रेलवे स्टेशन का दौरा किया, जहां उन्होंने गांधीनगर से जुड़े हुए कलोल, चांदलोडिया, साबरमती, छारोडी और साणंद रेलवे स्टेशन पर वाईफाई सुविधा और यात्री सुविधा के लिए इलेक्ट्रॉनिक सूचना बोर्ड का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने गांधीनगर रेलवे स्टेशन के परिसर में 100 फुट की ऊंचाई पर तिरंगा झंडा भी फहराया।
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MBBS की सीटें बढ़ाने के लिए पांच नए मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी

बीते साल उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत देश के विभिन्न राज्यों में मेडिकल की कई सीटें बढ़ाई गई हैं। कुछ जगहों पर नए मेडिकल कॉलेजों के जरिए, तो कहीं पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाकर। अब उनके अलावा देश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की मांग शुरू हो गई है। इस बार गुजरात सरकार ये कॉलेज खोलने की तैयारी में जुटी है। इसके लिए गुजरात सरकार ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अब उसे मंजूरी के लिए आगे भेजा जाएगा। ये जानकारी गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने दी है।

नितिन पटेल ने बताया कि अगर अनुमति मिल गई तो जल्द ही ये कॉलेज गुजरात के पंचमहल, गिर सोमनाथ, देवभूमि द्वारका, बोताड और मोरबी जिलों में केंद्र सरकार की योजना के तहत खोले जाएंगे।

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